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चरस तस्करी में दस साल की कैद
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 12 Aug 2015 10:47 PM IST
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नेपाल से भारत में चरस की तस्करी करने के मामले में विशेष न्यायाधीश हाजी अशरफ अंसारी ने तस्करी के एक आरोपी को दोषसिद्ध पाया है, उसे दस वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि भारत-नेपाल बार्डर पर 27 नवंबर 2011 को एसएसबी व पुलिस टीम चेकिंग में लगी हुई थी, इसी बीच नेपाल की ओर से संपूर्णानगर रोड पर आ रही मोटर साइकिल को चेकिंग टीम ने पकड़ लिया था। तलाशी लेने पर बालकिशन, निसार व शाहिद के पास से 18 पैकेट चरस बरामद हुई थी। सुनवाई के दौरान ही बालकिशन और निसार की ओर से दी गई नाबालिग किशोर होने की दलील को अदालत ने मंजूर कर लिया, और उनकी फाइल अलग करते हुए जुवनाइल बोर्ड में भेज दिया। जबकि शाहिद के खिलाफ सुनवाई संचालित हुई तो एसआई प्रमोद, सूर्यनरायन, सुरेश पांडेय व कांस्टेबल उत्तम कुमार ने डटकर गवाही दी। इस पर अदालत ने शाहिद को 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि भारत-नेपाल बार्डर पर 27 नवंबर 2011 को एसएसबी व पुलिस टीम चेकिंग में लगी हुई थी, इसी बीच नेपाल की ओर से संपूर्णानगर रोड पर आ रही मोटर साइकिल को चेकिंग टीम ने पकड़ लिया था। तलाशी लेने पर बालकिशन, निसार व शाहिद के पास से 18 पैकेट चरस बरामद हुई थी। सुनवाई के दौरान ही बालकिशन और निसार की ओर से दी गई नाबालिग किशोर होने की दलील को अदालत ने मंजूर कर लिया, और उनकी फाइल अलग करते हुए जुवनाइल बोर्ड में भेज दिया। जबकि शाहिद के खिलाफ सुनवाई संचालित हुई तो एसआई प्रमोद, सूर्यनरायन, सुरेश पांडेय व कांस्टेबल उत्तम कुमार ने डटकर गवाही दी। इस पर अदालत ने शाहिद को 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।
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