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सीएमओ कार्यालय के फार्मासिस्ट पर धोखाधड़ी व गबन का केस

Wed, 19 May 2021 11:10 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 May 2021 11:10 PM IST
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case in pharmasist
सीएमओ कार्यालय के फार्मासिस्ट पर धोखाधड़ी व गबन का केस
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- सीएमओ की तहरीर पर दर्ज हुआ है केस
- सैनिटाइजर में मिलावट कर अस्पतालों को आपूर्ति करने का है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कोरोना संकट के दौरान दवाइयों व ऑक्सीजन की कालाबाजारी की खबरें तो बहुत आई हैं लेकिन पहली बार सरकारी अस्पतालों में सैनिटाइजरी आपूर्ति में भी धांधली का मामला सामने आया है। आरोपी भी स्वास्थ्य विभाग का फार्मासिस्ट है और सीएमओ दफ्तर में ही लंबे समय से संबद्घ है। पडरौना कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सीएमओ की तहरीर पर आरोपी फार्मासिस्ट के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन से संबंधित धारा में केस दर्ज किया है। आरोपी को पूछताछ के लिए कोतवाली भी बुलाया गया था।
दो दिन पहले डीएम एस राजलिंगम जिला अस्पताल के निरीक्षण में गए थे। वहां कर्मचारियों ने डीएम से शिकायत की कि जो सैनिटाइजर उन्हें उपयोग के लिए दिया गया है, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीएमओ से उपलब्ध सैनिटाइजर की जांच कराने एवं जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। बुधवार को कोविड कंट्रोल रूम में समीक्षा बैठक के दौरान भी डीएम ने इस प्रकरण पर नाराजगी जताते हुए बैठक में मौजूद एडिशनल एसपी को भी इस मामले में सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था।
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पडरौना कोतवाल अनुज कुमार सिंह ने बताया कि सीएमओ कार्यालय में कार्यरत फार्मासिस्ट अशोक यादव के खिलाफ सीएमओ की तरफ से तहरीर दी गई है। फार्मासिस्ट पर सैनीटाइजर में मिलावट कर आपूर्ति किए जाने का आरोप है। तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को पूछताछ व विवेचना में जरूरी अभिलेख के लिए कोतवाली बुलाया गया था। पूछताछ के बाद छोड़ा गया है। मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।
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एनआरएचएम घोटाले में भी आ चुका है नाम
पडरौना। सीएमओ कार्यालय के जिस फार्मासिस्ट पर धोखाधड़ी व गबन का केस दर्ज किया गया है, उसका नाम इससे पहले भी एनआरएचएम घोटाले में भी आ चुका है। इस फार्मासिस्ट के जिला अस्पताल में संबद्घता को लेकर भी कई बार सवाल उठ चुके हैं लेकिन अफसरों से अत्यंत नजदीकी के चलते कभी कोई कार्रवाई नहीं होती है। आरोपी फार्मासिस्ट सीएमओ दफ्तर के स्टोर का भी काम देखते हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद एक बार फिर से पूरा मामला चर्चा में आ गया है।
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