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आत्मसम्मान की खातिर ले ली बेटी और उसके प्रेमी की जान
अमर उजाला ब्यूरो सिकंद्राबाद।
Updated Sun, 21 May 2017 11:14 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस का दावा, गैर बिरादरी के युवक के प्रेम से परेशान था पिता
सम्मान बचाने के लिए कर्ज लेकर बेटी का किया था विवाह
जिस बेटी पर पिता को गर्व था। वही बेटी जब परिवार की इज्जत के साथ खिलवाड़ करने लगी तो परेशान पिता ने सम्मान बचाने के लिए आनन-फानन में बेटी का रिश्ता तय किया और धूमधाम से उसके हाथ पीले कर दिए, लेकिन इसके बाद भी बेटी का गैर बिरादरी के युवक से प्रेम कम नहीं हुआ। समाज में हो रही बदनामी से परेशान होकर पिता शिवप्रसाद ने अपने दो अन्य साथियों की मदद से पुत्री और उसके प्रेमी की हत्या कर दी थी। रविवार को पुलिस ने आनर किलिंग की घटना का खुलासा करते हुए पिता और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।
सीओ मितौली निष्ठा उपाध्याय ने नीमगांव थाने पर घटना का खुलासा करते हुए बताया कि गांव कोटवा निवासी जूली और गांव के ही गैर बिरादरी के संजय गौतम के बीच एक साल से प्रेम संबंध थे। इसकी जानकारी जब जूली के पिता शिवप्रसाद को हुई तो उन्होंने पहले बेटी को समझाया, लेकिन दोनों का चोरी चुपके मिलना-जुलना जारी रहा। समाज में बदनामी के कारण उन्होंने इधर-उधर से कर्ज लिया और रिश्ता तय कर जूली के हाथ पीले कर दिए। आरोपी पिता शिवप्रसाद के हवाले से उन्होंने बताया कि इसके बावजूद भी दोनों के बीच दूरी कम नहीं हुई और संजय गौतम ससुराल जाकर जूली से मिलता जुलता रहा। इसकी शिकायत ससुराल वालों ने जूली के पिता से करते हुए नाराजगी जताई। समाज और रिश्तेदारी में हो रही बदनामी से आहत शिवप्रसाद जायसवाल ने दोनों को मार डालने की योजना बना डाली। 18 मई को संजय जब जूली की ससुराल पहुंचा तो ससुराल वालों ने उसे पकड़ लिया और इसकी सूचना शिवप्रसाद को दी। सीओ ने बताया कि इस पर आग बबूला हुए शिवप्रसाद अपने साथी गांव रोशननगर निवासी नजीर और इसरार के साथ रात में मड़रिया पहुंचे और दोनों को वहां से मारुति वैन से लेकर रोशननगर पहुंचे। गांव के मिनी सचिवालय के पास दोनों को उतारकर मारुती वैन को वापस लौटा दिया।
शिवप्रसाद ने अपने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने अपने दोनों अन्य साथियों के साथ पहले जूली के सामने ही संजय को मार दिया। जूली उसे छोड़ देने की गुहार लगा रही थी, लेकिन इसी बीच जूली को भी मौत के घाट उतार दिया। दोनों के शवों को पेड़ से लटकाकर वह वापस लौट आए। सीओ ने बताया कि रविवार की सुबह करीब पांच बजे एसओ डीके सिंह ने एचसीपी शिवमूर्ति पाठक, मनोज तिवारी, जितेंद्र सिंह के साथ बिलोचापुर मोड़ के पास से शिवप्रसाद और नजीर को गिरफ्तार कर चालान भेज दिया है, जबकि फरार तीसरे आरोपी इसरार की तलाश में पुलिस ने लखीमपुर शहर में कई संभावित स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उधर पुलिस वैन और उसके चालक की भी तलाश कर रही है।
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सम्मान बचाने के लिए कर्ज लेकर बेटी का किया था विवाह
जिस बेटी पर पिता को गर्व था। वही बेटी जब परिवार की इज्जत के साथ खिलवाड़ करने लगी तो परेशान पिता ने सम्मान बचाने के लिए आनन-फानन में बेटी का रिश्ता तय किया और धूमधाम से उसके हाथ पीले कर दिए, लेकिन इसके बाद भी बेटी का गैर बिरादरी के युवक से प्रेम कम नहीं हुआ। समाज में हो रही बदनामी से परेशान होकर पिता शिवप्रसाद ने अपने दो अन्य साथियों की मदद से पुत्री और उसके प्रेमी की हत्या कर दी थी। रविवार को पुलिस ने आनर किलिंग की घटना का खुलासा करते हुए पिता और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।
सीओ मितौली निष्ठा उपाध्याय ने नीमगांव थाने पर घटना का खुलासा करते हुए बताया कि गांव कोटवा निवासी जूली और गांव के ही गैर बिरादरी के संजय गौतम के बीच एक साल से प्रेम संबंध थे। इसकी जानकारी जब जूली के पिता शिवप्रसाद को हुई तो उन्होंने पहले बेटी को समझाया, लेकिन दोनों का चोरी चुपके मिलना-जुलना जारी रहा। समाज में बदनामी के कारण उन्होंने इधर-उधर से कर्ज लिया और रिश्ता तय कर जूली के हाथ पीले कर दिए। आरोपी पिता शिवप्रसाद के हवाले से उन्होंने बताया कि इसके बावजूद भी दोनों के बीच दूरी कम नहीं हुई और संजय गौतम ससुराल जाकर जूली से मिलता जुलता रहा। इसकी शिकायत ससुराल वालों ने जूली के पिता से करते हुए नाराजगी जताई। समाज और रिश्तेदारी में हो रही बदनामी से आहत शिवप्रसाद जायसवाल ने दोनों को मार डालने की योजना बना डाली। 18 मई को संजय जब जूली की ससुराल पहुंचा तो ससुराल वालों ने उसे पकड़ लिया और इसकी सूचना शिवप्रसाद को दी। सीओ ने बताया कि इस पर आग बबूला हुए शिवप्रसाद अपने साथी गांव रोशननगर निवासी नजीर और इसरार के साथ रात में मड़रिया पहुंचे और दोनों को वहां से मारुति वैन से लेकर रोशननगर पहुंचे। गांव के मिनी सचिवालय के पास दोनों को उतारकर मारुती वैन को वापस लौटा दिया।
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शिवप्रसाद ने अपने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने अपने दोनों अन्य साथियों के साथ पहले जूली के सामने ही संजय को मार दिया। जूली उसे छोड़ देने की गुहार लगा रही थी, लेकिन इसी बीच जूली को भी मौत के घाट उतार दिया। दोनों के शवों को पेड़ से लटकाकर वह वापस लौट आए। सीओ ने बताया कि रविवार की सुबह करीब पांच बजे एसओ डीके सिंह ने एचसीपी शिवमूर्ति पाठक, मनोज तिवारी, जितेंद्र सिंह के साथ बिलोचापुर मोड़ के पास से शिवप्रसाद और नजीर को गिरफ्तार कर चालान भेज दिया है, जबकि फरार तीसरे आरोपी इसरार की तलाश में पुलिस ने लखीमपुर शहर में कई संभावित स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उधर पुलिस वैन और उसके चालक की भी तलाश कर रही है।
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