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सुरक्षित रहे प्यारा भाई, बंदी भाइयों को बंधेगी सैनिटाइज राखी
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण की सबसे अधिक मार उन बहनों पर पड़ी है, जिनके भाई जिला जेल में अपने गुनाहों की सजा भुगत रहे हैं। यह भाई सुरक्षित रहें। इसको लेकर जेल प्रशासन भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। करीब 280 बहनों ने राखी भरे लिफाफे जेल गेट पर जमा किए हैं। जेल प्रशासन इन राखियों को सैनिटाइज कर 48 घंटे तक अपने पास रखेगा। तीन अगस्त की सुबह बंदियों को वितरित करेगा।
कोरोना संक्रमण से बंदियों और कैदियों को बचाने के लिए जेल प्रशासन शुरुआत से ही सतर्कता बरत रहा है। मार्च 2020 से जेल प्रशासन ने बंदियों की मुलाकात पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। रक्षाबंधन का पर्व हो या भाई दूज। इन त्योहारों पर जिला जेल पर बहनों की भारी भीड़ होती थी। चार सौ से लेकर साढ़े पांच सौ तक बहनें जिला जेल पहुंचकर बंदी भाईयों को टीका कर दूज खिलाती और रक्षा सूत्र बांधकर मुंह मीठा कराती थीं, लेकिन इस बार कोरोना बहनों और जेल में निरुद्ध उनके भाईयों के बीच दीवार बन गया है। बंदियों की कलाई सूनी न रहे। इसको लेकर शनिवार की शाम चार बजे तक लिफाफे में बंद राखियां बहनों से मांगी थी। शाम तक 280 राखियों के लिफाफे जेल प्रशासन को मिले हैं। इन राखियों को सैनिटाइज कर जेल प्रशासन 48 घंटे तक अपनी सुरक्षा में रखेगा। इसके बाद तीन अगस्त की सुबह लिफाफे बंदियों को उपलब्ध कराएगा। वर्तमान समय में जिला जेल में 1473 बंदी निरुद्ध हैं। 68 महिला बंदी हैं।
जेल प्रशासन खुद बनवाएगा हलुवा
जेल प्रशासन ने बहनों से रक्षाबंधन पर मिष्ठान सहित कोई भी खानपान की अन्य सामग्री लेने से साफ इनकार कर दिया है। बंदियों का मुंह मीठा कराने के लिए जेल प्रशासन जेल में ही हलुवा बनाकर बंदियों को देगा। रक्षा सूत्र बांधने के बाद बंदी हलुवा खाकर मुंह मीठा कर सकेंगे।
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करीब 280 राखियां के लिफाफे जमा हुए हैं। इन्हें सैनिटाइज कर 48 घंटे तक रखा जाएगा। तीन अगस्त की सुबह जिन बंदियों के नाम की राखियां आईं हैं। उन्हें दी जाएंगी। मिष्ठान पर पूरी तरह से रोक है। इसलिए जेल में ही हलुवा बनाकर बंदियों को दिया जाएगा। - आरबी पटेल, जेल अधीक्षक
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कोरोना संक्रमण से बंदियों और कैदियों को बचाने के लिए जेल प्रशासन शुरुआत से ही सतर्कता बरत रहा है। मार्च 2020 से जेल प्रशासन ने बंदियों की मुलाकात पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। रक्षाबंधन का पर्व हो या भाई दूज। इन त्योहारों पर जिला जेल पर बहनों की भारी भीड़ होती थी। चार सौ से लेकर साढ़े पांच सौ तक बहनें जिला जेल पहुंचकर बंदी भाईयों को टीका कर दूज खिलाती और रक्षा सूत्र बांधकर मुंह मीठा कराती थीं, लेकिन इस बार कोरोना बहनों और जेल में निरुद्ध उनके भाईयों के बीच दीवार बन गया है। बंदियों की कलाई सूनी न रहे। इसको लेकर शनिवार की शाम चार बजे तक लिफाफे में बंद राखियां बहनों से मांगी थी। शाम तक 280 राखियों के लिफाफे जेल प्रशासन को मिले हैं। इन राखियों को सैनिटाइज कर जेल प्रशासन 48 घंटे तक अपनी सुरक्षा में रखेगा। इसके बाद तीन अगस्त की सुबह लिफाफे बंदियों को उपलब्ध कराएगा। वर्तमान समय में जिला जेल में 1473 बंदी निरुद्ध हैं। 68 महिला बंदी हैं।
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जेल प्रशासन खुद बनवाएगा हलुवा
जेल प्रशासन ने बहनों से रक्षाबंधन पर मिष्ठान सहित कोई भी खानपान की अन्य सामग्री लेने से साफ इनकार कर दिया है। बंदियों का मुंह मीठा कराने के लिए जेल प्रशासन जेल में ही हलुवा बनाकर बंदियों को देगा। रक्षा सूत्र बांधने के बाद बंदी हलुवा खाकर मुंह मीठा कर सकेंगे।
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करीब 280 राखियां के लिफाफे जमा हुए हैं। इन्हें सैनिटाइज कर 48 घंटे तक रखा जाएगा। तीन अगस्त की सुबह जिन बंदियों के नाम की राखियां आईं हैं। उन्हें दी जाएंगी। मिष्ठान पर पूरी तरह से रोक है। इसलिए जेल में ही हलुवा बनाकर बंदियों को दिया जाएगा। - आरबी पटेल, जेल अधीक्षक