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खरीफ फसलों के लिए जमा होगी दो फीसद प्रीमियम राशि
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 10 Jul 2016 11:20 PM IST
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kharif
- फोटो : amar ujala
31 जुलाई तक करा सकेंगे खरीफ फसलों का बीमा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करवाने के लिए सरकार ने बीमा प्रीमियम दरें निर्धारित कर दी हैं। खरीफ सीजन में खाद्यान्न और तिलहनी फसलों के लिए देय प्रीमियम बीमित राशि के सापेक्ष दो फीसदी, रबी सीजन में 1.5 फीसदी निर्धारित की गई हैं। हालांकि खरीफ और रबी सीजन में नकदी/औद्योनिकी फसलों के लिए कुल बीमित राशि के सापेक्ष पांच फीसदी प्रीमियम देना होगा।
जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, कटान, सूखा या असफल बुवाई से फसल नष्ट होने की दशा में किसानों को बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। बैंकों से ऋण लेने वाले सभी किसानों का अनिवार्य रूप से बीमा किया जाएगा। जबकि गैर ऋणी किसानों का स्वैच्छिक आधार पर बीमा किया जाएगा। खरीफ सीजन की फसलों का बीमा किसान 31 जुलाई 2016 तक करा सकते हैं। जबकि रबी सीजन में 31 दिसंबर 2016 तक बीमा कवर का लाभ उठा सकते हैैं। डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय मॉनीटरिंग कमेटी प्रतिमाह बैंक, बीमा कंपनियों के साथ बैठक कर योजना का अनुश्रवण करेगी। क्षतिपूूर्ति का आकलन कर लाभर्थी किसानों का चयन किया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि खरीफ और रबी सीजन में फसल की वास्तविक प्रीमियम दर में से किसान द्वारा जमा प्रीमियम की धनराशि को घटाने के उपरांत अवशेष धनराशि को राज्य और केंद्र सरकार द्वारा बराबर-बराबर वहन किया जाएगा। जिले में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी से टाईअप के चलते ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी कामकाज देखेगी।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करवाने के लिए सरकार ने बीमा प्रीमियम दरें निर्धारित कर दी हैं। खरीफ सीजन में खाद्यान्न और तिलहनी फसलों के लिए देय प्रीमियम बीमित राशि के सापेक्ष दो फीसदी, रबी सीजन में 1.5 फीसदी निर्धारित की गई हैं। हालांकि खरीफ और रबी सीजन में नकदी/औद्योनिकी फसलों के लिए कुल बीमित राशि के सापेक्ष पांच फीसदी प्रीमियम देना होगा।
जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, कटान, सूखा या असफल बुवाई से फसल नष्ट होने की दशा में किसानों को बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। बैंकों से ऋण लेने वाले सभी किसानों का अनिवार्य रूप से बीमा किया जाएगा। जबकि गैर ऋणी किसानों का स्वैच्छिक आधार पर बीमा किया जाएगा। खरीफ सीजन की फसलों का बीमा किसान 31 जुलाई 2016 तक करा सकते हैं। जबकि रबी सीजन में 31 दिसंबर 2016 तक बीमा कवर का लाभ उठा सकते हैैं। डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय मॉनीटरिंग कमेटी प्रतिमाह बैंक, बीमा कंपनियों के साथ बैठक कर योजना का अनुश्रवण करेगी। क्षतिपूूर्ति का आकलन कर लाभर्थी किसानों का चयन किया जाएगा।
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जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि खरीफ और रबी सीजन में फसल की वास्तविक प्रीमियम दर में से किसान द्वारा जमा प्रीमियम की धनराशि को घटाने के उपरांत अवशेष धनराशि को राज्य और केंद्र सरकार द्वारा बराबर-बराबर वहन किया जाएगा। जिले में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी से टाईअप के चलते ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी कामकाज देखेगी।
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