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इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुशीनगर से उड़ान में अब लाइसेंस की देरी
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इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान में अब लाइसेंस की देरी
पडरौना। जिले के बहुप्रतीक्षित इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान को लेकर तेजी बढ़ती जा रही है। इसके लिए जरूरी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। अब नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) नई दिल्ली से लाइसेंस मिलने की देरी है। इसके लिए डीजीसीए की टीम के एक सप्ताह में आने की संभावना है। इनकी तरफ से निरीक्षण करने के बाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा, जिससे एयरपोर्ट से उड़ान का रास्ता साफ हो जाएगा।
इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 13 गांवों के साढ़े चार हजार से अधिक लोगों से करीब 587.5920 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई है। कार्यदायी संस्था राइट्स ने 3200 मीटर लंबाई व 45 मीटर चौड़ाई में रनवे का निर्माण करा दिया है। रनवे से जुड़े अन्य निर्माण मसलन, टर्निंग बिल्डिंग, ओवर रन्स, टैक्सीवेज, अप्रन, शोल्डर, अप्रोच रोड, पेरीफेरल रोड, मोबाइल एटीसी, इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, आगमन-प्रस्थान, बाउंड्रीवाल तथा एप्रन तक जाने वाले मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा एटीसी बिल्डिंग (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) के निर्माण का काम भी काफी हद तक पूर्ण हो चुका है। हवाईपट्टी की सफाई और मेंटेनेंस का कार्य भी पूर्ण करा लिया गया है। जब तक यह पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक के लिए मोबाइल एटीसी स्थापित कर दिया गया है। हवाईपट्टी की बाउंड्री के सभी खुले हिस्सों को बंद करा दिया गया है। एयरपोर्ट की सुरक्षा से लगायत अत्यावश्यक सभी कार्य पूरे कराए जा चुके हैं। एक सप्ताह में ही डीजीसीए (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एवीएशन) की टीम आने वाली है। उसकी तरफ से निरीक्षण के बाद एयरपोर्ट को लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
उड़ान के लिए डीजीसीए की भूमिका
डीजीसीए भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय के अधीनस्थ नियामक संस्था है, जो मुख्य रूप से विमानन दुर्घटनाओं तथा अन्य संबंधित घटनाओं के बारे में जांच करती है। इसका मुख्यालय सफदरजंग विमान क्षेत्र नई दिल्ली में है। यह भारत में उड़ान के मानकों, सुरक्षा संचालन और चालक दल के प्रशिक्षण को लागू करने के साथ नियंत्रण और पर्यवेक्षण करता है।
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कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, हवाईपट्टी की सफाई और मेंटेनेंस का कार्य पूर्ण हो चुका है। जहां-जहां बाउंड्रीवाल खुली थी, उसे सुरक्षा के लिहाज से बंद करा दिया गया है। मोबाइल एटीसी का कार्य पूर्ण है। एयरपोर्ट पर सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। डीजीसीए की टीम एक हफ्ते में आने वाली है। टीम के निरीक्षण के बाद इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लाइसेंस जारी हो जाएगा। इसके साथ ही उड़ान का रास्ता साफ हो जाएगा। -भूपेंद्र एस चौधरी, जिलाधिकारी।
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पडरौना। जिले के बहुप्रतीक्षित इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान को लेकर तेजी बढ़ती जा रही है। इसके लिए जरूरी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। अब नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) नई दिल्ली से लाइसेंस मिलने की देरी है। इसके लिए डीजीसीए की टीम के एक सप्ताह में आने की संभावना है। इनकी तरफ से निरीक्षण करने के बाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा, जिससे एयरपोर्ट से उड़ान का रास्ता साफ हो जाएगा।
इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 13 गांवों के साढ़े चार हजार से अधिक लोगों से करीब 587.5920 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई है। कार्यदायी संस्था राइट्स ने 3200 मीटर लंबाई व 45 मीटर चौड़ाई में रनवे का निर्माण करा दिया है। रनवे से जुड़े अन्य निर्माण मसलन, टर्निंग बिल्डिंग, ओवर रन्स, टैक्सीवेज, अप्रन, शोल्डर, अप्रोच रोड, पेरीफेरल रोड, मोबाइल एटीसी, इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, आगमन-प्रस्थान, बाउंड्रीवाल तथा एप्रन तक जाने वाले मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा एटीसी बिल्डिंग (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) के निर्माण का काम भी काफी हद तक पूर्ण हो चुका है। हवाईपट्टी की सफाई और मेंटेनेंस का कार्य भी पूर्ण करा लिया गया है। जब तक यह पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक के लिए मोबाइल एटीसी स्थापित कर दिया गया है। हवाईपट्टी की बाउंड्री के सभी खुले हिस्सों को बंद करा दिया गया है। एयरपोर्ट की सुरक्षा से लगायत अत्यावश्यक सभी कार्य पूरे कराए जा चुके हैं। एक सप्ताह में ही डीजीसीए (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एवीएशन) की टीम आने वाली है। उसकी तरफ से निरीक्षण के बाद एयरपोर्ट को लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
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उड़ान के लिए डीजीसीए की भूमिका
डीजीसीए भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय के अधीनस्थ नियामक संस्था है, जो मुख्य रूप से विमानन दुर्घटनाओं तथा अन्य संबंधित घटनाओं के बारे में जांच करती है। इसका मुख्यालय सफदरजंग विमान क्षेत्र नई दिल्ली में है। यह भारत में उड़ान के मानकों, सुरक्षा संचालन और चालक दल के प्रशिक्षण को लागू करने के साथ नियंत्रण और पर्यवेक्षण करता है।
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कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, हवाईपट्टी की सफाई और मेंटेनेंस का कार्य पूर्ण हो चुका है। जहां-जहां बाउंड्रीवाल खुली थी, उसे सुरक्षा के लिहाज से बंद करा दिया गया है। मोबाइल एटीसी का कार्य पूर्ण है। एयरपोर्ट पर सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। डीजीसीए की टीम एक हफ्ते में आने वाली है। टीम के निरीक्षण के बाद इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लाइसेंस जारी हो जाएगा। इसके साथ ही उड़ान का रास्ता साफ हो जाएगा। -भूपेंद्र एस चौधरी, जिलाधिकारी।