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Kushinagar News: जापान में बुद्ध के शांति संदेश का प्रसार करेंगे भिक्षु महेंद्र
Mon, 06 Apr 2026 01:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 06 Apr 2026 01:31 AM IST
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भंते महेंद्र को जापान जाने के दौरान स्वागत करते बुद्ध पीजी कालेज के शिक्षक। सोशल मीडिया
कसया। भिक्षु महेंद्र रविवार को बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने के उद्देश्य से कुशीनगर से जापान के लिए रवाना हुए। उनके प्रस्थान के अवसर पर बुद्ध पीजी कॉलेज के शिक्षकों व कर्मचारियों ने बुके भेंट और माल्यार्पण कर उनकी यात्रा की सफलता की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर भिक्षु महेंद्र ने कहा कि “बैर से बैर कभी समाप्त नहीं होता, बल्कि प्रेम और करुणा से ही उसे मिटाया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के अनेक देश अपने स्वार्थ के कारण युद्धरत हैं, जिससे वैश्विक शांति प्रभावित हो रही है। ऐसे में गौतम बुद्ध द्वारा बताए गए शांति, मैत्री, करुणा और अहिंसा के मार्ग को अपनाना ही मानवता के लिए एकमात्र समाधान है। उन्होंने बताया कि जापान के ओकायामा में विश्व बौद्ध मिशन जापान के तत्वावधान में 5 से 9 अप्रैल तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें उद्घाटन करने और मुख्य वक्ता के रूप में संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया है। इस सम्मेलन में दक्षिण-पूर्व एशिया और अमेरिका के विभिन्न देशों से प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस दौरान प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र, प्रो. ज्ञानप्रकाश मंगलम, प्रो. अंबिका प्रसाद तिवारी, डॉ. त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, शैलेंद्र दत्त शुक्ल, ब्रजेश मणि, दिनेश तिवारी, पन्नालाल मद्धेशिया, सुबोध कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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इस अवसर पर भिक्षु महेंद्र ने कहा कि “बैर से बैर कभी समाप्त नहीं होता, बल्कि प्रेम और करुणा से ही उसे मिटाया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के अनेक देश अपने स्वार्थ के कारण युद्धरत हैं, जिससे वैश्विक शांति प्रभावित हो रही है। ऐसे में गौतम बुद्ध द्वारा बताए गए शांति, मैत्री, करुणा और अहिंसा के मार्ग को अपनाना ही मानवता के लिए एकमात्र समाधान है। उन्होंने बताया कि जापान के ओकायामा में विश्व बौद्ध मिशन जापान के तत्वावधान में 5 से 9 अप्रैल तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें उद्घाटन करने और मुख्य वक्ता के रूप में संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया है। इस सम्मेलन में दक्षिण-पूर्व एशिया और अमेरिका के विभिन्न देशों से प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस दौरान प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र, प्रो. ज्ञानप्रकाश मंगलम, प्रो. अंबिका प्रसाद तिवारी, डॉ. त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, शैलेंद्र दत्त शुक्ल, ब्रजेश मणि, दिनेश तिवारी, पन्नालाल मद्धेशिया, सुबोध कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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