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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का हाल
Updated Mon, 24 Jul 2017 05:42 PM IST
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कुशीनगर। रामकोला कस्बे के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बने शौचालय और स्नान घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके चलते विद्यालय की छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में 83 छात्राएं नामांकित होने के बाद भी उन्हें पानी पीने के लिए लगा इंडिया मार्क टू हैंडपंप काफी समय से खराब पड़ा हुआ है। इसे ठीक नहीं कराया जा रहा है।
इस विद्यालय में ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग गांवों की 83 छात्राओं के रहने, खाने, पढ़ने की सभी व्यवस्था बेसिक शिक्षा विभाग करता है। इनके रहने के लिए परिसर में ही दो मंजिला भवन बनवाया गया है। इसमें कुल मिलाकर 12 शौचालयों का निर्माण करवाया गया है। इनमें से छह शौचालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और शेष शौचालय भी टूट रहे हैं। इनका उपयोग छात्राओं को काफी विवशता में करना पड़ता है। इनके लिए परिसर में ही स्नान घर बना है, जिसमें बरसात के दिनों में गंदा पानी भर जाने से छात्राओं को स्नान करने में परेेशानी होती है। पीने के पानी के लिए इंडिया मार्क टू हैंडपंप काफी समय से खराब पड़ा हुआ है। इसके चलते पीने के पानी के लिए छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में वार्डेन सुषमा सिंह का कहना है कि इसके बारे में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों कई बार लिखित सूचना दी गई है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। समस्या जस की तस बनी हुई है।
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इस विद्यालय में ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग गांवों की 83 छात्राओं के रहने, खाने, पढ़ने की सभी व्यवस्था बेसिक शिक्षा विभाग करता है। इनके रहने के लिए परिसर में ही दो मंजिला भवन बनवाया गया है। इसमें कुल मिलाकर 12 शौचालयों का निर्माण करवाया गया है। इनमें से छह शौचालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और शेष शौचालय भी टूट रहे हैं। इनका उपयोग छात्राओं को काफी विवशता में करना पड़ता है। इनके लिए परिसर में ही स्नान घर बना है, जिसमें बरसात के दिनों में गंदा पानी भर जाने से छात्राओं को स्नान करने में परेेशानी होती है। पीने के पानी के लिए इंडिया मार्क टू हैंडपंप काफी समय से खराब पड़ा हुआ है। इसके चलते पीने के पानी के लिए छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में वार्डेन सुषमा सिंह का कहना है कि इसके बारे में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों कई बार लिखित सूचना दी गई है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। समस्या जस की तस बनी हुई है।
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