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एक आम तोड़ने के विवाद में हुआ था बागवान का कत्ल
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The gardener was killed in a dispute over picking a mango
- फोटो : KAUSHAMBI
ए कोखराज कोतवाली के ककोढ़ा गांव में मंगलवार रात हुए बृजलाल हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। बृजलाल की हत्या उसके गांव के एक व्यक्ति ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर की थी। वारदात महज एक आम तोड़ने को लेकर हुए विवाद के कारण अंजाम दी गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात के वक्त प्रयुक्त तमंचा और गहदाला बरामद किया है।
शुक्रवार को सभी आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी करके जेल भेज दिया गया है।
शुक्रवार को पुलिस ऑफिस में वारदात का खुलासा करते हुए एसपी राधेश्याम ने बताया कि ककोढ़ा गांव का बृजलाल सोनकर बागवान था। उसने गांव के बाहर कैलाश पांडेय का आम का बाग बटाई पर ले रखा था। बाग की रखवाली के लिए वह अपनी पत्नी मीना देवी के साथ वहीं पर रहता था।
मंगलवार रात बृजलाल की हत्या कर दी गई। उसकी पत्नी मीना को भी बेरहमी से पीटा गया था। गंभीर रूप से जख्मी मीना का इलाज प्रयागराज के अस्पताल में चल रहा है। एसपी के मुताबिक बृजलाल के बेटे मुकेश ने गांव के शिवबाबू सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।
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पुलिस ने शिवबाबू को गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि 15 दिन पहले परिवार के एक बच्चे ने बृजलाल के बाग से एक आम तोड़ लिया था। इस पर बृजलाल की पत्नी ने बच्चे को पीट दिया था। इसके बाद शिवबाबू उलाहना देने पहुंचा तो मीना ने चप्पल से उसकी पिटाई कर दी। तमाम लोगों के सामने पिटाई से शिवबाबू बृजलाल और उसकी पत्नी से रंजिश रखने लगा।
उसने अपने चचेरे भाई शिवकुमार व भांजे दिलीप के साथ मिलकर मीना को पीटने की योजना बनाई। घटना वाली रात कशिया गांव का शिवसागर, दिलीप और प्रदीप मौके पर पहुंचे। शिवबाबू और शिवकुमार दूर बैठे थे। आरोप है कि जैसे ही दिलीप आदि मौके पर पहुंचे और मीना को पीटने लगे तो बृजलाल ने उन पर लाठी से हमला कर दिया। इस पर सभी लोगों ने उसे गहदाला से बृजलाल को मार डाला।
मीना को भी जमकर पीटा गया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी लोग भाग निकले। उन्हें यह नहीं पता था कि बृजलाल की मौत हो गई है। इस वजह से वह घर पर ही रहे। मौत की जानकारी होने के बाद सभी आरोपी भागने की फिराक में थे तभी कोखराज इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह यादव, एसआई नित्यानंद, रमाशंकर सरोज ने सकाढ़ा मोड़ के समीप से गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए पांचों आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त तमंचा, गहदाला, लाठी बरामद हुई है। सभी के खिलाफ लिखापढ़ी करके उनका चालान कर दिया गया है। एसपी ने गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
तमंचा तो था, लेकिन नहीं ले गए थे कारतूस
बृजलाल की हत्या में पकड़े गए दिलीप ने बताया कि वह तमंचा लेकर गया था। लेकिन उसका इरादा किसी को गोली मारने का नहीं था। इसलिए वह तमंचे के साथ कारतूस नहीं ले गया। जब आरोपी मीना को तमंचे की बट व लाठी से पीट रहे थे, तभी बृजलाल ने आकर विरोध किया। इसके बाद उन्होंने बृजलाल की ही लाठी से उस पर हमला कर दिया।
पहली बार जेल जा रहे आरोपियों को था पछतावा
बृजलाल हत्याकांड़ में पकड़े गए पांचों आरोपियों का यह पहला अपराध था। हत्या के आरोपियों का कहना था कि वह पहली बार जेल जा रहे हैं। वह लोग सिर्फ मीना को डराने के इरादे से गए थे, लेकिन तभी उसके पति बृजलाल ने लाठी से उन पर हमला कर दिया। इस पर बृजलाल की ही लाठी से उसे पीट दिया गया। बीचबचाव करने पर मीना को भी बेरहमी से पीटा गया था।
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शुक्रवार को सभी आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी करके जेल भेज दिया गया है।
शुक्रवार को पुलिस ऑफिस में वारदात का खुलासा करते हुए एसपी राधेश्याम ने बताया कि ककोढ़ा गांव का बृजलाल सोनकर बागवान था। उसने गांव के बाहर कैलाश पांडेय का आम का बाग बटाई पर ले रखा था। बाग की रखवाली के लिए वह अपनी पत्नी मीना देवी के साथ वहीं पर रहता था।
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मंगलवार रात बृजलाल की हत्या कर दी गई। उसकी पत्नी मीना को भी बेरहमी से पीटा गया था। गंभीर रूप से जख्मी मीना का इलाज प्रयागराज के अस्पताल में चल रहा है। एसपी के मुताबिक बृजलाल के बेटे मुकेश ने गांव के शिवबाबू सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।
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पुलिस ने शिवबाबू को गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि 15 दिन पहले परिवार के एक बच्चे ने बृजलाल के बाग से एक आम तोड़ लिया था। इस पर बृजलाल की पत्नी ने बच्चे को पीट दिया था। इसके बाद शिवबाबू उलाहना देने पहुंचा तो मीना ने चप्पल से उसकी पिटाई कर दी। तमाम लोगों के सामने पिटाई से शिवबाबू बृजलाल और उसकी पत्नी से रंजिश रखने लगा।
उसने अपने चचेरे भाई शिवकुमार व भांजे दिलीप के साथ मिलकर मीना को पीटने की योजना बनाई। घटना वाली रात कशिया गांव का शिवसागर, दिलीप और प्रदीप मौके पर पहुंचे। शिवबाबू और शिवकुमार दूर बैठे थे। आरोप है कि जैसे ही दिलीप आदि मौके पर पहुंचे और मीना को पीटने लगे तो बृजलाल ने उन पर लाठी से हमला कर दिया। इस पर सभी लोगों ने उसे गहदाला से बृजलाल को मार डाला।
मीना को भी जमकर पीटा गया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी लोग भाग निकले। उन्हें यह नहीं पता था कि बृजलाल की मौत हो गई है। इस वजह से वह घर पर ही रहे। मौत की जानकारी होने के बाद सभी आरोपी भागने की फिराक में थे तभी कोखराज इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह यादव, एसआई नित्यानंद, रमाशंकर सरोज ने सकाढ़ा मोड़ के समीप से गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए पांचों आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त तमंचा, गहदाला, लाठी बरामद हुई है। सभी के खिलाफ लिखापढ़ी करके उनका चालान कर दिया गया है। एसपी ने गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
तमंचा तो था, लेकिन नहीं ले गए थे कारतूस
बृजलाल की हत्या में पकड़े गए दिलीप ने बताया कि वह तमंचा लेकर गया था। लेकिन उसका इरादा किसी को गोली मारने का नहीं था। इसलिए वह तमंचे के साथ कारतूस नहीं ले गया। जब आरोपी मीना को तमंचे की बट व लाठी से पीट रहे थे, तभी बृजलाल ने आकर विरोध किया। इसके बाद उन्होंने बृजलाल की ही लाठी से उस पर हमला कर दिया।
पहली बार जेल जा रहे आरोपियों को था पछतावा
बृजलाल हत्याकांड़ में पकड़े गए पांचों आरोपियों का यह पहला अपराध था। हत्या के आरोपियों का कहना था कि वह पहली बार जेल जा रहे हैं। वह लोग सिर्फ मीना को डराने के इरादे से गए थे, लेकिन तभी उसके पति बृजलाल ने लाठी से उन पर हमला कर दिया। इस पर बृजलाल की ही लाठी से उसे पीट दिया गया। बीचबचाव करने पर मीना को भी बेरहमी से पीटा गया था।