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Kushinagar News: ओडीएफ घोषित होने के बाद साल दर साल होती रही शौचालय की मांग
Mon, 09 Jan 2023 04:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jan 2023 04:49 PM IST
सार
सुकरौली बीडीओ कृष्णा चतुर्वेदी ने कहा कि ब्लॉक परिसर में बने शौचालय में मानक की अनदेखी के बारे में जानकारी है। मेरे कार्यकाल के पहले का यह शौचालय बना है। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से करीब दो सौ शौचालयों के लिए आवेदन मिले थे, जिनका निर्माण कराया गया है।
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सुकरौली ब्लॉक परिसर में अधूरा पड़ा मानक विहीन शौचालय।
- फोटो : KUSHINAGAR
विस्तार
कुशीनगर जिले के पांच वर्ष पहले अभियान चलाकर ब्लॉक के 74 ग्रामसभा में 23 हजार 87 शौचालय का निर्माण कार्य पूरा कर ब्लॉक को ओडीएफ घोषित कर दिया गया, लेकिन इसके बाद भी हर साल शौचालयों की मांग और निर्माण हो रही है। पिछले वर्ष भी ब्लॉक में 670 शौचालयों के आवेदन पर निर्माण कार्य कराया गया है। इन शौचालयों को बनाने के लिए ब्लॉक परिसर में मॉडल शौचालय बनाकर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन इस शौचालय का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
ओडीएफ घोषित हुए सुकरौली ब्लॉक में वर्ष 18-19 में 2443 शौचालय का निर्माण हुआ। वर्ष 2019-2020 में 1672 शौचालय बने। 20-21 में 670 शौचालय का निर्माण हुआ है। इसके बावजूद अभी भी लोग शौचालय का निर्माण कराने के लिए ब्लॉक का चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि जिम्मेदार ओडीएफ का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
शौचालय निर्माण की जमीनी हकीकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ब्लॉक परिसर में निर्मित हो रहे मॉडल शौचालय ही अभी निर्माणाधीन हैं। सितंबर 2018 में तत्कालीन सीडीओ रामसूरत पांडेय ने निरीक्षण किया था, जिसमें मॉडल शौचालय की शिकायत मिलने पर नाराजगी जताते हुए मानक के अनुरूप निर्माण पूरा करने का निर्देश देते हुए पांच साल बीतने के बाद भी अभी तक मॉडल शौचालय का मानक पूरा नही हो सका है।
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सुकरौली बीडीओ कृष्णा चतुर्वेदी ने कहा कि ब्लॉक परिसर में बने शौचालय में मानक की अनदेखी के बारे में जानकारी है। मेरे कार्यकाल के पहले का यह शौचालय बना है। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से करीब दो सौ शौचालयों के लिए आवेदन मिले थे, जिनका निर्माण कराया गया है। अभी भी गांवों में सर्वे कराकर शौचालय के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। सभी को शौचालय की उपलब्धता करानी हमारी जिम्मेदारी है।
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ओडीएफ घोषित हुए सुकरौली ब्लॉक में वर्ष 18-19 में 2443 शौचालय का निर्माण हुआ। वर्ष 2019-2020 में 1672 शौचालय बने। 20-21 में 670 शौचालय का निर्माण हुआ है। इसके बावजूद अभी भी लोग शौचालय का निर्माण कराने के लिए ब्लॉक का चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि जिम्मेदार ओडीएफ का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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शौचालय निर्माण की जमीनी हकीकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ब्लॉक परिसर में निर्मित हो रहे मॉडल शौचालय ही अभी निर्माणाधीन हैं। सितंबर 2018 में तत्कालीन सीडीओ रामसूरत पांडेय ने निरीक्षण किया था, जिसमें मॉडल शौचालय की शिकायत मिलने पर नाराजगी जताते हुए मानक के अनुरूप निर्माण पूरा करने का निर्देश देते हुए पांच साल बीतने के बाद भी अभी तक मॉडल शौचालय का मानक पूरा नही हो सका है।
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सुकरौली बीडीओ कृष्णा चतुर्वेदी ने कहा कि ब्लॉक परिसर में बने शौचालय में मानक की अनदेखी के बारे में जानकारी है। मेरे कार्यकाल के पहले का यह शौचालय बना है। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से करीब दो सौ शौचालयों के लिए आवेदन मिले थे, जिनका निर्माण कराया गया है। अभी भी गांवों में सर्वे कराकर शौचालय के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। सभी को शौचालय की उपलब्धता करानी हमारी जिम्मेदारी है।