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कुशीनगर में शव रखकर सड़क पर जाम, थाने पर पथराव
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कुशीनगर में शव रखकर सड़क पर जाम, थाने पर पथराव
खडडा/छितौनी(कुशीनगर)। जमीन के लिए एक भाई के परिजनों की पिटाई से दूसरे भाई की हुई मौत के मामले में हनुमानगंज पुलिस पर लापरवाही व कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए लोगों ने सोमवार की शाम को हनुमानगंज थाने के पास शव रखकर सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने बल पूर्वक भीड़ हटाने का प्रयास किया तो पहले से नाराज चल रहे लोग उग्र हो गए और थाने पर पथराव कर दिया।
पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और डेढ़ घंटे तक हनुमानगंज थाने का गेट युद्घ का मैदान बना रहा। एसडीएम व सीओ खड्डा ने पहुंचकर किसी तरह से मामला शांत कराया। इस बवाल में आम लोगों व पुलिस कर्मियों को मिलाकर 10 से अधिक लोगों के चोटिल होने की बात कही जा रही है। देर शाम डीएम व एसपी भी मौके पर पहुंचे थे।
रविवार की शाम को हनुमानगंज थाना क्षेत्र के बोधीछपरा गांव में जमीन संबंधी विवाद में जयप्रकाश सिंह की हत्या सगे भाई व उसके परिजनों ने कर दी थी। सोमवार की शाम लगभग चार बजे पोस्टमार्टम के बाद जयप्रकाश सिंह का शव गांव में पहुंचा तो लगभग 400 की संख्या में उग्र लोग शव लेकर थाने के गेट पर पहुंच गए और खड्डा-पनियहवा मार्ग को जाम कर दिया। शव रखकर जाम लगाए ग्रामीणों को पुलिस ने हटाने का प्रयास किया तो इसी दौरान अचानक पथराव शुरू हो गया। भीड़ ने पत्थर चलाए तो पुलिस कर्मियों ने भी जवाब में पत्थर चलाए।
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ग्रामीण रेलवे लाइन पर चढ़कर पथराव करने लगे तो पुलिस ने भी मोर्चा सम्भाल लिया। दोनों तरफ से पथराव होने लगा। इस दौरान एसओ हनुमानगंज पंकज गुप्ता सहित छह-सात पुलिस कर्मियों को चोट लगी। वहीं कई ग्रामीणों को भी हाथ-पैर व चेहरे पर पत्थर से चोट लगी। पुलिस ने खदेड़ा तो भीड कुछ दूर जाकर फिर पत्थर चलाने लगी। बिगड़ते माहौल को देखते हुए खड्डा, कप्तानगंज, रामकोला, नेबुआ नौरगिया आदि थानों की पुलिस फोर्स बुलाई गई।
एसडीएम अरविंद कुमार, सीओ शिवाजी सिंह व तहसीलदार डॉ. एसके राय भी पहुंच गए। एसडीएम-सीओ ने आगे बढ़कर भीड़ से शांति की अपील की तो लोग मान गए। शाम छह बजे धीरे-धीरे माहौल शांत हुआ। इसके बाद हत्या के मामले में जमानत नहीं होने, पत्नी को आवास, विधवा पेंशन, पुश्तैनी जमीन का बंटवारा, 20 लाख रुपये मुआवजा, मृतक जयप्रकाश के बेटे को पीटने वाले खड्डा के एसआई पर कार्रवाई सहित सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। ज्ञापन लेकर शीघ्र सभी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए पुलिस ने शव को उठवाकर अंतिम संस्कार के लिए भेजा। रात में आठ बजे डीएम एस राजलिंगम व एसपी सचिंद्र पटेल भी हनुमानगंज थाने पर पहुंचे थे।
पुलिस के भूमिका की जांच और कार्रवाई होगी: विधायक
हनुमानगंज थाने पर हुए बवाल के संबंध में खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी का कहना है कि इस प्रकरण में उन्होंने एसपी से दूरभाष पर वार्ता की है। जमीनी विवाद में हत्या जैसी घटना के बावजूद पुलिस का मौके पर देर से पहुंचना और लोगों में पुलिस के प्रति अविश्वास यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं हनुमानगंज पुलिस की चूक की वजह से ही यह वारदात हुई है। इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक ने कहा कि अगर किसी निर्दोष नागरिक का उत्पीड़न हुआ तो पुलिस कर्मियों की शिकायत डीपीजी की जाएगी।
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खडडा/छितौनी(कुशीनगर)। जमीन के लिए एक भाई के परिजनों की पिटाई से दूसरे भाई की हुई मौत के मामले में हनुमानगंज पुलिस पर लापरवाही व कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए लोगों ने सोमवार की शाम को हनुमानगंज थाने के पास शव रखकर सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने बल पूर्वक भीड़ हटाने का प्रयास किया तो पहले से नाराज चल रहे लोग उग्र हो गए और थाने पर पथराव कर दिया।
पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और डेढ़ घंटे तक हनुमानगंज थाने का गेट युद्घ का मैदान बना रहा। एसडीएम व सीओ खड्डा ने पहुंचकर किसी तरह से मामला शांत कराया। इस बवाल में आम लोगों व पुलिस कर्मियों को मिलाकर 10 से अधिक लोगों के चोटिल होने की बात कही जा रही है। देर शाम डीएम व एसपी भी मौके पर पहुंचे थे।
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रविवार की शाम को हनुमानगंज थाना क्षेत्र के बोधीछपरा गांव में जमीन संबंधी विवाद में जयप्रकाश सिंह की हत्या सगे भाई व उसके परिजनों ने कर दी थी। सोमवार की शाम लगभग चार बजे पोस्टमार्टम के बाद जयप्रकाश सिंह का शव गांव में पहुंचा तो लगभग 400 की संख्या में उग्र लोग शव लेकर थाने के गेट पर पहुंच गए और खड्डा-पनियहवा मार्ग को जाम कर दिया। शव रखकर जाम लगाए ग्रामीणों को पुलिस ने हटाने का प्रयास किया तो इसी दौरान अचानक पथराव शुरू हो गया। भीड़ ने पत्थर चलाए तो पुलिस कर्मियों ने भी जवाब में पत्थर चलाए।
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ग्रामीण रेलवे लाइन पर चढ़कर पथराव करने लगे तो पुलिस ने भी मोर्चा सम्भाल लिया। दोनों तरफ से पथराव होने लगा। इस दौरान एसओ हनुमानगंज पंकज गुप्ता सहित छह-सात पुलिस कर्मियों को चोट लगी। वहीं कई ग्रामीणों को भी हाथ-पैर व चेहरे पर पत्थर से चोट लगी। पुलिस ने खदेड़ा तो भीड कुछ दूर जाकर फिर पत्थर चलाने लगी। बिगड़ते माहौल को देखते हुए खड्डा, कप्तानगंज, रामकोला, नेबुआ नौरगिया आदि थानों की पुलिस फोर्स बुलाई गई।
एसडीएम अरविंद कुमार, सीओ शिवाजी सिंह व तहसीलदार डॉ. एसके राय भी पहुंच गए। एसडीएम-सीओ ने आगे बढ़कर भीड़ से शांति की अपील की तो लोग मान गए। शाम छह बजे धीरे-धीरे माहौल शांत हुआ। इसके बाद हत्या के मामले में जमानत नहीं होने, पत्नी को आवास, विधवा पेंशन, पुश्तैनी जमीन का बंटवारा, 20 लाख रुपये मुआवजा, मृतक जयप्रकाश के बेटे को पीटने वाले खड्डा के एसआई पर कार्रवाई सहित सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। ज्ञापन लेकर शीघ्र सभी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए पुलिस ने शव को उठवाकर अंतिम संस्कार के लिए भेजा। रात में आठ बजे डीएम एस राजलिंगम व एसपी सचिंद्र पटेल भी हनुमानगंज थाने पर पहुंचे थे।
पुलिस के भूमिका की जांच और कार्रवाई होगी: विधायक
हनुमानगंज थाने पर हुए बवाल के संबंध में खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी का कहना है कि इस प्रकरण में उन्होंने एसपी से दूरभाष पर वार्ता की है। जमीनी विवाद में हत्या जैसी घटना के बावजूद पुलिस का मौके पर देर से पहुंचना और लोगों में पुलिस के प्रति अविश्वास यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं हनुमानगंज पुलिस की चूक की वजह से ही यह वारदात हुई है। इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक ने कहा कि अगर किसी निर्दोष नागरिक का उत्पीड़न हुआ तो पुलिस कर्मियों की शिकायत डीपीजी की जाएगी।