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अब मंडी गेट पर ही मापी जाएगी धान की नमी
Updated Tue, 07 Nov 2017 07:38 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
खाद्य आयुक्त आलोक कुमार मंगलवार को सरकारी धान खरीद का हाल जानने के लिए राजापुर मंडी समिति पहुंचे, जहां क्रय केंद्रों और आढ़तों पर की जा रही धान खरीद के आंकड़ों में अंतर को जाना। आढ़तियों के फड़ों पर सैकड़ों की संख्या में ढेर देख नीलामी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने मंडी गेट पर ही नमी नापक यंत्र से धान को चेक करने के निर्देश दिए, जिसमें मानक के अनुरूप मिलने वाले धान की बिक्री सरकारी क्रय केंद्रों पर कराने के लिए डिप्टी आरएमओ कौशल देव और मंडी सचिव संतोष कुमार को निर्देश दिए हैं। एफसीआई के क्रय केंद्र पर खरीद होती नहीं मिली, जिस पर आयुक्त ने सख्त नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी से फोन पर बात कर केंद्र प्रभारी फहीम खान के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान आयुक्त ने आढ़तियों द्वारा धान की जा रही नीलामी को देखा, जिसके तरीके पर हैरानी जताते हुए वीडीओ क्लिप बनवाई है।
सरकारी धान खरीद का हाल जानने के लिए कई जिलों के भ्रमण पर निकले खाद्य आयुक्त आलोक कुमार दोपहर करीब एक बजे राजापुर मंडी पहुंचे, जहां डीएम आकाशदीप और एडीएम उमेश नारायन पांडेय समेत कई अधिकारी मौजूद थे। आयुक्त ने सबसे पहले मंडी सचिव कार्यालय के सामने आढ़त पर लगी धान की ढेरियों को देखा, जिसमें नमी की जांच करने के लिए नमी मापक यंत्र मंगाकर चेक कराया। सभी आढ़तों के फड़ धान से फुल मिले, जिस पर मंडी सचिव ने करीब 400 जगहों पर धान की ढेरियां लगी होने की जानकारी दी। आयुक्त ने धान की नीलामी प्रक्रिया के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली, जिसके बाद उन्होंने मंडी गेट पर ही किसानों के धान की नमी मापने के निर्देश देते हुए मानक अनुरूप मिले धान की बिक्री क्रय केंद्रों पर कराने की बात कही है। मंडी में धान की भारी आवक को देखते हुए आयुक्त ने मंडी में क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। डिप्टी आरएमओ ने तीन क्रय केंद्र खोले जाने की बात बताई गई। इसके बाद दूसरी आढ़त पर आयुक्त ने नीलामी प्रक्रिया देखकर हैरानी जताई, जिसमें एक आढ़ती ने बहुत तेजी से बोली लगाते हुए 1300 से 1400 रुपये तक पहुंचा दिया। आयुक्त के पूछने पर आढ़ती ने बताया कि दूसरे आढ़ती के इशारे से ही हमें उसके रेट का पता चल जाता है। इस पर आयुक्त ने डिप्टी आरएमओ को नीलामी की वीडीओ क्लिप बनाने के निर्देश दिए।
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इस दौरान आढ़तियों और अधिकारियों ने मंडी में धान की भारी आवक होने के लिए पड़ोसी जिलों बहराइच, सीतापुर, शाहजहांपुर से धान आना कारण बताया गया। इसके बाद आयुक्त ने मार्केटिंग के एक और एफसीआई के क्रय केंद्र का निरीक्षण किया, जिसमें एफसीआई के केंद्र पर खरीद बंद मिली। पूछताछ करने पर केंद्र प्रभारी फहीम खान संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इस पर आयुक्त ने एफसीआई के अधिकारी को फोन पर ही मामले की जांच कर केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यहीं पर मौजूद कालाडुंड निवासी किसान संजीव कुमार ने केंद्र प्रभारी द्वारा धान रिजेक्ट कर दिए जाने की शिकायत की गई। इस पर आयुक्त ने रिजेक्ट रजिस्टर की जांच कराई। इसके बाद आयुक्त ने गोला मंडी का निरीक्षण कर सरकारी धान खरीद बढ़ाने के निर्देश दिए।
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पांच क्रय केंद्रों पर
नहीं हुई खरीद
जिले में 110 क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिनमें पांच क्रय केंद्रों पर एक माह बाद भी खरीद शुरू नहीं हुई है। आयुक्त ने ऐसे केंद्रों को राजापुर मंडी समेत जरूरतमंद स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने मंडी में प्रतिदिन क्रय केंद्रों पर 300 एमटी धान खरीद कराने के निर्देश डिप्टी आरएमओ को दिए।
यह अधिकारी रहे मौजूद
खाद्य आयुक्त के काफिले में मंडी परिषद के निदेशक धीरज कुमार, उप निदेशक मंजू मिश्रा समेत कई अधिकारी शामिल थे, जबकि इस दौरान एआर कोआपरेटिव मंगल सिंह, पीसीएफ प्रबंधक प्रभंजन कुमार यादव, एएमओ विजय सिंह मौजूद रहे।