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Kushinagar News: स्वास्थ्य केंद्रों पर डाॅक्टर कम मेडिकल कॉलेज पर दबाव बढ़ा्
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मेडिकल कॉलेज में मरीजों की लगी भीड़। संवाद
पडरौना। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सामान्य मरीज भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, इसके चलते दिन प्रतिदिन ओपीडी में भीड़ बढ़ती जा रही है। शनिवार को 1500 से अधिक ओपीडी में मरीजों ने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों का कहना है कि अगर सीएचसी, पीएचसी पर इनको इलाज मिले तो यहां आने की जरूरत नहीं है। सीएचसी,पीएचसी पर डाक्टरों की कमी के चलते मरीज अधिक दूरी और समय बर्बाद कर मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
जिले में डाक्टरों की कमी होने के कारण सीएचसी, पीएचसी पर आने वाले सामान्य मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है, इसके चलते दूर दराज से मरीज मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं,ओपीडी में भीड़ अधिक होने के कारण पूरी व्यवस्था लड़खड़ा गई है।
इसके चलते मेडिकल कॉलेज के डाक्टर मरीजों को समय नहीं दे पा रहे हैं।जिले के सीएचसी,पीएचसी पर 162 डाक्टरों के सापेक्ष 116 डाक्टर हैं, इसमें विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी है, इसके चलते मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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इसके अलावा इमरजेंसी का भी यहीं हाल हैं, पेट दर्द और सांस फूलने वाले मरीजों को सीएचसी से रेफर किया जा रहा है, इसके चलते मेडिकल कॉलेज पर दिन प्रतिदिन मरीजों का दबाव बढ़ता जा रहा है। प्राचार्य डॉ. केपी गोंड़ ने बताया कि अगर सीएचसी, पीएचसी पर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाए तो दबाव कम होगा और आने वाले गंभीर मरीजों का और बेहतर इलाज होगा। सामान्य मरीजों को भी रेफर कर इमरजेंसी में भेजा जा रहा है, वायरल फीवर के मरीजों को भी मेडिकल कॉलेज सीएचसी से डाक्टर भेज रहे हैं। भीड़ अधिक होने के कारण दिक्कतें हो रही हैं।ा
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जिले में डाक्टरों की कमी होने के कारण सीएचसी, पीएचसी पर आने वाले सामान्य मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है, इसके चलते दूर दराज से मरीज मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं,ओपीडी में भीड़ अधिक होने के कारण पूरी व्यवस्था लड़खड़ा गई है।
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इसके चलते मेडिकल कॉलेज के डाक्टर मरीजों को समय नहीं दे पा रहे हैं।जिले के सीएचसी,पीएचसी पर 162 डाक्टरों के सापेक्ष 116 डाक्टर हैं, इसमें विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी है, इसके चलते मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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इसके अलावा इमरजेंसी का भी यहीं हाल हैं, पेट दर्द और सांस फूलने वाले मरीजों को सीएचसी से रेफर किया जा रहा है, इसके चलते मेडिकल कॉलेज पर दिन प्रतिदिन मरीजों का दबाव बढ़ता जा रहा है। प्राचार्य डॉ. केपी गोंड़ ने बताया कि अगर सीएचसी, पीएचसी पर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाए तो दबाव कम होगा और आने वाले गंभीर मरीजों का और बेहतर इलाज होगा। सामान्य मरीजों को भी रेफर कर इमरजेंसी में भेजा जा रहा है, वायरल फीवर के मरीजों को भी मेडिकल कॉलेज सीएचसी से डाक्टर भेज रहे हैं। भीड़ अधिक होने के कारण दिक्कतें हो रही हैं।ा