{"_id":"68f3ed97be7c782a3106a48b","slug":"the-mother-could-not-bear-the-shock-of-her-sons-death-and-died-kaushambi-news-c-261-1-kmb1004-131544-2025-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: बेटे की मौत का सदमा न बर्दाश्त कर सकी मां, तोड़ दिया दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: बेटे की मौत का सदमा न बर्दाश्त कर सकी मां, तोड़ दिया दम
विज्ञापन
कड़ा देवीगंज बाजार में बेटे की मौत का सदमा मां बर्दाश्त न कर सकी और उसने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में मां-बेटे की मौत से पूरे बाजार में मातम छा गया। परिजनों ने एकसाथ ही मां-बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया।
देवीगंज बाजार निवासी नंद किशोर अग्रहरि बीज व्यवसायी हैं। कारोबार में इनके बेटे हरिश्चंद्र अग्रहरि उर्फ मुन्ना (45) और छोटे बेटे गुड्डू भी सहयोग करते थे। बड़ा बेटा हरिश्चंद्र बीते 10 दिनों से बीमार था। उसका प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में ब्रेन हेमरेज का उपचार चल रहा था।
शनिवार की सुबह करीब छह बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी जैसे ही परिवार को मिली तो मां तारा देवी (70) बेसुध हो गईं। कुछ ही देर में वह भी अचेत होकर गिर पड़ीं। परिजन तुरंत उन्हें स्थानीय अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
एक ही दिन में मां-बेटे की मौत की खबर से परिवार सहित पूरे देवीगंज बाजार में मातम छा गया। पड़ोसी और स्थानीय लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि तारा देवी अपने बेटे हरिश्चंद्र से बेहद लगाव रखती थीं।
विज्ञापन
देवीगंज बाजार निवासी नंद किशोर अग्रहरि बीज व्यवसायी हैं। कारोबार में इनके बेटे हरिश्चंद्र अग्रहरि उर्फ मुन्ना (45) और छोटे बेटे गुड्डू भी सहयोग करते थे। बड़ा बेटा हरिश्चंद्र बीते 10 दिनों से बीमार था। उसका प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में ब्रेन हेमरेज का उपचार चल रहा था।
विज्ञापन
शनिवार की सुबह करीब छह बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी जैसे ही परिवार को मिली तो मां तारा देवी (70) बेसुध हो गईं। कुछ ही देर में वह भी अचेत होकर गिर पड़ीं। परिजन तुरंत उन्हें स्थानीय अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
एक ही दिन में मां-बेटे की मौत की खबर से परिवार सहित पूरे देवीगंज बाजार में मातम छा गया। पड़ोसी और स्थानीय लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि तारा देवी अपने बेटे हरिश्चंद्र से बेहद लगाव रखती थीं।