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बेटी की शादी का अरमान संजोए चला गया भारत
Lakhimpur
Updated Thu, 13 Feb 2014 05:44 AM IST
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गांव के प्रधानपति ने ही लगा दी घर की खुशियों में आग
भारत की मौत से परिवार और गांव के लोग सदमे में
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। शहर के सीमावर्ती गांव मुड़िया खेड़ा का किसान भारत प्रसाद को यह उम्मीद थी कि जमीन बेचने के बाद उसे भरपूर पैसा मिलेगा और वह धूमधाम से बिटिया की शादी करने के बाद उसे विदा कर कसेगा। इसी उम्मीद में दो दिन पहले सोमवार को वह प्रधानपति विजयपाल से उसके घर मिलकर पैसे मांगने गया था, आरोप है कि प्रधानपति ने उसे पैसा देने से साफ मना कर दिया। प्रधानपति की इस बेरुखी से किसान भारत इस कदर आहत हुआ कि उसने मौत को गले लगाने जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया।
किसान भारत प्रसाद का 23 वर्षीय पुत्र संतोष कुमार और 18 वर्षीय पुत्री राधा है। भारत ने दोनों संतानों में बड़े संतोष की शादी तीन साल पहले कर दी थी। संतोष के एक पुत्र और एक पुत्री है। संतोष गांव और आसपास के क्षेत्रों में बिजली संबंधी काम तथा खेती में पिता का सहयोग कर अपना परिवार खुशहाली से चला रहा था। पिता भारत के कंधों पर पुत्री राधा की शादी का बोझ था। वह जल्द ही पुत्री की शादी करना चाहता था। इसके लिए उसने 16 बीघे जमीन में से तीन बीघा जमीन प्रधानपति विजयपाल को बेची थी, लेकिन जब विजयपाल ने जमीन लिखाने के बाद भी भारत को पैसा नहीं दिया तो इससे आहत किसान भारत सदमे में आ गया और उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया। भारत की मौत से पूरा गांव गमगीन है। गांव वालों का कहना है कि भारत बेहद सीधा-सादा किसान था। प्रधानपति से धोखाधड़ी का शिकार होने पर वह इस बेरुखी को बर्दाश्त नहीं कर पाया और अंत में बेटी की शादी का अरमान संजोए इस दुनिया से विदा हो गया।
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दो घंटे तक नहीं पहुंची एलआरपी चौकी पुलिस
बुधवार को मुड़िया खेड़ा गांव में किसान की आत्महत्या करने की घटना की सूचना परिवार और गांव के लोगों ने एलआरपी चौकी पुलिस को सुबह सात बजे ही दे दी थी, लेकिन एलआरपी चौकी पुलिस ने इस मामले का कोई संज्ञान नहीं लिया। आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी चौकी पुलिस डेढ़ से दो घंटे तक गांव नहीं पहुंची। पुलिस के न आने पर लोगों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। जिसकेे बाद प्रभारी कोतवाल रामसिंह पवांर और तमाम पुलिस फोर्स मुड़िया खेड़ा गांव पहुंची। चौकी पुलिस की इस लापरवाही के कारण गांव के लोगों में काफी आक्रोश था। दिन में तीन बजे तक पुलिस ने मृतक के पुत्र संतोष को चौकी में रोक रखा था।
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किसी गांव में सफाईकर्मी भी है प्रधानपति
मुड़िया खेड़ा का प्रधानपति किसी गांव में सफाईकर्मी के रूप में भी तैनात है। गांव वालों का कहना है कि सफाईकर्मी में तैनाती होने के बाद भी वह गांव में काम करने नहीं जाता था। किसान के पुत्र संतोष ने इस मामले की भी पुलिस से शिकायत की है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की भी छानबीन की जा रही है।
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प्रधानपति पर दर्ज हैं कई मुकदमे
प्रभारी कोतवाल रामसिंह पवांर के मुताबिक, गांव के लोगों ने इस बात की शिकायत की है कि प्रधानपति पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा जालसाजी के भी मामले हैं। पुलिस ने इस शिकायत पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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किसान की मौत पर गरमाई सियासत
मुड़िया खेड़ा गांव में किसान भारत प्रसाद की मौत की सूचना जैसे ही सियासी दलों को मिली, तुरंत नेता गांव पहुंचने लगे। सदर विधायक उत्कर्ष वर्मा कोतवाली पुलिस को सूचना देने के बाद मुड़िया खेड़ा गांव पहुंचे और किसान के परिवार के लोगों से मिलकर मौत के कारणों को जाना। विधायक ने परिवार के लोगों को ढाढ़स बंधाते हुए पुलिस को मामले में कार्रवाई के लिए कहा। वहीं पूर्व मंत्री और भाजपा नेता रामकुमार वर्मा ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर किसान के भतीजे और गांव के लोगों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल वर्मा और मंडल महामंत्री सर्वेश राज ने भी परिवार वालों से मिलकर सांत्वना दी।
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किसान की आत्महत्या के बाद प्रधान दंपति फरार
मुड़िया खेड़ा गांव में किसान भारत प्रसाद की आत्महत्या और सुसाइड नोट में आरोपी बनाए जाने के बाद प्रधान दंपति घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए उनके घर छापेमारी की लेकिन दोनों में से कोई घर नहीं मिला। प्रभारी कोतवाल रामसिंह पवांर का कहना है कि दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश देनी शुरू कर दी है। एलआरपी पुलिस ने भी गिरफ्तारी के लिए कहा गया है। जल्द ही पुलिस दोनों को गिरफ्तार करेगी।
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सुसाइड नोट में छिपा ‘भारत’ का दर्द
लखीमपुर खीरी। आत्महत्या करने वाले किसान भारत के पास मिले सुसाइड नोट से ही यह राज खुला कि उसने प्रधान पति की दबंगई और उसके द्वारा विश्वास में लेने के बाद किए गए धोखे के चलते ही उसने आत्महत्या की। इस सुसाइड नोट ने ही प्रधान पति का असली चेहरा बेनकाब कर दिया।
सुसाइड नोट की भाषा इतनी मार्मिक है कि उसे पढ़ कर कोई भी भारत के दर्द का अनुमान लगा सकता है। उसी के शब्दों में ..प्रधान पति का कहना था कि हम तुम्हारे साथ गद्दारी मक्कारी नहीं करेंगे, फिर तुमने ऐसा क्यों किया? ...हमारे साथ धोखा किया। तुम (प्रधान पति) कहते थे लड़की के लिए हम शादी बताएंगे, मेरी बेटिया की शादी तो तुमने ऐसी करवा दी..। गांव वालों को बता देना हम गलत निकले या तुम। ...हमारी जमीन जोतोगे तो हमारी ही याद आएगी...जल-जल कर मर जाओगे।
प्रधान को लोग गांव का इज्जतदार बताते हैं। हमे गांव से निरस्त कर दिया। तो हमारे जीने से क्या फायदा। जो आंसू तूने मुझे दिए हैं वो आंसू तुझे भी मिलेगा। ...तुम्हे एक पल भी चैन नहीं मिलेगा, हमारे घर को जला डाला। इसके अलावा भारत ने एसपी को भी एक पत्र लिखा है।
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जागा प्रशासन, होगी कार्रवाई
लखीमपुर खीरी। जिले में चल रहे फर्जी बैनामे के कई मामले उजागर होने के बाद भी इसका खेल बदस्तूर जारी है। तहसील प्रशासन, दबंगों और दलालों की साठगांठ के चलते ही किसान भारत को अपनी जान गंवानी पड़ी। भारत ने अपने सुसाइड नोट में भी कुछ इसी तरह की बात कही हैं। हालांकि फर्जी बैनामे के पहले भी तमाम मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन भारत की खुदकुशी के बाद हरकत में आया प्रशासन अब जांच कराकर कार्रवाई की बात कह रहा है।
एडीएम विद्याशंकर ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि बैनामे के फर्जी होने को चैलेंज उसके परिवार वाले एसडीएम न्यायालय में कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान अगर अपने घर का मुखिया था तो उसे पारिवारिक लाभ योजना की धनराशि भी दिलाई जाएगी। साथ ही अगर कहीं इस मामले में राजस्व कर्मियों की मिली भगत पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
भारत की मौत से परिवार और गांव के लोग सदमे में
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। शहर के सीमावर्ती गांव मुड़िया खेड़ा का किसान भारत प्रसाद को यह उम्मीद थी कि जमीन बेचने के बाद उसे भरपूर पैसा मिलेगा और वह धूमधाम से बिटिया की शादी करने के बाद उसे विदा कर कसेगा। इसी उम्मीद में दो दिन पहले सोमवार को वह प्रधानपति विजयपाल से उसके घर मिलकर पैसे मांगने गया था, आरोप है कि प्रधानपति ने उसे पैसा देने से साफ मना कर दिया। प्रधानपति की इस बेरुखी से किसान भारत इस कदर आहत हुआ कि उसने मौत को गले लगाने जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया।
किसान भारत प्रसाद का 23 वर्षीय पुत्र संतोष कुमार और 18 वर्षीय पुत्री राधा है। भारत ने दोनों संतानों में बड़े संतोष की शादी तीन साल पहले कर दी थी। संतोष के एक पुत्र और एक पुत्री है। संतोष गांव और आसपास के क्षेत्रों में बिजली संबंधी काम तथा खेती में पिता का सहयोग कर अपना परिवार खुशहाली से चला रहा था। पिता भारत के कंधों पर पुत्री राधा की शादी का बोझ था। वह जल्द ही पुत्री की शादी करना चाहता था। इसके लिए उसने 16 बीघे जमीन में से तीन बीघा जमीन प्रधानपति विजयपाल को बेची थी, लेकिन जब विजयपाल ने जमीन लिखाने के बाद भी भारत को पैसा नहीं दिया तो इससे आहत किसान भारत सदमे में आ गया और उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया। भारत की मौत से पूरा गांव गमगीन है। गांव वालों का कहना है कि भारत बेहद सीधा-सादा किसान था। प्रधानपति से धोखाधड़ी का शिकार होने पर वह इस बेरुखी को बर्दाश्त नहीं कर पाया और अंत में बेटी की शादी का अरमान संजोए इस दुनिया से विदा हो गया।
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दो घंटे तक नहीं पहुंची एलआरपी चौकी पुलिस
बुधवार को मुड़िया खेड़ा गांव में किसान की आत्महत्या करने की घटना की सूचना परिवार और गांव के लोगों ने एलआरपी चौकी पुलिस को सुबह सात बजे ही दे दी थी, लेकिन एलआरपी चौकी पुलिस ने इस मामले का कोई संज्ञान नहीं लिया। आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी चौकी पुलिस डेढ़ से दो घंटे तक गांव नहीं पहुंची। पुलिस के न आने पर लोगों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। जिसकेे बाद प्रभारी कोतवाल रामसिंह पवांर और तमाम पुलिस फोर्स मुड़िया खेड़ा गांव पहुंची। चौकी पुलिस की इस लापरवाही के कारण गांव के लोगों में काफी आक्रोश था। दिन में तीन बजे तक पुलिस ने मृतक के पुत्र संतोष को चौकी में रोक रखा था।
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किसी गांव में सफाईकर्मी भी है प्रधानपति
मुड़िया खेड़ा का प्रधानपति किसी गांव में सफाईकर्मी के रूप में भी तैनात है। गांव वालों का कहना है कि सफाईकर्मी में तैनाती होने के बाद भी वह गांव में काम करने नहीं जाता था। किसान के पुत्र संतोष ने इस मामले की भी पुलिस से शिकायत की है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की भी छानबीन की जा रही है।
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प्रधानपति पर दर्ज हैं कई मुकदमे
प्रभारी कोतवाल रामसिंह पवांर के मुताबिक, गांव के लोगों ने इस बात की शिकायत की है कि प्रधानपति पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा जालसाजी के भी मामले हैं। पुलिस ने इस शिकायत पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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किसान की मौत पर गरमाई सियासत
मुड़िया खेड़ा गांव में किसान भारत प्रसाद की मौत की सूचना जैसे ही सियासी दलों को मिली, तुरंत नेता गांव पहुंचने लगे। सदर विधायक उत्कर्ष वर्मा कोतवाली पुलिस को सूचना देने के बाद मुड़िया खेड़ा गांव पहुंचे और किसान के परिवार के लोगों से मिलकर मौत के कारणों को जाना। विधायक ने परिवार के लोगों को ढाढ़स बंधाते हुए पुलिस को मामले में कार्रवाई के लिए कहा। वहीं पूर्व मंत्री और भाजपा नेता रामकुमार वर्मा ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर किसान के भतीजे और गांव के लोगों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल वर्मा और मंडल महामंत्री सर्वेश राज ने भी परिवार वालों से मिलकर सांत्वना दी।
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किसान की आत्महत्या के बाद प्रधान दंपति फरार
मुड़िया खेड़ा गांव में किसान भारत प्रसाद की आत्महत्या और सुसाइड नोट में आरोपी बनाए जाने के बाद प्रधान दंपति घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए उनके घर छापेमारी की लेकिन दोनों में से कोई घर नहीं मिला। प्रभारी कोतवाल रामसिंह पवांर का कहना है कि दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश देनी शुरू कर दी है। एलआरपी पुलिस ने भी गिरफ्तारी के लिए कहा गया है। जल्द ही पुलिस दोनों को गिरफ्तार करेगी।
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सुसाइड नोट में छिपा ‘भारत’ का दर्द
लखीमपुर खीरी। आत्महत्या करने वाले किसान भारत के पास मिले सुसाइड नोट से ही यह राज खुला कि उसने प्रधान पति की दबंगई और उसके द्वारा विश्वास में लेने के बाद किए गए धोखे के चलते ही उसने आत्महत्या की। इस सुसाइड नोट ने ही प्रधान पति का असली चेहरा बेनकाब कर दिया।
सुसाइड नोट की भाषा इतनी मार्मिक है कि उसे पढ़ कर कोई भी भारत के दर्द का अनुमान लगा सकता है। उसी के शब्दों में ..प्रधान पति का कहना था कि हम तुम्हारे साथ गद्दारी मक्कारी नहीं करेंगे, फिर तुमने ऐसा क्यों किया? ...हमारे साथ धोखा किया। तुम (प्रधान पति) कहते थे लड़की के लिए हम शादी बताएंगे, मेरी बेटिया की शादी तो तुमने ऐसी करवा दी..। गांव वालों को बता देना हम गलत निकले या तुम। ...हमारी जमीन जोतोगे तो हमारी ही याद आएगी...जल-जल कर मर जाओगे।
प्रधान को लोग गांव का इज्जतदार बताते हैं। हमे गांव से निरस्त कर दिया। तो हमारे जीने से क्या फायदा। जो आंसू तूने मुझे दिए हैं वो आंसू तुझे भी मिलेगा। ...तुम्हे एक पल भी चैन नहीं मिलेगा, हमारे घर को जला डाला। इसके अलावा भारत ने एसपी को भी एक पत्र लिखा है।
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जागा प्रशासन, होगी कार्रवाई
लखीमपुर खीरी। जिले में चल रहे फर्जी बैनामे के कई मामले उजागर होने के बाद भी इसका खेल बदस्तूर जारी है। तहसील प्रशासन, दबंगों और दलालों की साठगांठ के चलते ही किसान भारत को अपनी जान गंवानी पड़ी। भारत ने अपने सुसाइड नोट में भी कुछ इसी तरह की बात कही हैं। हालांकि फर्जी बैनामे के पहले भी तमाम मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन भारत की खुदकुशी के बाद हरकत में आया प्रशासन अब जांच कराकर कार्रवाई की बात कह रहा है।
एडीएम विद्याशंकर ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि बैनामे के फर्जी होने को चैलेंज उसके परिवार वाले एसडीएम न्यायालय में कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान अगर अपने घर का मुखिया था तो उसे पारिवारिक लाभ योजना की धनराशि भी दिलाई जाएगी। साथ ही अगर कहीं इस मामले में राजस्व कर्मियों की मिली भगत पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।