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ऐसे तो लूट, चोरी की घटनाओं पर नहीं लग सकेगा अंकुश

Sun, 05 Jun 2016 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी। Updated Sun, 05 Jun 2016 12:20 AM IST
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So if robbery, theft incidents will not look at the curb
चोर
दो स्थानों पर डकैती को चोरी में किया दर्ज 
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मिश्राना में हुई चोरी की नहीं लिखी रिपोर्ट 

डकैती हो या लूट या फिर चोरी की वारदात। खीरी पुलिस के लिए यह वारदात कोई मायने नहीं रखती हैं। इन वारदातों को छुपाने की पुलिस पूरी कोशिश करती है। अगर रिपोर्ट दर्ज भी करती है तो धाराओं में खेल करने से नहीं चूकती। पिछले 24 घंटे में शहर से लेकर देहात इलाकों में पांच चोरियां, दो घरों में डकैती हुई। इनमें पुलिस ने एक भी घटना को दर्ज नहीं किया, जो घटनाएं दर्ज हुईं उनका भी पुलिस वर्कआउट नहीं कर सकी। गांव बाजूडीह में पड़ी डकैती को सदर कोतवाली पुलिस ने चोरी में दर्ज किया है। 
दो मई की रात सदर कोतवाली के गांव बाजूडीहा निवासी अजय कुमार श्रीवास्तव और पास के ही आसिफ के मुर्गीबाड़े पर बदमाशों ने धावा बोला था। दोनों स्थानों पर बदमाशों ने घर वालों को असलहों के बल पर बांधने के बाद जमकर लूटपाट की थी। इसी रात चोर मिश्राना पुलिस चौकी से 300 मीटर दूर ठेका देसी शराब की दुकान का ताला तोड़कर करीब 60 हजार रुपये का माल बटोर ले गए थे। खीरी थाना क्षेत्र की ओयल रिपोर्टिंग चौकी के गांव मोतीपुर में तीन स्थानों पर हजारों की चोरी हुई। सभी घटनाएं एक ही रात में होने के बाद भी पुलिस नहीं चेती। इसी क्रम में शिव कॉलोनी निवासी व्यापारी नीरज चौरसिया के घर से चोर दिनदहाड़े 1.50 लाख रुपये सहित करीब पांच लाख के जेवर चोरी कर ले गए। घटनाओं को छुपाने में माहिर पुलिस शराब की दुकान और बाजूडीहा में दो स्थानों पर हुई डकैती को हजम कर गई। यहां तक इसकी जानकारी एसपी से लेकर सीओ तक भी नहीं दी। पुलिस ने शराब की दुकान में चोरी की रिपोर्ट दूसरे दिन भी दर्ज नहीं की। बाजूडीहा की घटना को पुलिस ने सिर्फ चोरी में दर्ज कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। घटनाओं को छुपाने और रिपोर्ट दर्ज न करने के पीछे पुलिस की मंशा सिर्फ अपराधों का ग्राफ कम रखने की है। लूट-डकैती जैसे मामले की जवाबदेही एसपी से लेकर इंस्पेक्टर तक तय होती है। यही वजह है कि पुलिस धाराओं में खेल कर मामले को डकार लेती है। घटनाओं के दर्ज न होने और खुलासे का दबाव न होने के कारण पुलिस एक-दो दिन तक तो तेजी दिखाती है। इसके बाद वह हाथ पर हाथ धर कर बैठ जाती है। जिसका लाभ अपराधियों को मिलता है और बेखौफ बदमाश एक के बाद एक घटना को अंजाम देते रहते हैं। 
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बाजूडीहा में दूसरे दिन भी बदमाशों का खौफ 
सदर कोतवाली की महेवागंज पुलिस चौकी के गांव बाजूडीहा में दो स्थानों पर हुई डकैती की घटना से गांव में दूसरे दिन भी लोगों में बदमाशों का खौफ है। ग्रामीण रात जागकर बिताने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने गश्त व्यवस्था नहीं बढ़ाई है।
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बाजूडीहा में दोनों स्थानों पर चोरी की घटना हुई है। इसलिए चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। शराब व्यापारी ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने से इंकार किया है। गश्त तेज कर दी गई है। 
-एसपी उपाध्याय, शहर कोतवाल 
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