गैस सिलेंडर से लगी आग, स्कूल में अफरातफरी
काफी प्रयास के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद गांव के लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। तब जाकर लोगों ने राहत की सॉस ली।
सोमवार को प्राथमिक विद्यालय माधोपुर में रसोइया करीब दस बजे खाना बना रही थी। तभी अचानक सिलेंडर के रेग्युलेटर में आग पकड़ ली। सिलेंडर के रेग्युलेटर से लपटें निकलती देख रसोइया व शिक्षक घबरा गए। बोरे को पानी में भिगो कर सिलेंडर पर फेंका, लेकिन आग की लपट इतनी तेज थी कि उससे भी नहीं बुझ सकी।
इसकी जानकारी जैसे ही बच्चों में हुई, तो वे शोर मचाते हुए नहर की पटरी पर पहुंच गए। कुछ देर के लिए गांव में अफरातफरी मच गई। बच्चों के रोने व शोर सुनकर अभिभावक व गांव के लोग भी नहर की पटरी पर पहुंच गए और आग को बुझाने की तरकीब निकालने लगे, लेकिन वे सफल नहीं हुए। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख शिक्षक ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। संयोग ही रहा कि बड़ा हादसा होने से बच गया।
अग्निशमन यंत्र भी बेकार साबित हुआ
बलकुड़िया गांव के टोला माधोपुर में संचालित प्राथमिक विद्यालय में 118 बच्चे नामांकित हैं। जिस वक्त स्कूल में आग लगी, उस समय 103 बच्चे मौजूद थे। स्कूल में अग्निशमन यंत्र भी लगाया गया है, लेकिन इसके उपयोग की जानकारी शिक्षकों को नहीं थी। परिणाम स्वरूप आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। प्रभारी प्रधानाध्यापक रविप्रकाश गुप्त ने बताया कि सिलेंडर पर सूत की बोरी भिगोकर फेंका गया, लेकिन आग नहीं बुझी। अग्निशमन यंत्र चलाने की जानकारी नहीं थी। इसलिए बच्चों को स्कूल कैंपस के बाहर कर दिया गया।