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Kushinagar News: ऐतिहासिक हिरण्यवती नदी में जल प्रवाह की कवायद शुरू, नहर से हटेगा अतिक्रमण
Mon, 06 Oct 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 06 Oct 2025 12:48 AM IST
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कसया। तहसील क्षेत्र के परसौना माइनर और टेकुआटार-जमुनिया टेलगुल पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए रविवार एसडीएम कसया डॉ. संतराज सिंह बघेल ने राजस्व एवं सिंचाई विभाग की टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया।
दोनों माइनरों के टेलगुल को सफाई कराकर हिरण्यवती नदी में पानी गिराने की योजना बनाई गई। हिरण्यवती नदी को पानी की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जिले पर बैठक के बाद कसया तहसील क्षेत्र में आ रहे अवरोध को लेकर एसडीएम ने राजस्व और सिंचाई विभाग की गठित टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जहां परसौना माइनर की कुल लंबाई 2.200 किमी है, जिसमें लगभग 700 मीटर हिस्से पर अतिक्रमण पाया गया है। वहीं टेकुआटार माइनर से निकलने वाली जमुनिया टेलगुल (लंबाई 1.700 किमी) के लगभग 200 मीटर हिस्से पर भी अतिक्रमण की पुष्टि हुई। अतिक्रमण के कारण माइनर का पानी हिरण्यवती नदी में नहीं गिर पा रहा है, जिससे आसपास के किसानों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। एसडीएम डॉ. बघेल ने मौके पर संबंधित राजस्व कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमित हिस्से की पैमाइश कराकर शीघ्र अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए ताकि पानी का प्रवाह पुनः सामान्य रूप से हिरणवती नदी में जा सके।
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दोनों माइनरों के टेलगुल को सफाई कराकर हिरण्यवती नदी में पानी गिराने की योजना बनाई गई। हिरण्यवती नदी को पानी की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जिले पर बैठक के बाद कसया तहसील क्षेत्र में आ रहे अवरोध को लेकर एसडीएम ने राजस्व और सिंचाई विभाग की गठित टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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जहां परसौना माइनर की कुल लंबाई 2.200 किमी है, जिसमें लगभग 700 मीटर हिस्से पर अतिक्रमण पाया गया है। वहीं टेकुआटार माइनर से निकलने वाली जमुनिया टेलगुल (लंबाई 1.700 किमी) के लगभग 200 मीटर हिस्से पर भी अतिक्रमण की पुष्टि हुई। अतिक्रमण के कारण माइनर का पानी हिरण्यवती नदी में नहीं गिर पा रहा है, जिससे आसपास के किसानों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। एसडीएम डॉ. बघेल ने मौके पर संबंधित राजस्व कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमित हिस्से की पैमाइश कराकर शीघ्र अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए ताकि पानी का प्रवाह पुनः सामान्य रूप से हिरणवती नदी में जा सके।
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