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Kushinagar News: 49 निजी अस्पतालों में छापा, छह मिले अवैध, 22 में डाॅक्टर नहीं
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पडरौना। स्वास्थ्य विभाग की आठ टीमों ने बुधवार को 49 निजी अस्पतालों की जांच की। छह अस्पताल अवैध तरीके से संचालित मिले जबकि टीम को देख तीन अस्पताल बंद कर संचालक भाग निकले। मौके पर डाक्टर नहीं मिलने पर सीएमओ की ओर से 22 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। कार्रवाई से पूरे दिन निजी अस्पताल संचालकों में खलबली मची रही। अवैध अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग की टीम सील करने की तैयारी शुरू कर दी है।
बुधवार को हुई जांच में जिन डाॅक्टरों के नाम से 22 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन था, वे डाॅक्टर नहीं मिले। छह अस्पताल अवैध तरीके से संचालित पाए गए। इसके पूर्व 52 अस्पतालों की जांच की गई थी। टीम को देखते ही नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के अपना अस्पताल के संचालक भी अस्पताल बंद कर भाग निकले। टीम के पहुंचने से पहले सुकरौली का संजीवनी अस्पताल बंद हो गया था। अधिकारियों का कहना है कि संचालक अस्पताल बंद कर भाग गया।
एक नारीत्व हॉस्पिटल में केवल एक फार्मासिस्ट के नाम का बोर्ड लगा मिला लेकिन मौके पर कोई चिकित्सक नहीं था। अस्पताल में एक युवती मौजूद थी, जो अस्पताल के संचालन संबंधी कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सकी। निरीक्षण के दौरान कस्बे में कई अस्पतालों में टीम को मरीजों का रिकॉर्ड, चिकित्सकों की उपलब्धता, पंजीकरण संबंधी अभिलेख और अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले। स्वास्थ्य विभाग ने इसे मानकों का उल्लंघन मानते हुए अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है
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झांगा बाजार स्थित वैष्णवी हॉस्पिटल में पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। वहां कार्यरत पैरामेडिकल स्टाफ का किसी संस्था में पंजीकरण भी नहीं मिला। अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। मथौली के मेन रोड मथौली बाजार स्थित शिवम हॉस्पिटल का पंजीकरण नहीं मिला। अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था और प्रबंधक भी अनुपस्थित मिले। यहां कार्यरत कर्मचारियों के वैध संस्था में पंजीकरण के दस्तावेज भी नहीं मिले।
मथौली बाजार स्थित स्टार हॉस्पिटल में डॉ. नुरुल हक खान मौजूद मिले। अस्पताल का पंजीकरण यूनानी चिकित्सा पद्धति में पाया गया। पैरामेडिकल स्टाफ का पंजीकरण नहीं मिला। टीम ने चिकित्सक को नियमानुसार अंग्रेजी दवाओं का प्रयोग नहीं करने के निर्देश दिए। मेन रोड मथौली बाजार स्थित सिटी हॉस्पिटल जांच के दौरान बंद मिला। इसी तरह मेन रोड झांगा बाजार स्थित त्रिशिका हॉस्पिटल भी बंद पाया गया।
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-यह अभियान जारी रहेगा। किसी भी कीमत पर अवैध अस्पतालों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। 49 निजी अस्पतालों की जांच में छह अवैध मिले,जबकि 22 अस्पतालों पर डाक्टर नहीं मिले, इन अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। -डॉ चंद्रप्रकाश, सीएमओ कुशीनगर
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बुधवार को हुई जांच में जिन डाॅक्टरों के नाम से 22 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन था, वे डाॅक्टर नहीं मिले। छह अस्पताल अवैध तरीके से संचालित पाए गए। इसके पूर्व 52 अस्पतालों की जांच की गई थी। टीम को देखते ही नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के अपना अस्पताल के संचालक भी अस्पताल बंद कर भाग निकले। टीम के पहुंचने से पहले सुकरौली का संजीवनी अस्पताल बंद हो गया था। अधिकारियों का कहना है कि संचालक अस्पताल बंद कर भाग गया।
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एक नारीत्व हॉस्पिटल में केवल एक फार्मासिस्ट के नाम का बोर्ड लगा मिला लेकिन मौके पर कोई चिकित्सक नहीं था। अस्पताल में एक युवती मौजूद थी, जो अस्पताल के संचालन संबंधी कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सकी। निरीक्षण के दौरान कस्बे में कई अस्पतालों में टीम को मरीजों का रिकॉर्ड, चिकित्सकों की उपलब्धता, पंजीकरण संबंधी अभिलेख और अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले। स्वास्थ्य विभाग ने इसे मानकों का उल्लंघन मानते हुए अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है
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झांगा बाजार स्थित वैष्णवी हॉस्पिटल में पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। वहां कार्यरत पैरामेडिकल स्टाफ का किसी संस्था में पंजीकरण भी नहीं मिला। अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। मथौली के मेन रोड मथौली बाजार स्थित शिवम हॉस्पिटल का पंजीकरण नहीं मिला। अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था और प्रबंधक भी अनुपस्थित मिले। यहां कार्यरत कर्मचारियों के वैध संस्था में पंजीकरण के दस्तावेज भी नहीं मिले।
मथौली बाजार स्थित स्टार हॉस्पिटल में डॉ. नुरुल हक खान मौजूद मिले। अस्पताल का पंजीकरण यूनानी चिकित्सा पद्धति में पाया गया। पैरामेडिकल स्टाफ का पंजीकरण नहीं मिला। टीम ने चिकित्सक को नियमानुसार अंग्रेजी दवाओं का प्रयोग नहीं करने के निर्देश दिए। मेन रोड मथौली बाजार स्थित सिटी हॉस्पिटल जांच के दौरान बंद मिला। इसी तरह मेन रोड झांगा बाजार स्थित त्रिशिका हॉस्पिटल भी बंद पाया गया।
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-यह अभियान जारी रहेगा। किसी भी कीमत पर अवैध अस्पतालों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। 49 निजी अस्पतालों की जांच में छह अवैध मिले,जबकि 22 अस्पतालों पर डाक्टर नहीं मिले, इन अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। -डॉ चंद्रप्रकाश, सीएमओ कुशीनगर