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Kaushambi News: 10 बोरी से अधिक यूरिया खरीदने-बेचने वालों की होगी जांच
Sun, 08 Jun 2025 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 08 Jun 2025 12:26 AM IST
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मंझनपुर। यूरिया की अवैध खरीद-बिक्री पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है। अप्रैल-मई माह में उर्वरक बिक्री की जांच की जाएगी। दरअसल, समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ किसान एक बार में 10 बोरी से अधिक यूरिया खरीद रहे हैं। ऐसे में शासन ने खरीदार किसानों और विक्रेता रिटेलरों की जांच के आदेश दिए हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. संतराम ने बताया कि जनपद में अधिक एवं अनियमित ढंग से यूरिया बिक्री करने वाले उर्वरक विक्रेताओं की जांच शुरू कर दी गई है। पांच बोरी से अधिक यूरिया बेचने की दशा में क्रेता कृषक की खतौनी लेकर सुरक्षित रखा जाए और खतौनी में दर्ज भूमि एवं बोई गई फसल के अनुसार ही संस्तुत उर्वरक की मात्रा के सापेक्ष ही वितरण किया जाए।
किसी प्रकार की फर्जी बिक्री अथवा अनियमितता मिलने पर आपूर्तिकर्ता, थोक विक्रेता एवं फुटकर विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उर्वरकों का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। उर्वरक प्रतिष्ठान और गोदाम में प्रतिष्ठान तथा प्रोपराइटर का नाम और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज कराया जाए। पॉस मशीन नहीं चलने पर उर्वरक खरीदने वाले किसान का पूर्ण विवरण अलग रजिस्टर में दर्ज किया जाए। उर्वरकों की कालाबाजारी अथवा जमाखोरी किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए।
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लाइसेंस रद करने के साथ ही होगी एफआईआर
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार अगर कोई विक्रेता पॉस मशीन से कृत्रिम तरीके से यूरिया का बिल बनाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी कंपनी अथवा डीलर के कहने पर यूरिया का कृत्रिम बिल बनाने वाले रिटेलर का लाइसेंस रद करने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. संतराम ने बताया कि जनपद में अधिक एवं अनियमित ढंग से यूरिया बिक्री करने वाले उर्वरक विक्रेताओं की जांच शुरू कर दी गई है। पांच बोरी से अधिक यूरिया बेचने की दशा में क्रेता कृषक की खतौनी लेकर सुरक्षित रखा जाए और खतौनी में दर्ज भूमि एवं बोई गई फसल के अनुसार ही संस्तुत उर्वरक की मात्रा के सापेक्ष ही वितरण किया जाए।
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किसी प्रकार की फर्जी बिक्री अथवा अनियमितता मिलने पर आपूर्तिकर्ता, थोक विक्रेता एवं फुटकर विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उर्वरकों का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। उर्वरक प्रतिष्ठान और गोदाम में प्रतिष्ठान तथा प्रोपराइटर का नाम और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज कराया जाए। पॉस मशीन नहीं चलने पर उर्वरक खरीदने वाले किसान का पूर्ण विवरण अलग रजिस्टर में दर्ज किया जाए। उर्वरकों की कालाबाजारी अथवा जमाखोरी किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए।
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लाइसेंस रद करने के साथ ही होगी एफआईआर
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार अगर कोई विक्रेता पॉस मशीन से कृत्रिम तरीके से यूरिया का बिल बनाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी कंपनी अथवा डीलर के कहने पर यूरिया का कृत्रिम बिल बनाने वाले रिटेलर का लाइसेंस रद करने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।