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Kushinagar News: कागजातों के लिए कार्यालयों का चक्कर लगा रहे लोग

Thu, 29 Jan 2026 02:05 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 02:05 AM IST
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People are making rounds of offices for documents
नोटिस मिलने के बाद जुटी लोगों की भीड़। संवाद   
पडरौना। एसआईआर के बाद अनंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद जिले के 1.57 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इस नोटिस की सुनवाई के लिए शिविर भी लगाए गए हैं। नोटिस के जवाब के लिए मतदाताओं को दस्तावेजों को जुटाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जागरूकता की कमी और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की लापरवाही भी बड़ी बाधा बनी हुई है।
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इस कारण शिविरों में केवल 30-35 प्रतिशत लोग ही पहुंच रहे हैं। इनमें से भी आधे लोगों के प्रपत्र अधूरे या गलत पाए जा रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी लोगों को परिवार रजिस्टर की नकल लेने में हो रही है, क्योंकि एक सचिव के पास चार से पांच गांवों का चार्ज है। परिवार रजिस्टर की नकल लेने के लिए लोगों को ग्राम पंचायत से ब्लॉक कार्यालय तक चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसके निस्तारण के लिए जिले में 170 एईआरओ की ड्यूटी लगाई गई है। इनकी रिपोर्टिंग के बाद तहसीलों में ऑनलाइन डाटा अपलोड कर रिपोर्टिंग की जा रही है।
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निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इसके लिए छह फरवरी तक का समय मिला है। मतदाताओं को अपने निवास और जन्मतिथि संबंधी उचित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। नोटिस पाने वाले मतदाताओं को एआरओ और ईआरओ को अपने दस्तावेज प्रस्तुत करके अंतिम सूची में नाम जुड़वाना है।
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इसके लिए अलग-अलग तिथियों में अलग-अलग स्थानों पर सुनवाई की जा रही है, लेकिन जानकारी के अभाव में कम संख्या में लोग इन विशेष शिविरों तक पहुंच रहे हैं, जो पहुंच भी रहे हैं उनमें भी आधे लोग ही अपने सही दस्तावेज प्रस्तुत कर पा रहे हैं। पडरौना ब्लॉक पर दिन में करीब एक बजे मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय में एक कर्मचारी अंदर बैठे थे, बीडीओ की कुर्सी खाली रही और बाहर लोगों की भीड़ जमी थी।
अभिलेखों की जांच की गति सुस्त होने के कारण लोग परेशान दिखे, इसमें कई ऐसे लोग आए थे, जो चार दिन से ब्लॉक पर पहुंच रहे हैं, लेकिन अभिलेखों की कमी बताकर लौटा दिया जा रहा है।
यह दस्तावेज मान्य नहीं : अधिकतर लोग भ्रम की वजह से आधार कार्ड लेकर पहुंच रहे हैं। आधार कार्ड मान्य नहीं है। वहीं कई लोग सामान्य मूल निवास प्रमाणपत्र लेकर पहुंच रहे हैं। यह भी मान्य नहीं है। सिर्फ स्थायी मूल निवास ही मान्य है। यह भी पहले लोगों का बनता था अब नए सिर्फ सामान्य निवास प्रमाण पत्र ही बनते हैं। निर्वाचन आयोग ने बाहर रह रहे या तिथि मिलने पर उस समय बाहर होने वाले व्यक्ति को राहत दी है। घर से बाहर रहने वाले व्यक्ति के संबंधित दस्तावेज अब उनका सगा रिश्तेदार भी प्रस्तुत कर सकता है।

ये अभिलेख आवश्यक : सक्षम अधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाणपत्र। पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय की ओर से जारी हाईस्कूल की मार्कशीट/शैक्षिक प्रमाणपत्र, सक्षम अधिकारी की ओर से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र ,राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की नकल ,राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों की ओर से परिवार रजिस्टर की नकल, सरकार की ओर से जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, सेंट्रल/राज्य/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/पेंशनर को जारी किया गया पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश आवश्यक है।

जन्मतिथि के आधार पर प्रस्तुत करें दस्तावेज : 1987 से पहले जन्म हुआ हो तो कोई भी अभिलेख जिससे जन्मतिथि या जन्म स्थान ज्ञात होता हो। 1987 से 2004 तक जन्म हो तो स्वयं के जन्मतिथि या जन्मस्थान को प्रमाणित करने वाला कोई प्रमाणपत्र दे सकते हैं।
पिता या माता में से किसी एक का कोई अभिलेख जो जन्मतिथि या जन्मस्थान की पुष्टि करता हो। 2004 के बाद जन्म हुआ हो तो स्वयं का व माता और पिता के साथ जन्मतिथि या जन्मस्थान को प्रमाणित करने वाला पत्र हो यानि कुल तीन लोगों के अभिलेख हों। अगर अभिभावक में से कोई भारतीय नहीं है तो अपने जन्म के समय उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की एक प्रति उपलब्ध करा सकते हैं।


एसडीएम से की शिकायत : गोडरिया। दुदही ब्लॉक क्षेत्र में बुधवार को परिवार रजिस्टर नकल प्राप्त करने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। सचिव की अनुपलब्धता से परेशान ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी तमकुहीराज से मुलाकात कर अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। अमवा खास, ठाढ़ीभार जंगल, नौवगावा जंगल, लुअठहा, किरत पट्टी, कुवेरा, भुआलपटी सहित कई गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि वे बार-बार सचिव से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उपजिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा ने ग्रामीणों की बात गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने एवं शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
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