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पति को सात साल की कैद, जुर्माना भी
लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 21 Mar 2015 07:05 PM IST
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दहेज के लिए नव विवाहिता को मौत के मुंह में धकेलने के मामले मे एडीजे
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प्रथम जफीर अहमद ने आरोपी पति को दोषी पाया है। उसे सात वर्ष के कारावास की
सजा सुनाई गई है। आठ हजार रुपये का जुर्माना भी डाला गया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी प्रमोद सिंह ने बताया कि पड़ोसी जिले सीतापुर के गांव धर्मशाला निवासी रामकुमार ने अपनी लड़की की शादी मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम रंडौहा निवासी सुशील के साथ 27 जून 2000 को की थी। आरोप है कि चंद दिनों बाद ही 21 जुलाई 2000 को दहेज में मोबाइल व मोटर साइकिल की मांग के चलते ससुरालीजनों ने नवविवाहिता को मार कर लाश लटका दी थी। अभियोजन को साबित करने के लिए रामकुमार, देवेश, सीओ बसंतलाल, तथा डॉ.आरआर मिश्र ने कोर्ट में अपनी गवाही दर्ज कराई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पति सुशील को दहेज के लिए हत्या का दोषी पाते हुए उसे सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही नामजद किए गए ससुर सोबरन, सास सुनीता तथा नंद बिट्टो के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी प्रमोद सिंह ने बताया कि पड़ोसी जिले सीतापुर के गांव धर्मशाला निवासी रामकुमार ने अपनी लड़की की शादी मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम रंडौहा निवासी सुशील के साथ 27 जून 2000 को की थी। आरोप है कि चंद दिनों बाद ही 21 जुलाई 2000 को दहेज में मोबाइल व मोटर साइकिल की मांग के चलते ससुरालीजनों ने नवविवाहिता को मार कर लाश लटका दी थी। अभियोजन को साबित करने के लिए रामकुमार, देवेश, सीओ बसंतलाल, तथा डॉ.आरआर मिश्र ने कोर्ट में अपनी गवाही दर्ज कराई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पति सुशील को दहेज के लिए हत्या का दोषी पाते हुए उसे सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही नामजद किए गए ससुर सोबरन, सास सुनीता तथा नंद बिट्टो के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।