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मौत की गुत्थी सुलझाने को एक हुआ हिंदू-मुस्लिम परिवार
अमर उजाला ब्यूरो/ लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 28 Mar 2017 12:31 AM IST
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एक हुए दो परिवार
- फोटो : अमर उजाला
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मौत की गुत्थी सुलझाने को एक हुआ हिंदू-मुस्लिम परिवार
सीबीआई जांच को उठाई मांग, ज्ञापन भेजा
जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे दोनों परिवार
पोस्टमार्टम रिपो, पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
छात्र-छात्रा की मौत का मामला
कस्बा खीरी टाउन निवासी छात्र और शहर की छात्रा की मौत के खुलासे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हिंदू और मुस्लिम परिवार एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। छात्रा के पिता का कहना है कि पुलिस इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी में है, इसलिए हम लोग जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई से जांच कराने की मांग उठाएंगे। इधर छात्र के पिता ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र डीएम दफ्तर में देने के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी भेजा है। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
मालूम हो कि छात्र और छात्रा शहर के ही एक स्कूल में कक्षा 10 के छात्र थे। दोनों 15 मार्च को लापता हो गए थे। 16 मार्च को छात्रा का शव बरामद हो गया था, लेकिन छात्र का कोई पता नहीं लगा। इस पर छात्रा के पिता ने बेटी के साथ दुराचार के बाद हत्या कर शव छिपाने की रिपोर्ट छात्र और उसके तीन अन्य साथियों पर दर्ज करा दी थी। उधर छात्रा की लाश मिलने के चौथे दिन 19 मार्च को छात्र का भी शव सीतापुर जिले में खीरी ब्रांच नहर में मिल गया। छात्र के परिवार वालों ने भी लाश देखने के बाद हत्या का शक जताया था। हालांकि पुलिस ने शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोनों की मौत डूबने से मानकर मामले में फाइनल रिपोर्ट की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि दोनों के ही परिवार वाले पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। वह बार-बार कह रहे थे कि पुलिस मौत की गुत्थी सुलझाए। अब छात्र और छात्रा के पिता का कहना है कि पुलिस उनकी सुन नहीं रही है, इसलिए वह मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई जांच कराएंगे, तभी उन्हें इंसाफ मिलेगा।
यह हैं सवाल
-आखिर किस मजबूरी में दोनों ने जान दी?
-लापता होने के बाद दोनों रात भर कहां रहे?
-लड़की की लाश मिली तो उसकी आंखों पर चश्मा लगा था। कूदकर आत्महत्या करती तो चश्मा कैसे लगा रहता?
-छात्र की लाश 55 किलोमीटर दूर मिली, जबकि रास्ते में बंधा भी पड़ता है। तलाशी के बाद भी इतनी दूर लाश कैसे पहुंची?
-छात्र की लाश जिस स्थान पर मिली, वहां तक कई बार देखा जा चुका था। लाश बहकर गई तो पहले क्यों नहीं दिखी?
-छात्रा के कान ही कटे क्यों मिले? पुलिस की बात सच मानें तो जलीय जंतुओं ने उसके चेहरे आदि को क्यों नहीं खाया?
-छात्रा के दाहिने कान के पास छेद कैसे हुआ?
कोतवाल बोलेे, और जांच का मतलब नहीं
शहर कोतवाल दीपक शुक्ल का कहना है कि छात्र और छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत हुई है। हत्या की बात सामने नहीं आई है, इसलिए अब मामले में और जांच का कोई मतलब नहीं है।
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सीबीआई जांच को उठाई मांग, ज्ञापन भेजा
जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे दोनों परिवार
पोस्टमार्टम रिपो, पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
छात्र-छात्रा की मौत का मामला
कस्बा खीरी टाउन निवासी छात्र और शहर की छात्रा की मौत के खुलासे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हिंदू और मुस्लिम परिवार एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। छात्रा के पिता का कहना है कि पुलिस इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी में है, इसलिए हम लोग जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई से जांच कराने की मांग उठाएंगे। इधर छात्र के पिता ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र डीएम दफ्तर में देने के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी भेजा है। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
मालूम हो कि छात्र और छात्रा शहर के ही एक स्कूल में कक्षा 10 के छात्र थे। दोनों 15 मार्च को लापता हो गए थे। 16 मार्च को छात्रा का शव बरामद हो गया था, लेकिन छात्र का कोई पता नहीं लगा। इस पर छात्रा के पिता ने बेटी के साथ दुराचार के बाद हत्या कर शव छिपाने की रिपोर्ट छात्र और उसके तीन अन्य साथियों पर दर्ज करा दी थी। उधर छात्रा की लाश मिलने के चौथे दिन 19 मार्च को छात्र का भी शव सीतापुर जिले में खीरी ब्रांच नहर में मिल गया। छात्र के परिवार वालों ने भी लाश देखने के बाद हत्या का शक जताया था। हालांकि पुलिस ने शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोनों की मौत डूबने से मानकर मामले में फाइनल रिपोर्ट की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि दोनों के ही परिवार वाले पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। वह बार-बार कह रहे थे कि पुलिस मौत की गुत्थी सुलझाए। अब छात्र और छात्रा के पिता का कहना है कि पुलिस उनकी सुन नहीं रही है, इसलिए वह मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई जांच कराएंगे, तभी उन्हें इंसाफ मिलेगा।
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यह हैं सवाल
-आखिर किस मजबूरी में दोनों ने जान दी?
-लापता होने के बाद दोनों रात भर कहां रहे?
-लड़की की लाश मिली तो उसकी आंखों पर चश्मा लगा था। कूदकर आत्महत्या करती तो चश्मा कैसे लगा रहता?
-छात्र की लाश 55 किलोमीटर दूर मिली, जबकि रास्ते में बंधा भी पड़ता है। तलाशी के बाद भी इतनी दूर लाश कैसे पहुंची?
-छात्र की लाश जिस स्थान पर मिली, वहां तक कई बार देखा जा चुका था। लाश बहकर गई तो पहले क्यों नहीं दिखी?
-छात्रा के कान ही कटे क्यों मिले? पुलिस की बात सच मानें तो जलीय जंतुओं ने उसके चेहरे आदि को क्यों नहीं खाया?
-छात्रा के दाहिने कान के पास छेद कैसे हुआ?
कोतवाल बोलेे, और जांच का मतलब नहीं
शहर कोतवाल दीपक शुक्ल का कहना है कि छात्र और छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत हुई है। हत्या की बात सामने नहीं आई है, इसलिए अब मामले में और जांच का कोई मतलब नहीं है।
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