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दो हत्याभियुक्तों को उम्रकैद, जुर्माना भी
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 31 May 2017 11:21 PM IST
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साक्ष्य के अभाव में दो अभियुक्त बरी
घटना के 16 साल बाद आया फैसला
पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीण की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला जज राजवीर सिंह ने दो हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं दो हत्यारोपी सबूतों के अभाव में बरी हो गए।
अभियोजन पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराज सिंह यादव ने बताया कि 17/18 सिंतबर 2001 की रात को मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम खजुरिया निवासी रतनलाल के मकान पर गांव के ही बालकराम ने अपने साथी परमेश्वरदीन, अंबरपासी, रामसहारे, प्रथ्वी और टीकाराम के साथ मिलकर हमला बोल दिया था। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते हमलावरों ने घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट की, जब रतनलाल और उसके लड़के जयशंकर और कृष्णकुमार ने रोकना चाहा तो जान से मार डालने की नियत से हमलावरों ने गोली चला दी जो जयशंकर और कृष्ण कुमार को लगी। शोरशराबे के बीच बहुत से लोग एकत्रित होने लगे तो हमलावर भाग निकले। चोटिलों को जब अस्पताल लाया गया तो जयशंकर की मृत्यु हो चुकी थी। परिवार के चोटहिल सदस्यों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अदालती सुनवाई के दौरान रतनलाल, ओमप्रकाश, कृष्ण कुमार, शैल कुमारी भगौता, डॉ. एसके शुक्ल, एके त्यागी, जय सिंह, और एसआई जावेद सिद्दीकी ने अपनी गवाही दर्ज कराई। जिला न्यायाधीश राजवीर सिंह ने लंबी सुनवाई के बाद बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए हत्यारोपी पृथ्वी और बालकराम को दोषसिद्ध किया, दोनों को आजीवन कारावास और आठ-आठ हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि परमेश्वरदीन और रामसहारे पासी की मुकदमा सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है, वहीं अंबर पासी और टीकाराम को सबूतों के अभाव में बरी करने का फैसला सुनाया गया है।
मृतक पर दर्ज था दुराचार का मामला
हत्यारोपी बालकराम ने अपनी पत्नी के साथ बलात्कार किए जाने की बात कहते हुए जयशंकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसे सात साल पहले जेल भी भिजवाया था। कुछ दिन पहले ही जयशंकर जेल से छूटा था, अदालत में मुकदमा चल ही रहा था कि घर में घुसकर मारपीट के बाद जयशंकर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था।
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परिजनों को मिलेगा मुआवजा
जिला जज राजवीर सिंह ने अपना फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि वसूले गए जुर्माने की रकम में से दस हजार रुपए की रकम मृतक जयशंकर के परिजनों को बतौर मुआवजा अदा की जाएगी।
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घटना के 16 साल बाद आया फैसला
पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीण की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला जज राजवीर सिंह ने दो हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं दो हत्यारोपी सबूतों के अभाव में बरी हो गए।
अभियोजन पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराज सिंह यादव ने बताया कि 17/18 सिंतबर 2001 की रात को मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम खजुरिया निवासी रतनलाल के मकान पर गांव के ही बालकराम ने अपने साथी परमेश्वरदीन, अंबरपासी, रामसहारे, प्रथ्वी और टीकाराम के साथ मिलकर हमला बोल दिया था। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते हमलावरों ने घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट की, जब रतनलाल और उसके लड़के जयशंकर और कृष्णकुमार ने रोकना चाहा तो जान से मार डालने की नियत से हमलावरों ने गोली चला दी जो जयशंकर और कृष्ण कुमार को लगी। शोरशराबे के बीच बहुत से लोग एकत्रित होने लगे तो हमलावर भाग निकले। चोटिलों को जब अस्पताल लाया गया तो जयशंकर की मृत्यु हो चुकी थी। परिवार के चोटहिल सदस्यों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अदालती सुनवाई के दौरान रतनलाल, ओमप्रकाश, कृष्ण कुमार, शैल कुमारी भगौता, डॉ. एसके शुक्ल, एके त्यागी, जय सिंह, और एसआई जावेद सिद्दीकी ने अपनी गवाही दर्ज कराई। जिला न्यायाधीश राजवीर सिंह ने लंबी सुनवाई के बाद बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए हत्यारोपी पृथ्वी और बालकराम को दोषसिद्ध किया, दोनों को आजीवन कारावास और आठ-आठ हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि परमेश्वरदीन और रामसहारे पासी की मुकदमा सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है, वहीं अंबर पासी और टीकाराम को सबूतों के अभाव में बरी करने का फैसला सुनाया गया है।
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मृतक पर दर्ज था दुराचार का मामला
हत्यारोपी बालकराम ने अपनी पत्नी के साथ बलात्कार किए जाने की बात कहते हुए जयशंकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसे सात साल पहले जेल भी भिजवाया था। कुछ दिन पहले ही जयशंकर जेल से छूटा था, अदालत में मुकदमा चल ही रहा था कि घर में घुसकर मारपीट के बाद जयशंकर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था।
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परिजनों को मिलेगा मुआवजा
जिला जज राजवीर सिंह ने अपना फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि वसूले गए जुर्माने की रकम में से दस हजार रुपए की रकम मृतक जयशंकर के परिजनों को बतौर मुआवजा अदा की जाएगी।