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Lakhimpur Kheri News: पंप बंद होने से पेयजल का भी संकट, 20 का जार 40 रुपये तक पहुंचा
Sun, 27 Sep 2026 11:45 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:45 PM IST
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मोहल्ला महाराजनगर में पानी के जार खरीदते लोग। संवाद
लखीमपुर खीरी। बिजली गुल होने से शहर में पेयजल संकट भी खड़ा हो गया। पंप बंद होने से दो दिन से कई घरों के नलों में पानी नहीं आया और पानी की टंकियां खाली हो गईं। रविवार को लोग पानी के लिए सरकारी नलों पर कतार में खड़े नजर आए। कई लोगों ने किराये पर जनरेटर मंगवाकर समरसेबिल चलाए और घरों की टंकियां भरीं।
एक मोहल्ले में युवक के घर जनरेटर लगने के बाद आसपास के लोग भी जनरेटर अपने घर ले जाने के लिए खड़े दिखाई दिए। नगर पालिका ने संकट को देखते हुए मोहल्लों में टैंकर भेजे। इससे लोगों को कुछ राहत मिली। वहीं पानी की मांग बढ़ने पर रविवार सुबह कुछ विक्रेताओं ने जार के दाम बढ़ा दिए। सामान्य दिनों में 20 रुपये में मिलने वाला पानी का जार 40 रुपये तक बेचा गया। बड़ी केन 50 रुपये तक में बेची गई। मजबूरी में लोगों को महंगे दाम पर पानी खरीदना पड़ा।
नगर पालिका ने पानी की सप्लाई सामान्य करने के लिए अपने पंपों पर जनरेटर लगवाए। बिजली के अभाव में बंद पड़े पंपों को जनरेटर से चलाकर मोहल्लों में पानी पहुंचाने की कवायद शुरू की गई। पालिका अधिकारियों के मुताबिक पंप चलने के बाद प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति धीरे-धीरे सुचारु की जा रही है।
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एक मोहल्ले में युवक के घर जनरेटर लगने के बाद आसपास के लोग भी जनरेटर अपने घर ले जाने के लिए खड़े दिखाई दिए। नगर पालिका ने संकट को देखते हुए मोहल्लों में टैंकर भेजे। इससे लोगों को कुछ राहत मिली। वहीं पानी की मांग बढ़ने पर रविवार सुबह कुछ विक्रेताओं ने जार के दाम बढ़ा दिए। सामान्य दिनों में 20 रुपये में मिलने वाला पानी का जार 40 रुपये तक बेचा गया। बड़ी केन 50 रुपये तक में बेची गई। मजबूरी में लोगों को महंगे दाम पर पानी खरीदना पड़ा।
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नगर पालिका ने पानी की सप्लाई सामान्य करने के लिए अपने पंपों पर जनरेटर लगवाए। बिजली के अभाव में बंद पड़े पंपों को जनरेटर से चलाकर मोहल्लों में पानी पहुंचाने की कवायद शुरू की गई। पालिका अधिकारियों के मुताबिक पंप चलने के बाद प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति धीरे-धीरे सुचारु की जा रही है।

मोहल्ला महाराजनगर में पानी के जार खरीदते लोग। संवाद
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