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सरायअकिल में एक्सपायर अंग्रेजी शराब बेचने पर दुकान सील
Mon, 22 Apr 2019 12:27 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Mon, 22 Apr 2019 12:27 AM IST
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wine
- फोटो : kaushambi
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सरायअकिल। एक्सपायर मदिरा बेचे जाने के आरोप में सरायअकिल स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान सील कर दी गई है। शिकायत मिलने पर डीएम के निर्देश पर दो बार अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे। पर, दोनों बार दुकान बंद मिली। इससे बिफरे अधिकारियों ने ये कार्रवाई कर दी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को शनिवार शाम सूचना मिली कि सरायअकिल में अंग्रेजी शराब की दुकान पर एक्सपायर मदिरा बेची जा रही है। इस पर उन्होंने एसडीएम चायल घनश्याम कुमार, आबकारी निरीक्षक अर्चना पांडेय व इंस्पेक्टर प्रदीप रॉय को मौके पर भेजा। अधिकारी रात करीब 9:45 बजे पहुंचे तो दुकान बंद मिली। इसके बाद शनिवार दोपहर 12:30 बजे भी दुकान पर ताला ही लटकता मिली। ऐसे में अधिकारियों को एक्सपायर मदिरा बेचने की खबर काफी हद तक सही लगी। एसडीएम ने दुकाल सील कर दी है। ठेकेदार को दुकान खोलने से पहले इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। एसडीएम ने बताया कि पहले निरीक्षण होगा। इसके बाद ही दुकान खोली जा सकेगी।
जिले की अधिकतर दुकानों पर मिलावटी अंग्रेजी शराब बेची जाती है। मुख्यालय के आसपास की दुकानों का तो हाल ही निराला है। यहां शराब के नाम पर पियक्कड़ों को नकली मदिरा पिलाई जा रहा है। करारी इलाके की दुकानों का भी यही हाल है। बताया जाता है कि पूरा खेल विभागीय अफसरों की मिलीभगत से होता है। यही वजह है कि कार्रवाई नहीं होती।
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डीएम मनीष कुमार वर्मा ने उपजिलाधिकारी को गोपनीय तरीके से छापेमारी करने का निर्देश दिया था। इसके बाद एसडीएम ने आबकारी अफसरों को सूचना दी। बताया जाता है कि इसी के बाद सेल्समैन दुकान बंद करके फरार हो गया। अब सवाल उठता है कि आखिर सेल्समैन या ठेकेदार को छापामारी की जानकारी हुई कैसे ? जांच कराई जाए तो इसमें आबकारी विभाग के कर्मचारियों की ही भूमिका संदिग्ध पाई जा सकती है।
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जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को शनिवार शाम सूचना मिली कि सरायअकिल में अंग्रेजी शराब की दुकान पर एक्सपायर मदिरा बेची जा रही है। इस पर उन्होंने एसडीएम चायल घनश्याम कुमार, आबकारी निरीक्षक अर्चना पांडेय व इंस्पेक्टर प्रदीप रॉय को मौके पर भेजा। अधिकारी रात करीब 9:45 बजे पहुंचे तो दुकान बंद मिली। इसके बाद शनिवार दोपहर 12:30 बजे भी दुकान पर ताला ही लटकता मिली। ऐसे में अधिकारियों को एक्सपायर मदिरा बेचने की खबर काफी हद तक सही लगी। एसडीएम ने दुकाल सील कर दी है। ठेकेदार को दुकान खोलने से पहले इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। एसडीएम ने बताया कि पहले निरीक्षण होगा। इसके बाद ही दुकान खोली जा सकेगी।
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जिले की अधिकतर दुकानों पर मिलावटी अंग्रेजी शराब बेची जाती है। मुख्यालय के आसपास की दुकानों का तो हाल ही निराला है। यहां शराब के नाम पर पियक्कड़ों को नकली मदिरा पिलाई जा रहा है। करारी इलाके की दुकानों का भी यही हाल है। बताया जाता है कि पूरा खेल विभागीय अफसरों की मिलीभगत से होता है। यही वजह है कि कार्रवाई नहीं होती।
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डीएम मनीष कुमार वर्मा ने उपजिलाधिकारी को गोपनीय तरीके से छापेमारी करने का निर्देश दिया था। इसके बाद एसडीएम ने आबकारी अफसरों को सूचना दी। बताया जाता है कि इसी के बाद सेल्समैन दुकान बंद करके फरार हो गया। अब सवाल उठता है कि आखिर सेल्समैन या ठेकेदार को छापामारी की जानकारी हुई कैसे ? जांच कराई जाए तो इसमें आबकारी विभाग के कर्मचारियों की ही भूमिका संदिग्ध पाई जा सकती है।