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महिला डॉक्टर न होने से नवजात की सांसें थमी

Mon, 19 Sep 2016 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बिजुआ।
अमर उजाला ब्यूरो/बिजुआ। Updated Mon, 19 Sep 2016 11:31 PM IST
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Failing doctor breath ceased for newborn girl
death - फोटो : amar ujala
- बिजुआ सीएचसी से जिला अस्पताल कर दिया गया था रेफर
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- एंबुलेंस में हुई डिलीवरी, साथ की महिलाओं ने कराया प्रसव

सीएचसी में महिला डॉक्टर की कमी के चलते एक नवजात ने दुनिया में आंख खोलने से पहले ही दम तोड़ दिया। पहले तो बिजुआ सीएचसी में प्रसूता को ठीक उपचार न मिलने से उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद लेडी डॉक्टर न होने के चलते गर्भवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रास्ते में गर्भवती महिला की हालत ज्यादा बिगड़ी तो साथ की महिलाओं ने एंबुलेंस में ही प्रसव करा दिया। अप्रशिक्षित हाथों से प्रसव होने के चलते नवजात ने दम तोड़ दिया। जिसका पता जिला अस्पताल पहुंचने के बाद चला।
गोला कोतवाली के भदेड़ गांव की प्रसूता मंजू पत्नी रूद्रप्रताप को रविवार को डिलीवरी के लिए बिजुआ सीएचसी लाया गया था। प्रसूता को पहले से दो बेटी हैं, तीसरे बच्चे का सुरक्षित प्रसव कराने के लिए गांव की आशा वर्कर माया देवी प्रसूता को प्रसव के लिए रविवार को सीएचसी लाई थीं। सीएचसी में भर्ती के सही उपचार न मिलने पर प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। ड्यूटी पर मौजूद स्टॉफ नर्स ने प्रसूता को प्राथमिक उपचार दिया। मरीज के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर काफी नाराजगी भी जाहिर की। जेएसवाई ड्यूटी में तैनात स्टॉफ नर्सों ने बिना महिला डॉक्टर के डिलीवरी कराने से मना कर दिया। इसके बाद प्रसूता मंजू को सीएचसी से जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि प्रसूता को लेकर एंबुलेंस 10 किमी ही पहुंची थी कि प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, एंबुलेंस के अंदर मौजूद महिलाओं ने प्रसव कराया, एंबुलेंस में अप्रशिक्षित हाथों से प्रसव होने के चलते शिशु की हालत बिगड़ गई। इसी हालत में जच्चा-बच्चा को जिला महिला अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डाक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। 
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जिले में अटैच की गई डॉक्टर नहीं लौटी वापस
बिजुआ सीएचसी पर तैनात महिला डाक्टर यामिनी बादल एवं अंजलि वर्मा का अटैचमेंट कुछ दिनों के लिए जिले पर हुआ था, लेकिन कई साल होने के बाद भी उनकी वापसी बिजुआ नहीं हो सकी। इस बीच महिला डाक्टर की वापसी का मुद्दा विधायक विनय तिवारी ने भी उठाया, लेकिन वह भी बिजुआ में महिला डाक्टर की वापसी नहीं करा सके। 
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प्रसूता को मैने रेफर किया था, प्रसूता की हालत ज्यादा गंभीर थी, इसलिए प्रसूता को रेफर किया गया था। एंबुलेंस में प्रसव की जानकारी नही है। - डा. प्रवीन निगम, मेडिकल आफिसर, सीएचसी बिजुआ

दुधमुंहे की मौत, मां की हालत बिगड़ी एएनएम पर लापरवाही का आरोप
रजागंज। ऐंटा गांव में दुधमुंहे की मौत की खबर सुनकर मां की हालत बिगड़ गई, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार वालों ने एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाया।

विकास खंड बेहजम के गांव ऐंटा में रविवार की सुबह शकील अहमद के पुत्र की अचानक तबियत खराब होने से मृत्यु हो गयी। परिजनों ने शनिवार को हुए टीकाकरण को बच्चे की मौत का कारण बताया। एएनम रेखा देवी ने बताया है कि शनिवार को गांव के कई बच्चों का टीकाकरण हुआ था। जिसमें ऐंटा के अरमान, ईशद, सहिदा और छोटू कोरैया को टीके लगाए गए। जिन बच्चों के टीके लगाये गए वो सभी स्वस्थ्य हैं। इस बच्चे की मौत का कारण उन्हें पता नहीं है। हेल्थ शिक्षा सुपरवाइजर डॉ. संतोष शुक्ला, डा. राजकुमार वर्मा ने इस मामले की जांच करके बताया है कि यह टीके पांच बीमारियों के लिए लगाए जाते है। संतोष शुक्ला ने बताया है की बच्चे की मां को  गर्भावस्था में ही दौरे की शिकायत थी।
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