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पूजा की आर्मी ज्वाइन करने की हसरत रह गई अधूरी
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रोती-बिलखती पूजा की मां व परिजन।
- फोटो : KUSHINAGAR
पूजा की आर्मी ज्वाइन करने की हसरत रह गई अधूरी
पिपरा बाजार(कुशीनगर)। लखनऊ से सहेली से मिलने आई पूजा भी कुएं हादसे में मौत गई। उसकी नियुक्ति आर्मी में हो गई थी। बृहस्पतिवार को उसे कार्यभार ग्रहण करने जाना था। घटना के बाद से उसका पूरा परिवार सदमे में है।
नौरंगिया स्कूल टोला निवासी बलवंत यादव सेना में हवलदार के पद पर जम्मू में तैनात हैं। उनकी एक बेटी और एक बेटा हैं। 22 वर्षीय बेटी पूजा बेटे से बड़ी थी। वह भी पिता की तरह देश की सेवा करना चाहती थी। इसके लिए वह लखनऊ में रहकर कुछ वर्षों से सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रही थी। परिजनों के मुताबिक उसकी मेहनत रंग लाई और आर्मी में नियुक्त हो गई थी। नियुक्ति पत्र भी आ गया था। इसी बीच वह गांव की किसी सहेली व परिजनों से बातचीत के बाद कुछ दिन पहले घर आ गई थी। बुधवार शाम सहेलियों के साथ गांव में हल्दी की रस्म देखने गई थी। वहां कुएं पर महिलाओं के साथ खड़ी होकर भांगड़ा देख रही थी। उसी दौरान अत्यधिक वजन होने से कुएं का स्लैब टूट गया और वह भी गिर गई। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पूजा की मौत की जानकारी होते ही पिता बलवंत सदमे में आ गए। मां व भाई सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन व ग्रामीणों की मानें तो बृहस्पतिवार को कार्यभार ग्रहण करने के लिए उसे जाना था, लेकिन उससे पहले यह हादसा हो गया।
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पिपरा बाजार(कुशीनगर)। लखनऊ से सहेली से मिलने आई पूजा भी कुएं हादसे में मौत गई। उसकी नियुक्ति आर्मी में हो गई थी। बृहस्पतिवार को उसे कार्यभार ग्रहण करने जाना था। घटना के बाद से उसका पूरा परिवार सदमे में है।
नौरंगिया स्कूल टोला निवासी बलवंत यादव सेना में हवलदार के पद पर जम्मू में तैनात हैं। उनकी एक बेटी और एक बेटा हैं। 22 वर्षीय बेटी पूजा बेटे से बड़ी थी। वह भी पिता की तरह देश की सेवा करना चाहती थी। इसके लिए वह लखनऊ में रहकर कुछ वर्षों से सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रही थी। परिजनों के मुताबिक उसकी मेहनत रंग लाई और आर्मी में नियुक्त हो गई थी। नियुक्ति पत्र भी आ गया था। इसी बीच वह गांव की किसी सहेली व परिजनों से बातचीत के बाद कुछ दिन पहले घर आ गई थी। बुधवार शाम सहेलियों के साथ गांव में हल्दी की रस्म देखने गई थी। वहां कुएं पर महिलाओं के साथ खड़ी होकर भांगड़ा देख रही थी। उसी दौरान अत्यधिक वजन होने से कुएं का स्लैब टूट गया और वह भी गिर गई। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पूजा की मौत की जानकारी होते ही पिता बलवंत सदमे में आ गए। मां व भाई सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन व ग्रामीणों की मानें तो बृहस्पतिवार को कार्यभार ग्रहण करने के लिए उसे जाना था, लेकिन उससे पहले यह हादसा हो गया।
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