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जिला जेल के निर्माण में करोड़ों का घोटाला

Tue, 14 Nov 2017 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Tue, 14 Nov 2017 01:22 AM IST
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Distric jail construction
crime
कौशाम्बी की जिला जेल के निर्माण में करोड़ों का घोटाला हुआ है। कार्यदायी संस्था ने खेल करते हुए 14 साल में 14 करोड़ का बजट बढ़ा दिया। स्वीकृत बजट 12 की जगह 22 करोड़ रुपए आहरित करने के बावजूद काम पूरा नहीं हो सका है। कार्यदायी संस्था ने चौथी बार 26 करोड़ के संशोधित बजट की डिमांड कर दी है। मगर जेल प्रशासन ने आगे फूटी कौड़ी देने से इंकार कर दिया है।
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वर्ष 2003 में तत्कालीन बसपा सरकार ने कौशाम्बी में 12 करोड़ 45 लाख की लागत से जिला कारागार के निर्माण की स्वीकृति दी थी। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को जेल तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसी बीच साल भर बाद सपा सरकार ने कौशाम्बी जिले का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया। इसके चलते कुछ दिन के लिए निर्माण कार्य ठप हो गया। वर्ष 2006 में दोबारा निर्माण शुरू करने के लिए कार्यदायी संस्था ने 16 करोड़ 18 लाख के पुनरीक्षित बजट की डिमांड की। शासन की ओर से धनराशि आवंटित होने के बाद कार्यदायी संस्था ने रकम निकाल ली पर निर्माण नहीं किया गया। चार साल बाद एक बार फिर से कार्यदायी संस्था ने एस्टीमेट बढ़ाकर 22 करोड़ 12 लाख रुपए कर पुनरीक्षित बजट की मांग की।
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इस मर्तबा भी धनराशि रिलीज कर दी गई। निर्धारित समय गुजरने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। इधर भारतीय किसान यूनियन की तरफ से जल्द जेल चालू करने के लिए आंदोलन शुरू हो गया। बढ़ते दबाव को देखते हुए जेल प्रशासन ने वर्ष 2013 में इस शर्त पर भवन हैंडओवर ले लिया कि बाकी बचे काम जल्द से जल्द पूरा करा दिए जाएंगे। पर, काम कराना तो दूर संस्था के ठेकेदार भाग खड़े हुए। इधर बीच आधे-अधूरे जेल में दिक्कतें बढ़ीं तो कारागार प्रशासन ने काम पूरा कराने का दबाव बनाया तो संस्था ने एक बार फिर 26 करोड़ 69 लाख के पुनरीक्षित बजट की पेशकश कर दी। डीआईजी जेल मुख्यालय आरपी सिंह ने आगे फूटी कौड़ी देने से इंकार कर दिया है।
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