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दुराचार की पुष्टि नहीं फिर भी आरोपी आठ दिन से हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
Updated Tue, 01 Nov 2016 11:26 PM IST
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crime
- फोटो : amar ujala
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एक सप्ताह पूर्व महिला ने दर्ज कराया था मुकदमा
पुलिस का कारनामा तो देखिया महिला के साथ दुराचार की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन आरोपी को आठ दिन से थाने में बिठा रखा है, जबकि परेशान परिवार वाले उच्चाधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं।
कोतवाली में एक महिला ने 25 अक्तूबर को सुभाष वर्मा को अपना ससुर बताकर रेप करने का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी सुभाष वर्मा बताते हैं कि उसी दिन पुलिस ने कोतवाली में पूछताछ के लिए बिठा लिया था। महिला को पुलिस ने महिला सिपाही की अभिरक्षा में घटना के दिन ही जिला महिला अस्पताल मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया था। रिपोर्ट में महिला से दुराचार की पुष्टि नहीं हुई। फिर भी आरोपी आठ दिन से पुलिस हिरासत में है। कोतवाल अशोक कुमार पांडे ने बताया कि मेडिकल परीक्षण में महिला से रेप की पुष्टि नहीं हुई है, कोर्ट में अवकाश होने से महिला के बयान नहीं हो सके हैं, इसलिए आरोपी को पूछताछ के लिए बिठा रखा है।
पुलिस नहीं करा सकी महिला के मजिस्ट्रेटी बयान
पुलिस ने महिला का मेडिकल परीक्षण 25 अक्तूबर को घटना के दिन ही करवा लिया था। किंतु मजिस्ट्रेट केे समक्ष बयान चार दिन तक कोर्ट खुले रहने के बावजूद नहीं करा सकी। पुलिस अब अवकाश के बाद कोर्ट में बयान कराने की बात कह रही है।
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आरोपी ने कोर्ट में दे रखी है महिला व उसके पति के विरुद्ध तहरीर
कोतवाली में मौजूद सुभाष वर्मा ने मंगलवार को ही आरोप लगाया था कि वह बेऔलाद है। महिला से उसका कोई संबंध नहीं है। जिस मकान को महिला ने अपना बताया है वह सुभाष का ही खरीदा हुआ है। बताया कि उसकी प्रापर्टी पर दोनों की नीयत खराब हैै। इसलिए रिश्तेदार के पुत्र ने सीनियर डिवीजन लखीमपुर में अपने को उसका पुत्र लिखकर बंटवारे का मुकदमा किया। उसने इस धोखाधड़ी के विरुद्ध कोतवाली गोला और एसपी को रिश्तेदार के पुत्र और पुत्रवधू के विरुद्ध तहरीर दी थी। मुकदमा दर्ज न होने पर सीजेएम न्यायालय में साक्ष्यों के साथ प्रार्थनापत्र दिया। साक्ष्यों में महिला के पति के ग्राम परिवार रजिस्टर की प्रतिलिपि, ड्राइविंग लाइसेंस, ग्राम पंचायत वोटर लिस्ट 2016, एसडीएम न्यायालय लखीमपुर में महिला के पति द्वारा दायर वाद की प्रतिलिपि दाखिल की गई। जिसमें महिला के पति के पिता का नाम सुभाष वर्मा नहीं लिखा गया है। बताया कि उसके बचाव में फर्जी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अपने घर में नहीं जला सका दीप
कोतवाली में मौजूद सुभाष वर्मा ने रूंधे गले से बताया कि वह हमेशा अपने घर में पूजा कर दिवाली के दीये जलाता था, किंतु इस बार उसने दिवाली कोतवाली में ही मनाई। कहा कि मुकदमा दर्ज कराने वालों के अलावा उसका कोई सगा रिश्तेदार नहीं है। इस कारण कोई पैरोकार भी नहीं है।
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पुलिस का कारनामा तो देखिया महिला के साथ दुराचार की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन आरोपी को आठ दिन से थाने में बिठा रखा है, जबकि परेशान परिवार वाले उच्चाधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं।
कोतवाली में एक महिला ने 25 अक्तूबर को सुभाष वर्मा को अपना ससुर बताकर रेप करने का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी सुभाष वर्मा बताते हैं कि उसी दिन पुलिस ने कोतवाली में पूछताछ के लिए बिठा लिया था। महिला को पुलिस ने महिला सिपाही की अभिरक्षा में घटना के दिन ही जिला महिला अस्पताल मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया था। रिपोर्ट में महिला से दुराचार की पुष्टि नहीं हुई। फिर भी आरोपी आठ दिन से पुलिस हिरासत में है। कोतवाल अशोक कुमार पांडे ने बताया कि मेडिकल परीक्षण में महिला से रेप की पुष्टि नहीं हुई है, कोर्ट में अवकाश होने से महिला के बयान नहीं हो सके हैं, इसलिए आरोपी को पूछताछ के लिए बिठा रखा है।
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पुलिस नहीं करा सकी महिला के मजिस्ट्रेटी बयान
पुलिस ने महिला का मेडिकल परीक्षण 25 अक्तूबर को घटना के दिन ही करवा लिया था। किंतु मजिस्ट्रेट केे समक्ष बयान चार दिन तक कोर्ट खुले रहने के बावजूद नहीं करा सकी। पुलिस अब अवकाश के बाद कोर्ट में बयान कराने की बात कह रही है।
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आरोपी ने कोर्ट में दे रखी है महिला व उसके पति के विरुद्ध तहरीर
कोतवाली में मौजूद सुभाष वर्मा ने मंगलवार को ही आरोप लगाया था कि वह बेऔलाद है। महिला से उसका कोई संबंध नहीं है। जिस मकान को महिला ने अपना बताया है वह सुभाष का ही खरीदा हुआ है। बताया कि उसकी प्रापर्टी पर दोनों की नीयत खराब हैै। इसलिए रिश्तेदार के पुत्र ने सीनियर डिवीजन लखीमपुर में अपने को उसका पुत्र लिखकर बंटवारे का मुकदमा किया। उसने इस धोखाधड़ी के विरुद्ध कोतवाली गोला और एसपी को रिश्तेदार के पुत्र और पुत्रवधू के विरुद्ध तहरीर दी थी। मुकदमा दर्ज न होने पर सीजेएम न्यायालय में साक्ष्यों के साथ प्रार्थनापत्र दिया। साक्ष्यों में महिला के पति के ग्राम परिवार रजिस्टर की प्रतिलिपि, ड्राइविंग लाइसेंस, ग्राम पंचायत वोटर लिस्ट 2016, एसडीएम न्यायालय लखीमपुर में महिला के पति द्वारा दायर वाद की प्रतिलिपि दाखिल की गई। जिसमें महिला के पति के पिता का नाम सुभाष वर्मा नहीं लिखा गया है। बताया कि उसके बचाव में फर्जी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अपने घर में नहीं जला सका दीप
कोतवाली में मौजूद सुभाष वर्मा ने रूंधे गले से बताया कि वह हमेशा अपने घर में पूजा कर दिवाली के दीये जलाता था, किंतु इस बार उसने दिवाली कोतवाली में ही मनाई। कहा कि मुकदमा दर्ज कराने वालों के अलावा उसका कोई सगा रिश्तेदार नहीं है। इस कारण कोई पैरोकार भी नहीं है।