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Kushinagar News: झोलाछाप के ऑपरेशन से गई प्रसूता की जान, अस्पताल भी पंजीकृत नहीं
Wed, 24 Dec 2025 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 24 Dec 2025 12:33 AM IST
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पडरौना। शहर के कठकुईया रोड पर खिरिया टोला में संचालित हिंद हॉस्पिटल में सोमवार को प्रसूता की मौत झोलाछाप द्वारा लापरवाही से किए गए ऑपरेशन से हुई थी। ऑपरेशन के बाद टांका सही तरीके से नहीं लगने से रक्तस्राव हुआ और पेट में खून का थक्का जम गया। मंगलवार को प्रसूता की मौत होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में अस्पताल अवैध मिला, जिसे टीम ने सील कर दिया। प्रसूता को यहां पहुंचाने में आशा कार्यकर्ता की भूमिका सामने आई है। सीएमओ के निर्देश पर जांच कर रहे डिप्टी सीएमओ ने परिजनों का बयान दर्ज किया है। वहीं अस्पताल संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी है। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के मरदहवा गांव निवासी 24 वर्षीय पूजा कुशवाहा को रविवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन आशा कार्यकर्ता को बताए। आशा कार्यकर्ता सरकारी अस्पताल में ले जाने के बजाए पूजा को पडरौना शहर में संचालित हिंद हॉस्पिटल में पहुंचा दिया। सोमवार को खून की जांच कराने के बाद पूजा का ऑपरेशन झोलाछाप ने किया। महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया।
पति अनिल कुशवाहा ने बताया कि ऑपरेशन के करीब ढाई घंटे बाद पूजा की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद झोलाछाप ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां लेकर परिजन पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन प्रसूता का शव लेकर हिंद हॉस्पिटल पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। शिकायत पर आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देर रात को अस्पताल को सील कर दिया।
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जांच में पता चला कि हिंद हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं है, अवैध तरीके से संचालित हो रहा था। घटना के बाद से संचालक और वर्कर भाग निकले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि पेट में खून का थक्का जमने से प्रसूता की मौत हुई है। डॉक्टरों की मानें तो ऑपरेशन के दौरान टाका लगाने में लापरवाही से रक्तस्राव होने से पेट में खून चला गया।
डिप्टी सीएमओ डॉ.आरके गुप्ता ने बताया कि जांच की जा रही है। संचालक और कर्मी अभी मिले नहीं हैं। अवैध तरीके से हॉस्पिटल संचालित हो रहा था। परिजनों का बयान दर्ज किया गया। संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही की पुष्टि हुई है।
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स्वास्थ्य विभाग की जांच में अस्पताल अवैध मिला, जिसे टीम ने सील कर दिया। प्रसूता को यहां पहुंचाने में आशा कार्यकर्ता की भूमिका सामने आई है। सीएमओ के निर्देश पर जांच कर रहे डिप्टी सीएमओ ने परिजनों का बयान दर्ज किया है। वहीं अस्पताल संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी है। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के मरदहवा गांव निवासी 24 वर्षीय पूजा कुशवाहा को रविवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन आशा कार्यकर्ता को बताए। आशा कार्यकर्ता सरकारी अस्पताल में ले जाने के बजाए पूजा को पडरौना शहर में संचालित हिंद हॉस्पिटल में पहुंचा दिया। सोमवार को खून की जांच कराने के बाद पूजा का ऑपरेशन झोलाछाप ने किया। महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया।
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पति अनिल कुशवाहा ने बताया कि ऑपरेशन के करीब ढाई घंटे बाद पूजा की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद झोलाछाप ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां लेकर परिजन पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन प्रसूता का शव लेकर हिंद हॉस्पिटल पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। शिकायत पर आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देर रात को अस्पताल को सील कर दिया।
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जांच में पता चला कि हिंद हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं है, अवैध तरीके से संचालित हो रहा था। घटना के बाद से संचालक और वर्कर भाग निकले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि पेट में खून का थक्का जमने से प्रसूता की मौत हुई है। डॉक्टरों की मानें तो ऑपरेशन के दौरान टाका लगाने में लापरवाही से रक्तस्राव होने से पेट में खून चला गया।
डिप्टी सीएमओ डॉ.आरके गुप्ता ने बताया कि जांच की जा रही है। संचालक और कर्मी अभी मिले नहीं हैं। अवैध तरीके से हॉस्पिटल संचालित हो रहा था। परिजनों का बयान दर्ज किया गया। संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही की पुष्टि हुई है।