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Kaushambi News: सर्वर के जाल में उलझी खाद, नेटवर्क दिखा रहा अंगूठा
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मनोज सिंह, किसान
इन दिनों सरसों, आलू, चना- मटर, जौ आदि फसलों की बोआई का सीजन चल रहा है। बोआई के समय प्रयोग किए जाने वाले फास्फेटिक उर्वरकों के लिए किसान सुबह से ही समितियां में डट जाते हैं लेकिन, नेटवर्क की खराबी से मशीन में अंगूठा नहीं लग पाता है। सर्वर के फेर में खाद फंसी हुई हैं। ऐसे में किसानों को दिनभर परेशान होना पड़ रहा है।
इन दिनों सहकारी समितियां में किसानों की लंबी-लंबी लाइनें सुबह से ही लग जाती हैं। खाद वितरण के लिए बनाए गए नए नियम के तहत मशीन में आधार नंबर दर्ज कर अंगूठा लगने के बाद ही खाद मिलती है। लेकिन, दगाबाज मोबाइल नेटवर्क दिनभर किसानों को छकाता है। खेती छोड़कर खाद लेने आए किसानों का दिन अपनी बारी का इंतजार करते बीत जाता है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले में फास्फेटिक उर्वरक पर्याप्त मात्रा में सभी समितियों में मौजूद है। दावा है कि किसानों की जरूरत के मुताबिक आगे भी उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। किसान बिल्कुल चिंतित न हों।
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बोले किसान
-- सरसों और आलू की बोआई के लिए डीएपी खाद लेने सहकारी समिति बैरमपुर गया था लेकिन सर्वर में खामी की वजह से अंगूठा नहीं लग सका। अगर पूर्व की भांति किसान समृद्धि केंद्र में भी डीएपी उपलब्ध करा दी जाए तो किसानों को राहत मिल सकती है। - मनोज कुमार, किसान
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-- कुछ वर्षों पहले तक जब खाद के लिए अंगूठा नहीं लगाना पड़ता था तो इतनी लंबी लाइन नहीं लगती थी। आसानी से डीएपी और यूरिया मिल जाती थी लेकिन अब बहुत परेशानी होती है और समय भी बर्बाद होता है। - महेश किसान
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अफसर बोले
- जिले की सहकारी समितियों में सात सौ टन फास्फेटिक उर्वरकों का स्टॉक मौजूद है। जरूरत के मुताबिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता रहेगी। समितियों में किसानों की भीड़ एक साथ आ जाने और मशीन के लिए जरूरी मोबाइल नेटवर्क की खराबी की वजह से वितरण में देरी की समस्या पैदा हो रही है। - मोहसिन जमील, एआर कोऑपरेटिव
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इन दिनों सहकारी समितियां में किसानों की लंबी-लंबी लाइनें सुबह से ही लग जाती हैं। खाद वितरण के लिए बनाए गए नए नियम के तहत मशीन में आधार नंबर दर्ज कर अंगूठा लगने के बाद ही खाद मिलती है। लेकिन, दगाबाज मोबाइल नेटवर्क दिनभर किसानों को छकाता है। खेती छोड़कर खाद लेने आए किसानों का दिन अपनी बारी का इंतजार करते बीत जाता है।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले में फास्फेटिक उर्वरक पर्याप्त मात्रा में सभी समितियों में मौजूद है। दावा है कि किसानों की जरूरत के मुताबिक आगे भी उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। किसान बिल्कुल चिंतित न हों।
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बोले किसान
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अफसर बोले
- जिले की सहकारी समितियों में सात सौ टन फास्फेटिक उर्वरकों का स्टॉक मौजूद है। जरूरत के मुताबिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता रहेगी। समितियों में किसानों की भीड़ एक साथ आ जाने और मशीन के लिए जरूरी मोबाइल नेटवर्क की खराबी की वजह से वितरण में देरी की समस्या पैदा हो रही है। - मोहसिन जमील, एआर कोऑपरेटिव

मनोज सिंह, किसान

मनोज सिंह, किसान