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कौशाम्बी में मौत का कारोबार, अफसर बेफ्रिक!
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:32 AM IST
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कौशाम्बी में मौत का कारोबार कुटीर उद्योग बनता जा रहा है। गांव-गांव दिन रात शराब की भट्ठियां धुआं उगल रही हैं। इस धंधे में अजुहा के साथ पश्चिमशरीरा भी अव्वल है। सोमवार को अजुहा इलाके के एक घर में कुछ ऐसा मंजर देखा गया जहां खुलेआम शराब की दो भट्ठियां धुआं उगल रही थीं। और भट्ठी के पास ही नशे में धुत होकर एक युवक पड़ा था। इसके बाद भी पुलिस के साथ ही आबकारी विभाग के अफसर बेफ्रिक बने हुए हैं।
गंगा-यमुना के बीच बसा कौशाम्बी जिला हमेशा सुर्खियों में रहा है। यहां कच्ची शराब का काला कारोबार अर्से से चल रहा है। प्रतिदिन हजारों लीटर शराब बनाकर इलाके में बेंची जाती है। पुलिस की धर पकड़ में भी अक्सर इसका खुलासा होता है। लेकिन पुलिस और आबकारी की कार्रवाई 5-10 लीटर शराब बरामदगी तक ही सिमट कर रह गई है। कौशाम्बी के 50 से अधिक गांव और मजरों में दिन-रात शराब बनाने का कारोबार होता है। इस कुटीर धंधे में आबकारी के साथ इलाकाई पुलिस की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो मोटी रकम के आगे कार्रवाई न करना जिम्मेदारों की आदत बन गई है। जिले में चल रहे इस मौत के कारोबार से अफ सर भी बेफ्रिक हैं।
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गंगा-यमुना के बीच बसा कौशाम्बी जिला हमेशा सुर्खियों में रहा है। यहां कच्ची शराब का काला कारोबार अर्से से चल रहा है। प्रतिदिन हजारों लीटर शराब बनाकर इलाके में बेंची जाती है। पुलिस की धर पकड़ में भी अक्सर इसका खुलासा होता है। लेकिन पुलिस और आबकारी की कार्रवाई 5-10 लीटर शराब बरामदगी तक ही सिमट कर रह गई है। कौशाम्बी के 50 से अधिक गांव और मजरों में दिन-रात शराब बनाने का कारोबार होता है। इस कुटीर धंधे में आबकारी के साथ इलाकाई पुलिस की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो मोटी रकम के आगे कार्रवाई न करना जिम्मेदारों की आदत बन गई है। जिले में चल रहे इस मौत के कारोबार से अफ सर भी बेफ्रिक हैं।
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