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नमक में आयोडीन की मात्रा की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:03 PM IST
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नमक
- फोटो : Getty Images
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- आशा बहुओं को लेने होंगे 50 नमूने
- लखनऊ में होगी आयोडीन की मात्रा की जांच
सेहत महकमा जल्द ही जिले में अभियान चलाकर नमक में आयोडीन की मात्रा की जांच कराएगा। बच्चों को आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए यह अभियान चलेगा। इसके लिए आशा बहुओं को लगाकर नमक के नमूने इकट्ठा कराए जाएंगे। आशा बहुओं को हर माह कम से कम पचास नमूने लेने होंगे। इन नमूनों की पहले जिले में और फिर लखनऊ स्थित राज्य कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय पर जांच की जाएगी।
एडिशनल सीएमओ एवं एनएचएम के नोडल प्रभारी मातादीन ने बताया कि आयोडीन की कमी से बच्चों का मानसिक विकास नहीं हो पाता है, वहीं इसकी कमी से बच्चों के साथ-साथ बड़ों में भी घेंघा रोग होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए शासन ने जिले में अभियान चलाकर नमक की जांच कराने का निर्णय लिया है, जिससे घरों में प्रयोग होने वाले खुला (डेली वाला) एवं पैकिंग नमक में आयोडीन की मात्रा कितनी है, इसकी जानकारी हो सके। नमक के सैंपल लेने के लिए आशा बहुओं को लगाया जाएगा। इन्हें हर माह पचास नमूने इकट्ठा करने होंगे, इसके लिए आशा बहुओं को परीक्षण किट भी दी जाएगी। नमूने के दौरान सौ ग्राम नमक लेना होगा और दिए गए प्रपत्र पर नमक खुला वाला है या फिर पैकिंग का, इसके साथ पैकिंग वाले नमक के ब्रांड का नाम लिखना होगा। डॉ. मातादीन ने बताया कि पहले आशा बहुएं दी गई किट से स्वयं जांच करेंगी और इस दौरान आयोडीन का स्तर क्या आया है यह भी प्रपत्र पर लिखा जाएगा। इसके बाद नमक के नमूने की पैकिंग सीएमओ कार्यालय पर और फिर यहां से राज्य कार्यक्रम अधिकारी लखनऊ के कार्यालय पर भेजी जाएंगी, जिससे नमक में आयोडीन की सही मात्रा की जानकारी हो सके।
एक दिन में लेने होंगे 50 नमूने
डॉ. मातादीन ने बताया कि आशा बहुओं को एक दिन में पचास नमूने इकट्ठा करने होंगे। इसमें 25 ग्रामीण एवं 15 शहरी क्षेत्र के घरों के साथ-साथ सात ग्रामीण और तीन शहरी क्षेत्र की दुकानों से नमूने लेने होंगे।
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नमक की जांच के दौरान जिन क्षेत्रों में आयोडीन की मात्रा 15 पीपीएम से कम पाई जाएगी, उस क्षेत्र के लोगों को आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा, जिससे बच्चों को इसकी कमी से होने वाले रोगों से बचाया जा सके।
- डॉ. मातादीन, एसीएमओ
- लखनऊ में होगी आयोडीन की मात्रा की जांच
सेहत महकमा जल्द ही जिले में अभियान चलाकर नमक में आयोडीन की मात्रा की जांच कराएगा। बच्चों को आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए यह अभियान चलेगा। इसके लिए आशा बहुओं को लगाकर नमक के नमूने इकट्ठा कराए जाएंगे। आशा बहुओं को हर माह कम से कम पचास नमूने लेने होंगे। इन नमूनों की पहले जिले में और फिर लखनऊ स्थित राज्य कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय पर जांच की जाएगी।
एडिशनल सीएमओ एवं एनएचएम के नोडल प्रभारी मातादीन ने बताया कि आयोडीन की कमी से बच्चों का मानसिक विकास नहीं हो पाता है, वहीं इसकी कमी से बच्चों के साथ-साथ बड़ों में भी घेंघा रोग होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए शासन ने जिले में अभियान चलाकर नमक की जांच कराने का निर्णय लिया है, जिससे घरों में प्रयोग होने वाले खुला (डेली वाला) एवं पैकिंग नमक में आयोडीन की मात्रा कितनी है, इसकी जानकारी हो सके। नमक के सैंपल लेने के लिए आशा बहुओं को लगाया जाएगा। इन्हें हर माह पचास नमूने इकट्ठा करने होंगे, इसके लिए आशा बहुओं को परीक्षण किट भी दी जाएगी। नमूने के दौरान सौ ग्राम नमक लेना होगा और दिए गए प्रपत्र पर नमक खुला वाला है या फिर पैकिंग का, इसके साथ पैकिंग वाले नमक के ब्रांड का नाम लिखना होगा। डॉ. मातादीन ने बताया कि पहले आशा बहुएं दी गई किट से स्वयं जांच करेंगी और इस दौरान आयोडीन का स्तर क्या आया है यह भी प्रपत्र पर लिखा जाएगा। इसके बाद नमक के नमूने की पैकिंग सीएमओ कार्यालय पर और फिर यहां से राज्य कार्यक्रम अधिकारी लखनऊ के कार्यालय पर भेजी जाएंगी, जिससे नमक में आयोडीन की सही मात्रा की जानकारी हो सके।
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एक दिन में लेने होंगे 50 नमूने
डॉ. मातादीन ने बताया कि आशा बहुओं को एक दिन में पचास नमूने इकट्ठा करने होंगे। इसमें 25 ग्रामीण एवं 15 शहरी क्षेत्र के घरों के साथ-साथ सात ग्रामीण और तीन शहरी क्षेत्र की दुकानों से नमूने लेने होंगे।
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नमक की जांच के दौरान जिन क्षेत्रों में आयोडीन की मात्रा 15 पीपीएम से कम पाई जाएगी, उस क्षेत्र के लोगों को आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा, जिससे बच्चों को इसकी कमी से होने वाले रोगों से बचाया जा सके।
- डॉ. मातादीन, एसीएमओ