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नेपाल की ओर से नोमैस लैंड पर निर्माण की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो महंगापुर।
Updated Sat, 18 Feb 2017 11:05 PM IST
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खलबली मच गई।
- फोटो : अमर उजाला
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अधिकारियों ने पहुंचकर रुकवाया, नो मैंसलैंड के दायरे में था निर्माण
पाइप लाइन डाल कर बनाया जा रहा था नाला
संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के गांव बसही से लगी भारत-नेपाल सीमा के पास नेपालियों द्वारा नाला निर्माण कर अतिक्रमण किए जाने की खबर से प्रशासन में खलबली मच गई। सूचना पर एसडीएम, सीओ समेत एसएसबी के अधिकारी जा पहुंचे और नाप जोख के बाद निर्माण को रुकवा दिया है।
गांव बसही से सटी भारत-नेपाल नोमैंस लैंड जोन में नेपाल की ओर से एक नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, जो कि नोमैंस लैंड नियमों के विरुद्घ था। जानकारी मिली तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसडीएम शादाब असलम, सीओ जितेंद्र गिरी और एसएसबी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नेपाल के अधिकारियों से वार्ता की। देखा कि पाइप द्वारा नाला निर्माण कराया जा रहा है उस क्षेत्र में जो कि नोमैस लैंड के अंतर्गत आता है। जबकि नियमानुसार दस मीटर के दायरे में दोनों देशों की ओर से कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता है, लेकिन नेपाल के लोग निर्माण कर रहे थे। सीमा विवाद को देखते हुए नाप जोख हुई और फिर निर्माण को रुकवा दिया गया। निर्माण कार्य रुकने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
यहां पेड़ को माना जाता पिलर
बसही से सटे इस नोमैंस लैंड का पिलर संख्या दो सौ बाढ़ में क्षतिग्रस्त होकर बह चुका है। जिससे यहां एक पेड़ को नाप जोख कर पिलर माना गया था। आज तक वही पेड़ पिलर माना जा रहा है।
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एक बार और हो चुकी है निर्माण की कोशिश
काफी पहले भी यहां पर निर्माण की कोशिश हो चुकी है जिसे प्रशासन ने रुकवाया था। यहां नाला निर्माण के लिए पाइप इन्हीं दिनों में डाले गए थे और निर्माण चल रहा था, लेकिन प्रशासन को खबर मिली तो उसने वहां पहुंचकर नेपाल अधिकारियों से वार्ता की थी और निर्माण को रुकवा दिया था। अब उस समय के पड़े पाइपों को फिर इस्तेमाल करने की कोशिश हो रही थी।
नो मैंस लैंड के 10 मीटर एरिया में किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है। फिलहाल निर्माण रुकवा दिया गया है। उच्चाधिकारियों को भी स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। - शादाब असलम एसडीएम, पलिया
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पाइप लाइन डाल कर बनाया जा रहा था नाला
संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के गांव बसही से लगी भारत-नेपाल सीमा के पास नेपालियों द्वारा नाला निर्माण कर अतिक्रमण किए जाने की खबर से प्रशासन में खलबली मच गई। सूचना पर एसडीएम, सीओ समेत एसएसबी के अधिकारी जा पहुंचे और नाप जोख के बाद निर्माण को रुकवा दिया है।
गांव बसही से सटी भारत-नेपाल नोमैंस लैंड जोन में नेपाल की ओर से एक नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, जो कि नोमैंस लैंड नियमों के विरुद्घ था। जानकारी मिली तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसडीएम शादाब असलम, सीओ जितेंद्र गिरी और एसएसबी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नेपाल के अधिकारियों से वार्ता की। देखा कि पाइप द्वारा नाला निर्माण कराया जा रहा है उस क्षेत्र में जो कि नोमैस लैंड के अंतर्गत आता है। जबकि नियमानुसार दस मीटर के दायरे में दोनों देशों की ओर से कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता है, लेकिन नेपाल के लोग निर्माण कर रहे थे। सीमा विवाद को देखते हुए नाप जोख हुई और फिर निर्माण को रुकवा दिया गया। निर्माण कार्य रुकने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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यहां पेड़ को माना जाता पिलर
बसही से सटे इस नोमैंस लैंड का पिलर संख्या दो सौ बाढ़ में क्षतिग्रस्त होकर बह चुका है। जिससे यहां एक पेड़ को नाप जोख कर पिलर माना गया था। आज तक वही पेड़ पिलर माना जा रहा है।
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एक बार और हो चुकी है निर्माण की कोशिश
काफी पहले भी यहां पर निर्माण की कोशिश हो चुकी है जिसे प्रशासन ने रुकवाया था। यहां नाला निर्माण के लिए पाइप इन्हीं दिनों में डाले गए थे और निर्माण चल रहा था, लेकिन प्रशासन को खबर मिली तो उसने वहां पहुंचकर नेपाल अधिकारियों से वार्ता की थी और निर्माण को रुकवा दिया था। अब उस समय के पड़े पाइपों को फिर इस्तेमाल करने की कोशिश हो रही थी।
नो मैंस लैंड के 10 मीटर एरिया में किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है। फिलहाल निर्माण रुकवा दिया गया है। उच्चाधिकारियों को भी स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। - शादाब असलम एसडीएम, पलिया