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मवेशियो को बंधक बनाया, चरवाहों के माफी मांगने के बाद छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो/महेवागंज खीरी।
Updated Fri, 05 Aug 2016 09:38 PM IST
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राजकीय कृषि फार्म में बाहरी मवेशियों के प्रवेश का मामला
राजकीय कृषि फार्म में बाहरी मवेशियों के प्रवेश पर पाबंदी के बावजूद दबंग चरवाहे अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। गुरुवार को करीब दो दर्जन बाहरी मवेशी कृषि फार्म में जा पहुंचे। फार्म कर्मचारियों ने पशुओं को बंधक बना लिया। आरोप है कि मवेशियों ने सरकारी फसल को नुकसान भी पहुंचाया। चरवाहों के माफीनामा के बाद फार्म मैनेजर ने मवेशियों को चरवाहों के हवाले कर दिया।
राजकीय कृषि प्रक्षेत्र मंझरा के खेतिहर इलाके में अक्सर बाहरी मवेशियों के घुसने का मामला सामने आता रहा है। आरोप है कि सैकड़ों एकड़ खुली कृषि सीमा में दबंग चरवाहे अक्सर अपने मवेशियों को चराने के लिए खुला छोड़ देते हैं। इससे चरी, बाजरा, जई आदि यहां बोई जाने वाली सरकारी फसलों को काफी नुकसान होता है। आरोप है कि विरोध पर चरवाहे फार्म कर्मचारियों से मारपीट पर उतारू हो जाते है। मौजूदा फार्म मैनेजर उपेंद्र सिंह ने इस पर सख्ती शुरू कर दी। बताते हैं बीते माह अवैध रूप से घुसने वाले कई मवेशियों को पकड़कर लखनऊ नगर निगम भेजा गया। कार्रवाई के बाद कुछ दिन तक बाहरी मवेशी नहीं दिखे। बृहस्पतिवार को करीब दो दर्जन मवेशी फिर फार्म के खेतिहर इलाके में पहुंच गए। फार्म मैनेजर ने अवैध रूप से घुसी करीब डेढ़ दर्जन भैंसों को बंधक बना लिया। यह देख पशुपालक परेशान हो उठे। राजनीतिक हस्तक्षेप और सुलह समझौते बाद शुक्रवार को मवेशियों को छोड़ दिया गया।
बाहरी मवेशी फार्म में घुसे थे, लेनदेन का आरोप झूठा है। पशुपालकों के माफीनामा के बाद मवेशियों को उनको सौंप दिया गया।
- उपेंद्र सिंह, फार्म मैनेजर, राजकीय कृषि प्रक्षेत्र मंझरा
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राजकीय कृषि फार्म में बाहरी मवेशियों के प्रवेश पर पाबंदी के बावजूद दबंग चरवाहे अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। गुरुवार को करीब दो दर्जन बाहरी मवेशी कृषि फार्म में जा पहुंचे। फार्म कर्मचारियों ने पशुओं को बंधक बना लिया। आरोप है कि मवेशियों ने सरकारी फसल को नुकसान भी पहुंचाया। चरवाहों के माफीनामा के बाद फार्म मैनेजर ने मवेशियों को चरवाहों के हवाले कर दिया।
राजकीय कृषि प्रक्षेत्र मंझरा के खेतिहर इलाके में अक्सर बाहरी मवेशियों के घुसने का मामला सामने आता रहा है। आरोप है कि सैकड़ों एकड़ खुली कृषि सीमा में दबंग चरवाहे अक्सर अपने मवेशियों को चराने के लिए खुला छोड़ देते हैं। इससे चरी, बाजरा, जई आदि यहां बोई जाने वाली सरकारी फसलों को काफी नुकसान होता है। आरोप है कि विरोध पर चरवाहे फार्म कर्मचारियों से मारपीट पर उतारू हो जाते है। मौजूदा फार्म मैनेजर उपेंद्र सिंह ने इस पर सख्ती शुरू कर दी। बताते हैं बीते माह अवैध रूप से घुसने वाले कई मवेशियों को पकड़कर लखनऊ नगर निगम भेजा गया। कार्रवाई के बाद कुछ दिन तक बाहरी मवेशी नहीं दिखे। बृहस्पतिवार को करीब दो दर्जन मवेशी फिर फार्म के खेतिहर इलाके में पहुंच गए। फार्म मैनेजर ने अवैध रूप से घुसी करीब डेढ़ दर्जन भैंसों को बंधक बना लिया। यह देख पशुपालक परेशान हो उठे। राजनीतिक हस्तक्षेप और सुलह समझौते बाद शुक्रवार को मवेशियों को छोड़ दिया गया।
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बाहरी मवेशी फार्म में घुसे थे, लेनदेन का आरोप झूठा है। पशुपालकों के माफीनामा के बाद मवेशियों को उनको सौंप दिया गया।
- उपेंद्र सिंह, फार्म मैनेजर, राजकीय कृषि प्रक्षेत्र मंझरा