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टेरर फंडिंग: दूसरे अभियुक्त ने भी दी जमानत अर्जी
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लखीमपुर खीरी। टेरर फंडिग के मामले में आरोपी मुमताज ने खुद को निर्दोष बताते हुए जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी पेश की है। जिसकी सुनवाई करते हुए प्रभारी जिला जज कुलदीप सक्सेना ने अभियोजन से आख्या तलब करने के आदेश दिए हैं। साथ ही सुनवाई के लिए छह दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है। वहीं दूसरे आरोपी संजय अग्रवाल की जमानत अर्जी पर भी सुनवाई नहीं हो सकी। अभियोजन पक्ष की ओर से समय बढ़ाने के अनुरोध पर प्रभारी जिला जज कुलदीप सक्सेना ने संजय की जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए नौ दिसंबर तारीख नियत की है।
हाई प्रोफाइल टेरर फंडिग के मामले में प्रभारी जिला जज कुलदीप सक्सेना के समक्ष संजय अग्रवाल की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने एटीएस से रिपोर्ट व सबंधित कागजात न आने की बात कहते हुए समय दिए जाने की बात कही। इस पर जमानत अर्जी की सुनवाई के लिए नौ दिसंबर की तारीख मुकर्रर कर दी गई। वहीं दूसरे आरोपी मुमताज की ओर से भी झूठा फंसाए जाने की बात कही गई और जमानत अर्जी पेश की। अदालत ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए छह दिसंबर तारीख मुकर्रर की है। साथ ही अभियोजन को जमानत अर्जी पर पक्ष रखने के लिए संसूचित किया है।
जमानत का करेंगे विरोध
डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि मामला भले ही निघासन में दर्ज हुआ हो, लेकिन तफ्तीश शासन के आदेश पर एटीएस को सौंपी गई है। लिहाजा दोनो जमानतों के मामले में एटीएस से कागजात मिलने के बाद ही जमानत के विरोध की रणनीति बनाई जाएगी।
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हाई प्रोफाइल टेरर फंडिग के मामले में प्रभारी जिला जज कुलदीप सक्सेना के समक्ष संजय अग्रवाल की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने एटीएस से रिपोर्ट व सबंधित कागजात न आने की बात कहते हुए समय दिए जाने की बात कही। इस पर जमानत अर्जी की सुनवाई के लिए नौ दिसंबर की तारीख मुकर्रर कर दी गई। वहीं दूसरे आरोपी मुमताज की ओर से भी झूठा फंसाए जाने की बात कही गई और जमानत अर्जी पेश की। अदालत ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए छह दिसंबर तारीख मुकर्रर की है। साथ ही अभियोजन को जमानत अर्जी पर पक्ष रखने के लिए संसूचित किया है।
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जमानत का करेंगे विरोध
डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि मामला भले ही निघासन में दर्ज हुआ हो, लेकिन तफ्तीश शासन के आदेश पर एटीएस को सौंपी गई है। लिहाजा दोनो जमानतों के मामले में एटीएस से कागजात मिलने के बाद ही जमानत के विरोध की रणनीति बनाई जाएगी।
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