{"_id":"f54998f96e61bfabc64c3bf53be305c6","slug":"socialist-pension-of-not-resentful-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समाजवादी पेंशन नहीं मिलने से आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समाजवादी पेंशन नहीं मिलने से आक्रोश
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Tue, 28 Apr 2015 02:17 AM IST
विज्ञापन
मंझनपुर (ब्यूरो)। गरीब और भूमिहीन होने के बाद भी समाजवादी पेंशन नहीं मिलने से परेशान नौढ़िया गांव की महिलाओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर पेंशन सूची बनाए जाने में मनमानी का आरोप लगाया। डीएम ने बीडीओ को सत्यापन करके तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।
सिराथू ब्लाक क्षेत्र के नौढ़िया गांव की रहने वाली सुग्गन देवी, रामकली, रजनी देवी, राजपति, सुषमा देवी, ज्ञानकली, शिमला देवी, मालती देवी, अनारकली, गीता देवी, सुमित्रा देवी, मैकीदेवी, केशपति आदि ने बताया कि वे भूमिहीन गरीब घरों की महिलाएं हैं। खुद भी दूसरों के खेतों में मेहनत-मजदूरी करती हैं। महिलाओं की मानें तो पहले उन्हें महामाया पेंशन मिलती थी। दो साल से खाते में पेंशन आनी बंद है। बताया कि ग्रामसभा की खुली बैठक में समाजवादी पेंशन के लिए फार्म भरवाया गया था। आरोप है कि पेंशन आवंटन की सूची में उनका नाम ही नहीं है।
महिलाओं का आरोप है कि सूची बनाने में मनमानी की गई है। गरीबों का नाम सूची से हटाकर उन घरों की महिलाओं का नाम शामिल कर दिया गया है, जिनके पास खेत, पक्के मकान आदि अन्य सुख-सुविधाएं मुहैया हैं। समाजवादी पेंशन नहीं मिलने से परेशान इन महिलाओं का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित महिलाओं ने कलेक्ट्रेट में आकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर समाजवादी पेंशन आवंटन की जांच कराने और सूची से अपात्रों का नाम कटाकर गरीबों को योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी को जांच का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिराथू ब्लाक क्षेत्र के नौढ़िया गांव की रहने वाली सुग्गन देवी, रामकली, रजनी देवी, राजपति, सुषमा देवी, ज्ञानकली, शिमला देवी, मालती देवी, अनारकली, गीता देवी, सुमित्रा देवी, मैकीदेवी, केशपति आदि ने बताया कि वे भूमिहीन गरीब घरों की महिलाएं हैं। खुद भी दूसरों के खेतों में मेहनत-मजदूरी करती हैं। महिलाओं की मानें तो पहले उन्हें महामाया पेंशन मिलती थी। दो साल से खाते में पेंशन आनी बंद है। बताया कि ग्रामसभा की खुली बैठक में समाजवादी पेंशन के लिए फार्म भरवाया गया था। आरोप है कि पेंशन आवंटन की सूची में उनका नाम ही नहीं है।
विज्ञापन
महिलाओं का आरोप है कि सूची बनाने में मनमानी की गई है। गरीबों का नाम सूची से हटाकर उन घरों की महिलाओं का नाम शामिल कर दिया गया है, जिनके पास खेत, पक्के मकान आदि अन्य सुख-सुविधाएं मुहैया हैं। समाजवादी पेंशन नहीं मिलने से परेशान इन महिलाओं का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित महिलाओं ने कलेक्ट्रेट में आकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर समाजवादी पेंशन आवंटन की जांच कराने और सूची से अपात्रों का नाम कटाकर गरीबों को योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी को जांच का निर्देश दिया है।
विज्ञापन