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संविधान और लोकतंत्र विरोधी कार्य कर रही सरकार : कृष्णा अधिकारी
Mon, 30 Jun 2025 11:35 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 30 Jun 2025 11:35 PM IST
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डीएम कार्यालय ज्ञापन सौंपने आए भाकपा माले के पदाधिकारी। संवाद
लखीमपुर खीरी। बेसिक स्कूलों को विलय किए जाने समेत तमाम मुद्दों को लेकर सोमवार को भाकपा माले व भारतीय किसान यूनियन दशहरी गुट के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर हुंकार भरी। भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि सरकार संविधान और लोकतंत्र विरोधी कार्य कर रही है।
बता दें कि महात्मा बुद्ध की धरती बहराइच में सांप्रदायिक सौहार्द्र के प्रतीक गाजी सालार मसूद के मेले पर रोक लगाने, मस्जिदों पर बुलडोजर चलाने, तराई के 600 मदरसों को बंद करने के खिलाफ भाकपा माले व इंसाफ मंच ने प्रतिवाद दिवस मनाते हुए यह कार्यक्रम किया है। इसके तहत पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर भाकपा माले ने धरना-प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा।
कृष्णा अधिकारी ने कहा कि प्रदेश में जिस तरह मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है, उससे 2200 साल पुरानी उन घटनाओं की याद ताजा हो जाती है, जब बौद्ध बिहारों, मठों और नालंदा जैसे शिक्षा केंद्रों का विनाश करके मनुस्मृति को लादकर समाज को अंधकार युग में धकेल दिया गया था। हमारा संविधान और हमारा लोकतांत्रिक समाज इसकी अनुमति नहीं देता है।
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भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी के सुबोध ने कहा कि योगी सरकार की यह कार्रवाई संविधान और लोकतंत्र विरोधी है। गरीबों और मजलूमों पर सिर्फ अत्याचार हो रहे हैं।
महिला नेता पूनम ने कहा कि बेरोजगारी तो पहले से ही बढ़ी हुई है। मदरसों के बंद होने से और बढ़ेगी। स्कूलों का विलय नहीं, बल्कि वहां बेहतर शिक्षा के इंतजाम किए जाएं। कार्यक्रम को भाकपा माले के जिला कमेटी सदस्य कामरेड मुसाफिर,राजेश, अलगु, एडवोकेट राजेश आदि ने संबोधित किया।
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बता दें कि महात्मा बुद्ध की धरती बहराइच में सांप्रदायिक सौहार्द्र के प्रतीक गाजी सालार मसूद के मेले पर रोक लगाने, मस्जिदों पर बुलडोजर चलाने, तराई के 600 मदरसों को बंद करने के खिलाफ भाकपा माले व इंसाफ मंच ने प्रतिवाद दिवस मनाते हुए यह कार्यक्रम किया है। इसके तहत पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर भाकपा माले ने धरना-प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा।
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कृष्णा अधिकारी ने कहा कि प्रदेश में जिस तरह मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है, उससे 2200 साल पुरानी उन घटनाओं की याद ताजा हो जाती है, जब बौद्ध बिहारों, मठों और नालंदा जैसे शिक्षा केंद्रों का विनाश करके मनुस्मृति को लादकर समाज को अंधकार युग में धकेल दिया गया था। हमारा संविधान और हमारा लोकतांत्रिक समाज इसकी अनुमति नहीं देता है।
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भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी के सुबोध ने कहा कि योगी सरकार की यह कार्रवाई संविधान और लोकतंत्र विरोधी है। गरीबों और मजलूमों पर सिर्फ अत्याचार हो रहे हैं।
महिला नेता पूनम ने कहा कि बेरोजगारी तो पहले से ही बढ़ी हुई है। मदरसों के बंद होने से और बढ़ेगी। स्कूलों का विलय नहीं, बल्कि वहां बेहतर शिक्षा के इंतजाम किए जाएं। कार्यक्रम को भाकपा माले के जिला कमेटी सदस्य कामरेड मुसाफिर,राजेश, अलगु, एडवोकेट राजेश आदि ने संबोधित किया।