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Lakhimpur Kheri News: सोनारीपुर में सड़क पर दिखी बाघिन और उसके शावक
Sat, 09 May 2026 12:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 09 May 2026 12:28 AM IST
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दुधवा के सोनारीपुर रेंज में मार्ग पर बैठी बाघिन। स्रोत: सोशल मीडिया
पलियाकलां (खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क की सोनारीपुर रेंज इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए रोमांच का केंद्र बनी हुई है। बृहस्पतिवार को दूसरी शिफ्ट में जंगल सफारी पर निकले मुंबई से आए वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स के एक समूह को सड़क पर आराम फरमाती बाघिन दिखाई दी।
कुछ दूरी पर उसके दो शावक भी घूमते नजर आए। जंगल के शांत माहौल में यह दृश्य देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। फोटोग्राफर्स के काफिले में शामिल वन्यजीव प्रेमियों ने तुरंत अपने प्रोफेशनल कैमरे और मोबाइल फोन निकाल लिए। बाघिन को कैमरे में कैद करने की होड़ मच गई। इसी दौरान कैमरों की आवाज से बाघिन की नींद में खलल पड़ गया। वह सड़क पर ही उठकर बैठ गई और सतर्क नजर आने लगी। खतरे का आभास होते ही उसके दोनों शावक धीरे-धीरे जंगल की झाड़ियों में ओझल हो गए।
गर्मी बढ़ने के साथ दुधवा में वन्यजीवों की दिनचर्या में भी बदलाव देखा जा रहा है। ठंडी हवा और पानी की तलाश में बाघ अक्सर वाटर होल के किनारे सुस्ताते दिखाई दे रहे हैं। हाथियों के झुंड भी वाटर होल में जलक्रीड़ा करते नजर आ रहे हैं, जो सैलानियों को आकर्षित कर रहे हैं। दुधवा में बाघों की बढ़ती सक्रियता और वन्यजीवों की सहज मौजूदगी पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन रही है।
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कुछ दूरी पर उसके दो शावक भी घूमते नजर आए। जंगल के शांत माहौल में यह दृश्य देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। फोटोग्राफर्स के काफिले में शामिल वन्यजीव प्रेमियों ने तुरंत अपने प्रोफेशनल कैमरे और मोबाइल फोन निकाल लिए। बाघिन को कैमरे में कैद करने की होड़ मच गई। इसी दौरान कैमरों की आवाज से बाघिन की नींद में खलल पड़ गया। वह सड़क पर ही उठकर बैठ गई और सतर्क नजर आने लगी। खतरे का आभास होते ही उसके दोनों शावक धीरे-धीरे जंगल की झाड़ियों में ओझल हो गए।
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गर्मी बढ़ने के साथ दुधवा में वन्यजीवों की दिनचर्या में भी बदलाव देखा जा रहा है। ठंडी हवा और पानी की तलाश में बाघ अक्सर वाटर होल के किनारे सुस्ताते दिखाई दे रहे हैं। हाथियों के झुंड भी वाटर होल में जलक्रीड़ा करते नजर आ रहे हैं, जो सैलानियों को आकर्षित कर रहे हैं। दुधवा में बाघों की बढ़ती सक्रियता और वन्यजीवों की सहज मौजूदगी पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन रही है।
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