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मासूम बच्ची मिली, आरोपी महिला गिरफ्तार
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:26 PM IST
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लखीमपुर खीरी/निघासन।
दो नवंबर को मासूम बच्ची को लेकर फरार हुई आरोपी महिला को बच्ची समेत पुलिस ने दबोच लिया। मौसमी को देखकर उसके माता-पिता ने फफक कर रोते हुए उसे गले लगा लिया। उनके खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। आरोपी महिला ने बताया कि उसके कोई बच्चा नहीं था, इसलिए उसने यह कदम उठाया था।
एसओ अजय यादव ने बताया कि गांव दीदारू टांडा निवासी अशरपी बानो अपनी चार माह की बच्ची मौसमी और बहन की 11 वर्षीय बेटी अंजुम के साथ दो नवंबर को अस्पताल गई थी। अशरपी ने मौसमी को अंजुम की गोद में देकर उसे जलेबी लाने भेज दिया और वह खुद अस्पताल में चली गई। लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के पास एक महिला ने अंजुम की गोद से मौसमी को लेते हुए उसे जलेबी लेने के लिए होटल पर भेज दिया।
अंजुम जब लौटी तो महिला लापता थी। पुलिस ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। एसओ अजय यादव ने बताया कि बच्ची की तलाश में दरोगा राकेश सिंह, सिपाही वेद प्रकाश और रवि पाठक को लगाया गया था। उन्होंने तलाश करते हुए निघासन सिंगाही रोड स्थित मोटेबाबा के पास महिला और बच्ची को दबोच लिया। पकड़ी गई महिला ने अपना नाम ऊषा भार्गव पत्नी रामनाथ निवासी पचपेंडा बताया। उसने पुलिस को बताया कि उसकी शादी को करीब 34 साल हो गए हैं। उसके कोई भी संतान नहीं हो रही थी। काफी इलाज के बाद एक बच्चे को जन्म दिया था, उसकी भी मौत हो गई। वह बच्ची को पालने की मंशा से लेकर आई थी। पुलिस ने बच्ची को उसके माता-पिता को सौंपकर आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है।
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दो नवंबर को मासूम बच्ची को लेकर फरार हुई आरोपी महिला को बच्ची समेत पुलिस ने दबोच लिया। मौसमी को देखकर उसके माता-पिता ने फफक कर रोते हुए उसे गले लगा लिया। उनके खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। आरोपी महिला ने बताया कि उसके कोई बच्चा नहीं था, इसलिए उसने यह कदम उठाया था।
एसओ अजय यादव ने बताया कि गांव दीदारू टांडा निवासी अशरपी बानो अपनी चार माह की बच्ची मौसमी और बहन की 11 वर्षीय बेटी अंजुम के साथ दो नवंबर को अस्पताल गई थी। अशरपी ने मौसमी को अंजुम की गोद में देकर उसे जलेबी लाने भेज दिया और वह खुद अस्पताल में चली गई। लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के पास एक महिला ने अंजुम की गोद से मौसमी को लेते हुए उसे जलेबी लेने के लिए होटल पर भेज दिया।
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अंजुम जब लौटी तो महिला लापता थी। पुलिस ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। एसओ अजय यादव ने बताया कि बच्ची की तलाश में दरोगा राकेश सिंह, सिपाही वेद प्रकाश और रवि पाठक को लगाया गया था। उन्होंने तलाश करते हुए निघासन सिंगाही रोड स्थित मोटेबाबा के पास महिला और बच्ची को दबोच लिया। पकड़ी गई महिला ने अपना नाम ऊषा भार्गव पत्नी रामनाथ निवासी पचपेंडा बताया। उसने पुलिस को बताया कि उसकी शादी को करीब 34 साल हो गए हैं। उसके कोई भी संतान नहीं हो रही थी। काफी इलाज के बाद एक बच्चे को जन्म दिया था, उसकी भी मौत हो गई। वह बच्ची को पालने की मंशा से लेकर आई थी। पुलिस ने बच्ची को उसके माता-पिता को सौंपकर आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है।
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