{"_id":"5a22e3b04f1c1b6a678bf684","slug":"51512235952-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोई डाक्टरी तो कहीं जूता-चप्पल बेचते मिले सफाईकर्मी, चार सस्पेंड","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कोई डाक्टरी तो कहीं जूता-चप्पल बेचते मिले सफाईकर्मी, चार सस्पेंड
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेचते मिले सफाईकर्मी, चार सस्पेंड
डीपीआरओ ने जांच कर मौके पर रंगे हाथ पकड़ा
तैनाती के गांवों से नदारद रहकर फ्री में ले रहे थे पगार
एडीओ पंचायत की भूमिका भी संदेह के दायरे में आई
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
राजस्व गांवों में तैनात सफाई कर्मचारी गांवों में सफाई कार्य न करके दूसरे रोजगार-धंधे में लगे हैं। सरकार से मोटा वेतन लेने के अलावा झोलाछाप डॉक्टरी और व्यापार के जरिये कमाई में जुटे तीन सफाई कर्मियों को रंगे हाथ पकड़ा गया है। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने शिकायतें मिलने पर मौके पर जाकर पड़ताल की, जिसमें आरोप सहीं पाए गए। डीपीआरओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धंधे में लगे तीन सफाईकर्मियों समेत चार को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
ब्लॉक मितौली के राजस्व गांव जलालपुर में तैनात सफाईकर्मी नंदलाल काफी समय से गांव में ड्यूटी न करके पिपरझला चौराहे पर झोलाछाप डाक्टर बनकर लोगों का इलाज कर रहा था। यहां के एडीओ पंचायत को इसकी भनक तक नहीं थी या फिर वह जानकर भी अंजान बने थे। इसकी सूचना मिलने पर डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने गुरुवार को सफाईकर्मी नंदलाल की दुकान पर मरीज बनकर छापा मारा, जहां नंदलाल आला लगाकर बैठा था। पहले तो उसने डीपीआरओ को मरीज जानकर बातचीत की, लेकिन फोटो खींचे जाने पर उसे शक हो गया। इसके बाद उसने कुर्सी छोड़ दी। इसी तरह बेहजम ब्लॉक के राजस्व गांव गौरिया में तैनात सफाई कर्मी राकेश कुमार शहर के छाउछ चौराहे पर कपड़े बेचते मिला। इसकी पुष्टि के लिए डीपीआरओ ने एक कर्मचारी को ग्राहक बनाकर उसकी दुकान पर भेजा। इसी ब्लॉक की राजस्व गांव नैनेपारा में तैनात सफाईकर्मी राकेश कुमार छाउछ चौराहे पर जूता-चप्पल बेचते मिला। यहां पर भी डीपीआरओ ने एक कर्मचारी को ग्राहक बनाकर भेजा, जिसे सफाई कर्मी पहचान नहीं सका। डीपीआरओ ने तीनों सफाई कर्मियों की दुकान चलाते हुए फोटोग्राफी कराई है। तीनों सफाई कर्मियों को सस्पेंड करते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। इसके अलावा ईसानगर ब्लॉक के राजस्व गांव फत्तेपुर में तैनात सफाई कर्मी जिलेदार पाल को सस्पेंड किया गया है, जिसके खिलाफ गांव से अनुपस्थित रहने का आरोप है। चारों कर्मियों को दूसरे ब्लॉकों में अटैच करते हुए डीपीआरओ ने दूसरी ब्लॉकों के एडीओ पंचायत को जांच सौंपी है।
सफाईकर्मियों के काम पर न जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। दूसरे कार्यों में लगे हुए थे, इसलिए कार्रवाई की गई है। कुछ और सफाईकर्मी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
विज्ञापन
चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ
विज्ञापन
डीपीआरओ ने जांच कर मौके पर रंगे हाथ पकड़ा
तैनाती के गांवों से नदारद रहकर फ्री में ले रहे थे पगार
एडीओ पंचायत की भूमिका भी संदेह के दायरे में आई
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
राजस्व गांवों में तैनात सफाई कर्मचारी गांवों में सफाई कार्य न करके दूसरे रोजगार-धंधे में लगे हैं। सरकार से मोटा वेतन लेने के अलावा झोलाछाप डॉक्टरी और व्यापार के जरिये कमाई में जुटे तीन सफाई कर्मियों को रंगे हाथ पकड़ा गया है। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने शिकायतें मिलने पर मौके पर जाकर पड़ताल की, जिसमें आरोप सहीं पाए गए। डीपीआरओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धंधे में लगे तीन सफाईकर्मियों समेत चार को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
ब्लॉक मितौली के राजस्व गांव जलालपुर में तैनात सफाईकर्मी नंदलाल काफी समय से गांव में ड्यूटी न करके पिपरझला चौराहे पर झोलाछाप डाक्टर बनकर लोगों का इलाज कर रहा था। यहां के एडीओ पंचायत को इसकी भनक तक नहीं थी या फिर वह जानकर भी अंजान बने थे। इसकी सूचना मिलने पर डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने गुरुवार को सफाईकर्मी नंदलाल की दुकान पर मरीज बनकर छापा मारा, जहां नंदलाल आला लगाकर बैठा था। पहले तो उसने डीपीआरओ को मरीज जानकर बातचीत की, लेकिन फोटो खींचे जाने पर उसे शक हो गया। इसके बाद उसने कुर्सी छोड़ दी। इसी तरह बेहजम ब्लॉक के राजस्व गांव गौरिया में तैनात सफाई कर्मी राकेश कुमार शहर के छाउछ चौराहे पर कपड़े बेचते मिला। इसकी पुष्टि के लिए डीपीआरओ ने एक कर्मचारी को ग्राहक बनाकर उसकी दुकान पर भेजा। इसी ब्लॉक की राजस्व गांव नैनेपारा में तैनात सफाईकर्मी राकेश कुमार छाउछ चौराहे पर जूता-चप्पल बेचते मिला। यहां पर भी डीपीआरओ ने एक कर्मचारी को ग्राहक बनाकर भेजा, जिसे सफाई कर्मी पहचान नहीं सका। डीपीआरओ ने तीनों सफाई कर्मियों की दुकान चलाते हुए फोटोग्राफी कराई है। तीनों सफाई कर्मियों को सस्पेंड करते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। इसके अलावा ईसानगर ब्लॉक के राजस्व गांव फत्तेपुर में तैनात सफाई कर्मी जिलेदार पाल को सस्पेंड किया गया है, जिसके खिलाफ गांव से अनुपस्थित रहने का आरोप है। चारों कर्मियों को दूसरे ब्लॉकों में अटैच करते हुए डीपीआरओ ने दूसरी ब्लॉकों के एडीओ पंचायत को जांच सौंपी है।
विज्ञापन
सफाईकर्मियों के काम पर न जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। दूसरे कार्यों में लगे हुए थे, इसलिए कार्रवाई की गई है। कुछ और सफाईकर्मी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
विज्ञापन
चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ