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तालाब में डूबकर दो बच्चों की मौैत
जंगबहादुरगंज
Updated Sat, 11 Jul 2015 06:06 PM IST
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पसगवां थाना क्षेत्र के गांव सुखवासा स्थित तालाब में मवेशियों को नहलाने के दौरान एक किशोरी समेत तीन बच्चे डूूब गए, जिसके बाद सूचना पाकर पहुंचे परिवार वालों ने तीनों बच्चों को बेसुध हालत में बाहर निकाला। आनन-फानन में तीनों को सीएचसी पसगवां लाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर किशोरी को जिला अस्पताल शाहजहांपुर में भर्ती कराया गया है।
मूल रूप से मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के गांव बेहटी अफगान निवासी घुमंतू परिवार ने कुछ दिनों से पसगवां क्षेत्र के गांव सुखवासा में डेरा डाल रखा है। शनिवार की सुबह करीब 10 बजे डेरे के सिद्धू का 12 वर्षीय पुत्र सुहेल, सिद्दीक की पुत्रियां नौ वर्षीय शहीदा और 13 वर्षीय भिन्ना मवेशियों को नहलाने के लिए तालाब पर गए थे। तालाब में मवेशियों को नहलाने के साथ ही तीनों बच्चे मस्ती करने लगे, लेकिन बरसात का पानी अधिक होने से गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके। गहराई में फंसकर तीनों बच्चे डूबने लगे और बचाने के लिए चीख-पुकार भी की। आसपास के लोग जब तक माजरा समझे, तब तक तीनों बच्चे पानी में डूब गए। इसकी खबर डेरे पर पहुंची, तो सब बदहवास होकर तालाब पर पहुंचे। आनन-फानन में तीनों बच्चों को निकाला गया, जिसके बाद बेसुध बच्चों और किशोरी को सीएचसी पसगवां ले गए। डॉक्टर ने सुहेल और शहीदा को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर हाल किशोरी भिन्ना को जिला अस्पताल शाहजहांपुर में भर्ती कराया गया है। पसगवां पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं हादसे की खबर मिलते ही मोहम्मदी तहसीलदार भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार वालों से मिले।
बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे तालाब-गड्ढे
बरसात के बाद तालाब-गड्ढे पानी से लबालब हो गए हैं, जिससे यह बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। बताते चलें कि एक जुलाई 2015 को खीरी टाउन में अवैध खनन सेे बने गड्ढे के पानी में डूबकर चार बच्चों की मौत हो गई थी। जबकि इसी दिन निघासन क्षेत्र में सुतवा नाले में डूबकर दो और ओयल में नहर में डूबकर एक बच्चे की मौत हो गई थी।
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मूल रूप से मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के गांव बेहटी अफगान निवासी घुमंतू परिवार ने कुछ दिनों से पसगवां क्षेत्र के गांव सुखवासा में डेरा डाल रखा है। शनिवार की सुबह करीब 10 बजे डेरे के सिद्धू का 12 वर्षीय पुत्र सुहेल, सिद्दीक की पुत्रियां नौ वर्षीय शहीदा और 13 वर्षीय भिन्ना मवेशियों को नहलाने के लिए तालाब पर गए थे। तालाब में मवेशियों को नहलाने के साथ ही तीनों बच्चे मस्ती करने लगे, लेकिन बरसात का पानी अधिक होने से गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके। गहराई में फंसकर तीनों बच्चे डूबने लगे और बचाने के लिए चीख-पुकार भी की। आसपास के लोग जब तक माजरा समझे, तब तक तीनों बच्चे पानी में डूब गए। इसकी खबर डेरे पर पहुंची, तो सब बदहवास होकर तालाब पर पहुंचे। आनन-फानन में तीनों बच्चों को निकाला गया, जिसके बाद बेसुध बच्चों और किशोरी को सीएचसी पसगवां ले गए। डॉक्टर ने सुहेल और शहीदा को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर हाल किशोरी भिन्ना को जिला अस्पताल शाहजहांपुर में भर्ती कराया गया है। पसगवां पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं हादसे की खबर मिलते ही मोहम्मदी तहसीलदार भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार वालों से मिले।
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बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे तालाब-गड्ढे
बरसात के बाद तालाब-गड्ढे पानी से लबालब हो गए हैं, जिससे यह बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। बताते चलें कि एक जुलाई 2015 को खीरी टाउन में अवैध खनन सेे बने गड्ढे के पानी में डूबकर चार बच्चों की मौत हो गई थी। जबकि इसी दिन निघासन क्षेत्र में सुतवा नाले में डूबकर दो और ओयल में नहर में डूबकर एक बच्चे की मौत हो गई थी।
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