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Kaushambi News: एचआरपी प्रशिक्षण से मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने पर जोर
Tue, 31 Mar 2026 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:19 AM IST
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पीएचसी में एएनएम को प्रशिक्षण देती महिला चिकित्सक। स्रोत : विभाग
- फोटो : 1
स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सीएमओ डॉ. संजय कुमार की अध्यक्षता में उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में सदर ब्लॉक के सभी एएनएम और चिकित्सकों ने भाग लेकर एचआरपी से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं। जिससे मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने पर जोर दिया जाएगा।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाएं विशेष जोखिम श्रेणी में आती हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना बेहद आवश्यक है। एचआरपी महिलाओं की सही पहचान कर उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना ही सुरक्षित प्रसव की दिशा में सबसे अहम कदम है। प्रशिक्षण में गर्भवती महिलाओं में खून की कमी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उम्र से संबंधित जोखिम और पूर्व प्रसव जटिलताओं जैसे संकेतों को पहचानने पर विशेष जोर दिया गया। एमओआईसी डॉ. नीरज कुमार प्रभारी ने कहा कि यदि एएनएम और स्वास्थ्य कर्मी समय रहते उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान कर लें, तो जटिलताओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मंझनपुर अर्बन पीएचसी प्रभारी डॉ. रिया और डॉ. वर्षा ने भी प्रतिभागियों को व्यवहारिक जानकारी दी। इस मौके पर हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर छोटे कन्हैया सिंह, अपर शोध अधिकारी सूर्यभान यादव, बीसीपीएम घनश्याम पाल और अरमान संस्था की ओर से डॉ. काशुमली बंडारू (एमटीओ) आदि मौजूद रहे।
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सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाएं विशेष जोखिम श्रेणी में आती हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना बेहद आवश्यक है। एचआरपी महिलाओं की सही पहचान कर उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना ही सुरक्षित प्रसव की दिशा में सबसे अहम कदम है। प्रशिक्षण में गर्भवती महिलाओं में खून की कमी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उम्र से संबंधित जोखिम और पूर्व प्रसव जटिलताओं जैसे संकेतों को पहचानने पर विशेष जोर दिया गया। एमओआईसी डॉ. नीरज कुमार प्रभारी ने कहा कि यदि एएनएम और स्वास्थ्य कर्मी समय रहते उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान कर लें, तो जटिलताओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मंझनपुर अर्बन पीएचसी प्रभारी डॉ. रिया और डॉ. वर्षा ने भी प्रतिभागियों को व्यवहारिक जानकारी दी। इस मौके पर हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर छोटे कन्हैया सिंह, अपर शोध अधिकारी सूर्यभान यादव, बीसीपीएम घनश्याम पाल और अरमान संस्था की ओर से डॉ. काशुमली बंडारू (एमटीओ) आदि मौजूद रहे।
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