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बेहिसाब बिजली कटौती के विरोध में मुखर हुए लोग

Thu, 11 Jul 2019 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2019 11:42 PM IST
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agitated against 4th day power cut
पिपरा कनक गांव में पांच दिन से बिजली गुल होने से नाराज लोगों ने गांव में प्रदर्शन किया। - फोटो : KUSHINAGAR
बेहिसाब बिजली कटौती के विरोध में मुखर हुए लोग
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व्यापारी डीएम से मिले, आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग
पटहेरवा फीडर से जुड़े कई गांवों के उपभोक्ताओं ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी पडरौना शहर सहित आसपास के गांवों की बिजली व्यवस्था धराशायी रही। बृहस्पतिवार को शाम छह बजे आपूर्ति हुई। पूरे दिन कटौती से आजिज लोग विद्युत निगम को कोसने लगे हैं। पूर्वांचल व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारियों ने डीएम से मिलकर बिजली व्यवस्था में शीघ्र सुधार की मांग की, तो पटहेरवा फीडर से जुड़े कई गांवों के लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन किया। कसया क्षेत्र में भी बुरा हाल है।
पूर्वांचल व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सैनी की अगुवाई में पडरौना शहर के ढेर सारे व्यापारी बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। डीएम को बताया कि बिजली न रहने से व्यवसाय चौपट होता जा रहा है। आगाह किया कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे। मंडल अध्यक्ष आशीष मणि त्रिपाठी, मंडल प्रभारी संजय जायसवाल, मंडल महामंत्री विनोद अग्रहरि, मंडल उपाध्यक्ष वाजिद अली, मीडिया प्रभारी दीनानाथ सैनी सहित कई व्यापारी मौजूद थे।
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राजनीतिक दलों और संगठनों ने जताई नाराजगी
बिजली कटौती पर राजनीतिक दलों और संगठनों के लोगों ने भी नाराजगी व्यक्त की है। बसपा के जिला उपाध्यक्ष शाहिद लारी ने कहा कि जर्जर तार-पोल बिजली कटौती का प्रमुख कारण हैं। तेज हवा चलने पर भी टूटकर गिर जाते हैं। कुशीनगर सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष गिरीशचंद्र चतुर्वेदी ने भी कहा कि जनपद में मंत्री हों या मुख्यमंत्री, बिजली कटौती नहीं रुक रही है। इससे शहर से लेकर गांव के उपभोक्ता भी परेशान हैं।
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बिजली कटौती से व्यवसाय पर पड़ रहा असर
व्यवसायी दिलीप मद्देशिया ने कहा कि बिजली कटौती विकराल होती जा रही है, जिससे व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। संजय मिश्रा ने कहा कि विद्युत निगम निरंकुश सा हो गया है। उपभोक्ताओं के विरोध प्रदर्शन और अफसरों केे बार-बार निर्देश के बावजूद अघोषित कटौती बंद नहीं हो रही है। व्यवसायी अमित सिंह ने कहा कि बिजली न रहने से घरों में अंधेरा छाया रह रहा है। क्योंकि इंवर्टर भी बंद पड़े हैं। नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन नरेंद्र वर्मा ने कहा कि बिजली कटौती को लेकर शहर के उपभोक्ता हाइडिल में कई बार विरोध प्रदर्शन कर चुके। यहां तक कि कर्मचारियों से झड़प होने के बावजूद स्थिति नहीं सुधर रही है।
पांच दिनों से गोपालगढ़ फीडर से नहीं हो रही आपूर्ति
कसया। गोपालगढ़ फीडर से पिछले पांच दिनों से बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके चलते इससे जुड़े गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस फीडर से बरवां, अभिनायकपुर, प्रेमवलिया, करमैनी, विशुनपुरा, धनहां, मल्लूडीह, अंध्या, फुलवापट्टी, हतवा समेत कई अन्य गांवों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। रविवार से ही इन गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप है। इन गांवों के ओंकार राय, सभासद मुन्ना शर्मा, विजयी यादव, मंकेश राय, डेविड राय, वशिष्ठ राय, श्रीकांत सिंह, अप्पू शेख, अख्तर खान, विनोद भारती ने विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि विद्युत आपूर्ति न होने से शाम होते ही गांवों में अंधेरा छा जा रहा है। इसके चलते पेयजल की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है। हालत यह है कि अब लोगों को जनरेटर से मोबाइल चार्ज कराना पड़ रहा है।

गांव के लोगों ने विभाग के जेई राजेश मौर्य, प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। एक्सईएन चंद्रबली ने बताया कि क्षेत्र के संबंधित जेई को तीन दिन पहले ही सुचारु आपूर्ति के लिए निर्देशित किया गया था। उनकी ओर से लापरवाही की जा रही है। जल्द मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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