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खाकीवालों पर लगे हैं कई ‘दाग’
कुशीनगर
Updated Thu, 26 May 2016 11:28 PM IST
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पुलिस
- फोटो : Getty
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राकेश कुमार गौंड़
पडरौना। पुलिस कस्टडी में रखे गए व्यक्तियों की मौत को लेकर भी खाकी कुशीनगर जिले में कई बार बदनाम हुई है। फरवरी 2015 में कसया के टेंट व्यवसायी की पुलिस अभिरक्षा में मौत का मामला रहा हो या फिर 24 नवंबर 2015 को पगरा गांव के किशोर सिद्धांत की बाल सुधार गृह गोरखपुर में मौत की बात हो, इस मामले में भी खाकी का दामन दागदार हुई थी और हाटा के तत्कालीन कोतवाल को निलंबित कर दिया गया था।
पिछले वर्ष नवंबर 2015 में छठ के दिन सभासद जयप्रकाश की बाइक चोरी हो गई थी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने पगरा गांव के 14 वर्षीय सिद्धांत सिंह को पकड़ लिया था। किशोर के घरवालों का आरोप था कि पुलिस ने लॉकअप में दो दिन सिद्धांत की निर्ममतापूर्वक पिटाई के बाद बाल सुधार गृह गोरखपुर भेजा था। 21 नवंबर कोर्ट में पेशी के दौरान किशोर की हालत बिगड़ गई।
उसे पुन: बाल सुधार गृह भेजा गया था, जहां 24 तारीख को सिद्धांत की मौत हो गई थी। किशोर न्याय बोर्ड के अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में सिद्धांत के शरीर पर चोट के कई निशान होने का उल्लेख किया था। घटना के बाद लोगों ने काफी विरोध जताया था। एहतियात के तौर पर वहां काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। इस मामले में हाटा के तत्कालीन कोतवाल बृजेश कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया गया था।
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बृजेश कुमार वर्मा पर इसके पूर्व कई संगीन आरोप लगे हैं। इसके अलावा फरवरी 2015 में कसया में हाकी प्रतियोगिता आयोजित थी। कस्बे के लोहिया नगर के टेंट व्यवसायी दुर्गा मद्धेशिया की तरफ से सामग्रियों की आपूर्ति की गई थी।
दुर्गा मद्धेशिया के परिवारवालों और कस्बे के लोगों की तरफ से आरोप लगाया गया था कि प्रतियोगिता में असुविधा होने पर तत्कालीन चौकी इंचार्ज ने उन्हें कुशीनगर पुलिस चौकी में लाकर लॉकअप में रखा और उनकी निर्ममतापूर्वक पिटाई की थी, जिससे पुलिस अभिरक्षा में ही उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद नाराज लोगों ने एक दर्जन से अधिक बड़े वाहन और बाइक को फूंक दिया था। कुशीनगर पुलिस चौकी में भी तोड़फोड़ की थी।
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पडरौना। पुलिस कस्टडी में रखे गए व्यक्तियों की मौत को लेकर भी खाकी कुशीनगर जिले में कई बार बदनाम हुई है। फरवरी 2015 में कसया के टेंट व्यवसायी की पुलिस अभिरक्षा में मौत का मामला रहा हो या फिर 24 नवंबर 2015 को पगरा गांव के किशोर सिद्धांत की बाल सुधार गृह गोरखपुर में मौत की बात हो, इस मामले में भी खाकी का दामन दागदार हुई थी और हाटा के तत्कालीन कोतवाल को निलंबित कर दिया गया था।
पिछले वर्ष नवंबर 2015 में छठ के दिन सभासद जयप्रकाश की बाइक चोरी हो गई थी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने पगरा गांव के 14 वर्षीय सिद्धांत सिंह को पकड़ लिया था। किशोर के घरवालों का आरोप था कि पुलिस ने लॉकअप में दो दिन सिद्धांत की निर्ममतापूर्वक पिटाई के बाद बाल सुधार गृह गोरखपुर भेजा था। 21 नवंबर कोर्ट में पेशी के दौरान किशोर की हालत बिगड़ गई।
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उसे पुन: बाल सुधार गृह भेजा गया था, जहां 24 तारीख को सिद्धांत की मौत हो गई थी। किशोर न्याय बोर्ड के अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में सिद्धांत के शरीर पर चोट के कई निशान होने का उल्लेख किया था। घटना के बाद लोगों ने काफी विरोध जताया था। एहतियात के तौर पर वहां काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। इस मामले में हाटा के तत्कालीन कोतवाल बृजेश कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया गया था।
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बृजेश कुमार वर्मा पर इसके पूर्व कई संगीन आरोप लगे हैं। इसके अलावा फरवरी 2015 में कसया में हाकी प्रतियोगिता आयोजित थी। कस्बे के लोहिया नगर के टेंट व्यवसायी दुर्गा मद्धेशिया की तरफ से सामग्रियों की आपूर्ति की गई थी।
दुर्गा मद्धेशिया के परिवारवालों और कस्बे के लोगों की तरफ से आरोप लगाया गया था कि प्रतियोगिता में असुविधा होने पर तत्कालीन चौकी इंचार्ज ने उन्हें कुशीनगर पुलिस चौकी में लाकर लॉकअप में रखा और उनकी निर्ममतापूर्वक पिटाई की थी, जिससे पुलिस अभिरक्षा में ही उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद नाराज लोगों ने एक दर्जन से अधिक बड़े वाहन और बाइक को फूंक दिया था। कुशीनगर पुलिस चौकी में भी तोड़फोड़ की थी।