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Lakhimpur Kheri News: नए सत्र में बच्चों के हाथों में होंगी नई किताबें
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लखीमपुर खीरी। एक अप्रैल से परिषदीय स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत होनी है। इस बार विभाग ने पहले से ही 44 लाख 84 हजार किताबों की डिमांड शासन को भेज दी थी। इसके चलते करीब 15 लाख किताबें मिल चुकी हैं।
जिले में संचालित हो रहे 3106 परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को शासन की ओर से मुफ्त में पुस्तकें वितरित की जाती हैं। नवीन सत्र में ही बच्चों के हाथों में किताबें पहुंचें, इसके लिए विभाग ने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। डिमांड के सापेक्ष अब तक 14 लाख 96 हजार किताबें विभाग को मिल चुकी हैं।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि एक अप्रैल से पहले सभी बच्चों को किताबें मिल जाएं, इसके लिए प्रयास जारी हैं। शासन की ओर से लगातार किताबें विभाग को भेजी जा रही हैं। कुछ ही दिनों में ब्लॉकों और तहसीलों पर किताबें भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हर हाल में 30 मार्च तक किताबें स्कूलों में पहुंचा दी जाएंगी। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
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डीबीटी के माध्यम से मिलते हैं 1200 रुपये
परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत बच्चों के अभिभावकों को ड्रेस, जूता मोजा, बैग को लेकर शासन की ओर से 1200 रुपये की धनराशि दी जाती है। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खातों में भेजी जाती है। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि इस बार सभी अभिभावकों के खातों में यह धनराशि भी समय से पहुंच जाए, इसके लिए बच्चों के पंजीकरण के समय ही अभिभावक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक आदि दस्तावेज ले लिए जाएंगे। पूरा डाटा तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
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जिले में संचालित हो रहे 3106 परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को शासन की ओर से मुफ्त में पुस्तकें वितरित की जाती हैं। नवीन सत्र में ही बच्चों के हाथों में किताबें पहुंचें, इसके लिए विभाग ने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। डिमांड के सापेक्ष अब तक 14 लाख 96 हजार किताबें विभाग को मिल चुकी हैं।
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बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि एक अप्रैल से पहले सभी बच्चों को किताबें मिल जाएं, इसके लिए प्रयास जारी हैं। शासन की ओर से लगातार किताबें विभाग को भेजी जा रही हैं। कुछ ही दिनों में ब्लॉकों और तहसीलों पर किताबें भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हर हाल में 30 मार्च तक किताबें स्कूलों में पहुंचा दी जाएंगी। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
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डीबीटी के माध्यम से मिलते हैं 1200 रुपये
परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत बच्चों के अभिभावकों को ड्रेस, जूता मोजा, बैग को लेकर शासन की ओर से 1200 रुपये की धनराशि दी जाती है। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खातों में भेजी जाती है। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि इस बार सभी अभिभावकों के खातों में यह धनराशि भी समय से पहुंच जाए, इसके लिए बच्चों के पंजीकरण के समय ही अभिभावक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक आदि दस्तावेज ले लिए जाएंगे। पूरा डाटा तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।