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जेल से भागा शातिर अपराधी नौ माह बाद गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 17 Aug 2017 12:15 AM IST
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अपराधी
- फोटो : अमर उजाला
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बालिका से रेप और नृशंस हत्या का है आरोपी, भगोड़े पर घोषित था 12 हजार का इनाम
नौ माह पहले 31 अक्तूबर 2016 को जिला कारागार से चकमा देकर फरार हुए शातिर अपराधी को पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के गले की फांस बन चुके भगोड़े पर 12 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। एसपी ने टीम को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है। साथ ही गिरफ्त में आए अपराधी के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई पूर्ण कराने की बात कही है। पुलिस लाइंस सभागार में पत्रकार वार्ता में एसपी डॉ एस चनप्पा ने बताया कि राजापुर गांव निवासी अभियुक्त मोहन कश्यप ने वर्ष 2015 में बलात्कार की घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद वर्ष 2016 में राजापुर गांव में ही एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करके नृशंस हत्या कर दी थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था जहां से 31 अक्तूबर 2016 को अभियुक्त मोहन जेल के अंदर से ही फरार हो गया था। जेल प्रशासन को बंदियों की गिनती करने पर मोहन के फरार होने की जानकारी हुई थी। इसके बाद पुलिस टीमें लगातार भगोड़े मोहन को तलाश रही थीं लेकिन शातिर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करने में पुलिस को भी पसीने छूट गए। आईजी ने शातिर अपराधी को जल्द पकड़ने के लिए 12 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। एसपी ने एएसपी के नेतृत्व में शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए कोतवाल कुलदीप तिवारी और क्राइम ब्रांच के निरीक्षक आलोक कुमार सिंह की अगुवाई में टीमें गठित की थी। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर 14 अगस्त 2017 को संयुक्त टीम ने भंसड़िया क्रॉसिंग पर बाइक से जा रहे भगोड़े मोहन को रुकने का इशारा किया तो वह बाइक मोड़कर भागने लगा। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। शातिर मोहन के खिलाफ दो बलात्कार और नृशंस हत्या के मामले सदर कोतवाली में दर्ज हैं। इसके अलावा जेल से फरारी का मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद उस पर दो और मामले दर्ज हो गए हैं।
बच्चा बैरक में छिपकर भागा था मोहन
बता दें कि भगोड़े मोहन के फरार होने की जेल प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। जब बंदियों की गिनती हुई तब जाकर उसके भागने की जानकारी सामने आई थी। कोतवाल कुलदीप तिवारी ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्त ने बताया है कि वह बच्चा बैरक में छिप गया था जिसके बाद अंधेरा होने पर निर्माणाधीन दीवार पर चढ़कर भाग निकला था।
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नौ माह पहले 31 अक्तूबर 2016 को जिला कारागार से चकमा देकर फरार हुए शातिर अपराधी को पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के गले की फांस बन चुके भगोड़े पर 12 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। एसपी ने टीम को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है। साथ ही गिरफ्त में आए अपराधी के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई पूर्ण कराने की बात कही है। पुलिस लाइंस सभागार में पत्रकार वार्ता में एसपी डॉ एस चनप्पा ने बताया कि राजापुर गांव निवासी अभियुक्त मोहन कश्यप ने वर्ष 2015 में बलात्कार की घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद वर्ष 2016 में राजापुर गांव में ही एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करके नृशंस हत्या कर दी थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था जहां से 31 अक्तूबर 2016 को अभियुक्त मोहन जेल के अंदर से ही फरार हो गया था। जेल प्रशासन को बंदियों की गिनती करने पर मोहन के फरार होने की जानकारी हुई थी। इसके बाद पुलिस टीमें लगातार भगोड़े मोहन को तलाश रही थीं लेकिन शातिर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करने में पुलिस को भी पसीने छूट गए। आईजी ने शातिर अपराधी को जल्द पकड़ने के लिए 12 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। एसपी ने एएसपी के नेतृत्व में शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए कोतवाल कुलदीप तिवारी और क्राइम ब्रांच के निरीक्षक आलोक कुमार सिंह की अगुवाई में टीमें गठित की थी। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर 14 अगस्त 2017 को संयुक्त टीम ने भंसड़िया क्रॉसिंग पर बाइक से जा रहे भगोड़े मोहन को रुकने का इशारा किया तो वह बाइक मोड़कर भागने लगा। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। शातिर मोहन के खिलाफ दो बलात्कार और नृशंस हत्या के मामले सदर कोतवाली में दर्ज हैं। इसके अलावा जेल से फरारी का मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद उस पर दो और मामले दर्ज हो गए हैं।
बच्चा बैरक में छिपकर भागा था मोहन
बता दें कि भगोड़े मोहन के फरार होने की जेल प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। जब बंदियों की गिनती हुई तब जाकर उसके भागने की जानकारी सामने आई थी। कोतवाल कुलदीप तिवारी ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्त ने बताया है कि वह बच्चा बैरक में छिप गया था जिसके बाद अंधेरा होने पर निर्माणाधीन दीवार पर चढ़कर भाग निकला था।
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