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Kushinagar News: पुलिस को चार बच्चों के जलने की मिली सूचना, छह शव मिले, नौमी भी रह गया अवाक

Sat, 17 Jun 2023 03:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर। Updated Sat, 17 Jun 2023 03:58 PM IST
सार

इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि चार लोगों की मौत की जानकारी ही मिली थी। आग बुझने के बाद छह शव मिले। साढू की तहरीर मिली है, लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है। अपने स्तर से जांच कर रहा हूं।

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Police received information about burning of four children six bodies in kushinagar
खुले आसमान में बैठे हुए नौमी खटिक व उसके पिता सरजू। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पुलिस को जानकारी देने से लेकर राख में शव ढूंढने तक सिर्फ चार बच्चों के जलने की खबर थी। नौमी ने जिस झोपड़ी में बच्चों के होने की बात कही, उसमें कोई नहीं था। बगल की झाेपड़ी में छह शव मिले तो वह अचेत हो गया था। प्रशासन की पड़ताल में ये बातें सामने आई हैं।

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अगलगी की घटना की शाम को जब नौमी घर पहुंचा तो उसकी पत्नी संगीता ने चावल बनाया था और पेट में दर्द होने की बात कहते हुए आराम करने चली गई। भोजन करने के बाद चार बच्चों को लेकर दरवाजे पर नौमी सोया था। मच्छरों के काटने से चारों बच्चों की नींद खुली तो नौमी ने बगल की झोपड़ी में ले जाकर सुला दिया।
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उस दौरान उसकी पत्नी छोटे बच्चे को लेकर कहीं गई थी। आग लगने के बाद नींद खुली तो नौमी ने जिस झोपड़ी में बच्चों को सुलाया था, उधर दौड़ा। लेकिन आग की लपटों से उसके कदम रुक गए। गांव का मुन्ना पहुंचा तो उसने फायर ब्रिगेड और पुलिस को फोन कर चार बच्चों के आग में जलने की सूचना दी।
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फायर ब्रिगेड पहुंचा तो उसी झोपड़ी की आग बुझाई, लेकिन उसमें कोई था नहीं। दूसरी झोपड़ी में देखने पर पत्नी और पांच बच्चों की लाशें मिलीं। यही बात नौमी बोल रहा था कि न जाने कब संगीता बच्चों को लेकर दूसरी झोपड़ी में चली गई।
 

सिर्फ कोरा आश्वासन, नहीं मिली मदद

आग में जलकर मां और पांच बच्चों की मौत के बाद पीड़ित परिवार का सुध लेने वाला कोई नहीं है। अभी तक रहने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। वहां पहुंचने वाले लोग प्रशासन को कोस रहे हैं। लोगों का कहना है कि घटना के बाद से अभी तक अनेक जनप्रतिनिधि, अफसर और समाजसेवी आए। मदद के नाम पर सिर्फ कोरा आश्वासन देकर चले गए। पूर्व प्रधान ने सुबह भोजन भिजवाया। लू के थपेड़ों के बीच पूरा परिवार व रिश्तेदार पेड़ के नीचे सो रहे हैं।

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इंस्पेक्टर बोले : मैं कर रहा हूं जांच, साढू की तहरीर का कोई मतलब नहीं
मां और पांच बच्चों की अगलगी में हुई मौत की जांच में जुटी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। साढ़ू की ओर से दी गई तहरीर को पुलिस नहीं मान रही है और अपने हिसाब से अगलगी की वजहों को ढूंढने में जुटी है। साढ़ू रामकोला इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए केस दर्ज करने की मांग कर रहा है।

बुधवार की रात रामकोला नगर पंचायत के उर्दहा में हुई घटना पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है। जहां प्रशासन आग लगने की घटना का कारण अज्ञात बता रहा है। वहीं पुलिस अगलगी के पीछे की वजहों को ढूंढने में जुटी है। साढू साधु खटिक ने पुलिस को दी गई तहरीर में दहेज के लिए हत्या का आरोप लगा रहा है। आरोप है कि घटना के बाद कई बार फोन करने पर रामकोला एसओ ने फोन नहीं रिसीव किया। शुरू से इनकी भूमिका संदिग्ध है। घटना को हादसे में पुलिस बदलना चाहती है।

इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि चार लोगों की मौत की जानकारी ही मिली थी। आग बुझने के बाद छह शव मिले। साढू की तहरीर मिली है, लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है। अपने स्तर से जांच कर रहा हूं।

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