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साल भर बाद डेढ़ लाख किसानों के खाते में जाएगी रकम
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 04 Dec 2016 12:10 AM IST
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दैवीय राहत आपदा पाने से वंचित जिले के डेढ़ लाख से अधिक किसानों को अब चेक नहीं मिलेगा। उनके खाते में मदद की रकम सीधे भेजी जा रही है। माह भर से किसानों के जुटाए गए नाम व खाता नंबर फीडिंग के साथ-साथ रकबे के हिसाब से सहायता राशि भेजने का काम तेज हो गया है। इसके लिए डीएम ने मातहतों को पांच दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया है।
अप्रैल 2015 में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के चलते जिले के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। कटने के लिए तैयार गेहूं, चना, मटर, सरसों आदि फसलें तेज बारिश होने से खेतों में ही सड़ गई थी। किसानों के नुकसान को देख शासन द्वारा अर्थिक मदद की घोषणा की गई थी। घोषणा के बाद शासन द्वारा जिले के किसानों को रकम कई बार भेजी गई। इस धनराशि को छोटी-छोटी ग्राम सभाओं के किसानों में वितरित कराया गया। बड़े गांवों के एक लाख 63 हजार काश्तकार शासन की मदद से मरहूम थे।
पिछले महीने शासन ने इन किसानों की आर्थिक सहायता के लिए 33 करोड़ 97 लाख रुपये जिले में भेजा। धनराशि के आवंटन को लेकर डीएम ने वंचित किसानों के नाम, खाता नंबर राजस्व निरीक्षकों से एकत्रित कराया। सभी किसानों के नाम और खाता नंबर मिलने के बाद शुक्रवार को फीडिंग के साथ-साथ रकबे के हिसाब से धन आवंटन का काम तीनों तहसीलों में एक साथ शुरू कराया गया। पहले दिन महज सात हजार किसानों के खातों में दैवीय आपदा की रकम पहुंच सकी। शनिवार को खाता नम्बर में धनराशि भेजने का काम तेजी से जारी था। किसानों के खाते में 90 प्रतिशत रकम भेजे जाने के लिए डीएम ने पांच दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। बहरहाल एडीएम श्रीकृष्ण सहित तीनों तहसीलों के एसडीएम आपदा राहत रकम के आवंटन को समय पर पूरा कराने के लिए शनिवार को पसीना बहाते देखे गए।
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आस छोड़ चुके थे किसान
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के हुए नुकसान का सरकारी मुआवजा मिलने से वंचित किसान एक वर्ष बीत जाने के बाद आस छोड़ चुके थे। उनके मुंह से यह निकलने लगा था कि जिनको मिलना था, मिल गया। अब उन्हें फूटी कौड़ी भी मदद के रूप में मिलने वाली नहीं है, लेकिन 33 करोड़ की धनराशि जिले में आने के बाद लेखपालों द्वारा किसानों के जुटाए जा रहे नाम और खाता नंबर से उम्मीद की किरण फूटती दिखाई पड़ी थी। अब खाते में रकम भेजे जाने की खबर मिलते ही किसानों के चेहरे खिलने लगे हैं। उनके मुंह से यह बात निकलने लगी कि देर से ही सही मदद की रकम आई तो?
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि में नष्ट हुई फसलों की राहत राशि 33 करोड़ 97 लाख मिली है। पांच दिसंबर तक छूटे हुए किसानों के खाते में राहत राशि भेजवा दी जाएगी।
श्रीकृष्ण, एडीएम, वित्त एवं राजस्व कौशाम्बी
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अप्रैल 2015 में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के चलते जिले के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। कटने के लिए तैयार गेहूं, चना, मटर, सरसों आदि फसलें तेज बारिश होने से खेतों में ही सड़ गई थी। किसानों के नुकसान को देख शासन द्वारा अर्थिक मदद की घोषणा की गई थी। घोषणा के बाद शासन द्वारा जिले के किसानों को रकम कई बार भेजी गई। इस धनराशि को छोटी-छोटी ग्राम सभाओं के किसानों में वितरित कराया गया। बड़े गांवों के एक लाख 63 हजार काश्तकार शासन की मदद से मरहूम थे।
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पिछले महीने शासन ने इन किसानों की आर्थिक सहायता के लिए 33 करोड़ 97 लाख रुपये जिले में भेजा। धनराशि के आवंटन को लेकर डीएम ने वंचित किसानों के नाम, खाता नंबर राजस्व निरीक्षकों से एकत्रित कराया। सभी किसानों के नाम और खाता नंबर मिलने के बाद शुक्रवार को फीडिंग के साथ-साथ रकबे के हिसाब से धन आवंटन का काम तीनों तहसीलों में एक साथ शुरू कराया गया। पहले दिन महज सात हजार किसानों के खातों में दैवीय आपदा की रकम पहुंच सकी। शनिवार को खाता नम्बर में धनराशि भेजने का काम तेजी से जारी था। किसानों के खाते में 90 प्रतिशत रकम भेजे जाने के लिए डीएम ने पांच दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। बहरहाल एडीएम श्रीकृष्ण सहित तीनों तहसीलों के एसडीएम आपदा राहत रकम के आवंटन को समय पर पूरा कराने के लिए शनिवार को पसीना बहाते देखे गए।
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आस छोड़ चुके थे किसान
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के हुए नुकसान का सरकारी मुआवजा मिलने से वंचित किसान एक वर्ष बीत जाने के बाद आस छोड़ चुके थे। उनके मुंह से यह निकलने लगा था कि जिनको मिलना था, मिल गया। अब उन्हें फूटी कौड़ी भी मदद के रूप में मिलने वाली नहीं है, लेकिन 33 करोड़ की धनराशि जिले में आने के बाद लेखपालों द्वारा किसानों के जुटाए जा रहे नाम और खाता नंबर से उम्मीद की किरण फूटती दिखाई पड़ी थी। अब खाते में रकम भेजे जाने की खबर मिलते ही किसानों के चेहरे खिलने लगे हैं। उनके मुंह से यह बात निकलने लगी कि देर से ही सही मदद की रकम आई तो?
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि में नष्ट हुई फसलों की राहत राशि 33 करोड़ 97 लाख मिली है। पांच दिसंबर तक छूटे हुए किसानों के खाते में राहत राशि भेजवा दी जाएगी।
श्रीकृष्ण, एडीएम, वित्त एवं राजस्व कौशाम्बी